योगी जी, मैं जिंदा हूं! भाई ने मृत दिखाकर हड़पी संपत्ति, लेखपाल पर मिलीभगत का आरोप
हेमराज ने लेखपाल पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया है। एसडीएम सुनिष्ठा सिंह ने मामले की जांच तहसीलदार को सौंपी है, जिससे तहसील में हड़कंप मच गया है। ...और पढ़ें


समय कम है?
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संवाद सूत्र, करहल। योगी जी, मैं जिंदा हूं, मैं अभी मरा नहीं हूं। फिर भी मेरे भाई ने सारी संपत्ति हड़पने के लिए खतौनी विरासत के कागजों में मुझे मृत दर्शाकर अपने नाम में दर्ज करा ली। यह व्यथा गुरुवार को तहसील आए एक व्यक्ति ने अपने जिंदा होने का सबूत देकर एसडीएम के समक्ष रखी। उसने मामले में लेखपाल की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
तहसील में आए व्यक्ति ने एसडीएम के समक्ष खुद के जिंदा होने की बात कहते हुए की जांच की मांग
तहसील क्षेत्र के गांव धोबई निवासी हेमराज का कहना है कि उसके पिता रामेश्वर दयाल की मृत्यु हो चुकी है। हेमराज ने राजस्व टीम पर आरोप लगाते हुए कहा कि टीम ने मोटी रकम लेकर गलत तरीके से हेमराज को मृत दिखा दिया और पिता की सारी संपत्ति रामू के नाम कर दी है, जबकि वह आज भी जीवित है। उसने आरोप लगाया कि उसके भाई रामू ने क्षेत्रीय लेखपाल के साथ सांठगांठ कर संपत्ति विरासत में दर्ज कर दी है।
एसडीएम ने सौंपी तहसीलदार को जांच
पीड़ित ने एसडीएम के सामने खुद के जिंदा खड़े होने की बात कहते हुए शिकायती पत्र दिया। एसडीएम सुनिष्ठा सिंह ने मामले की जांच तहसीलदार को सौंपी है। तहसील में मामला सामने आने पर चर्चा का विषय बना रहा। वहीं तहसील की राजस्व टीम पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।