Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    योगी जी, मैं जिंदा हूं! भाई ने मृत दिखाकर हड़पी संपत्ति, लेखपाल पर मिलीभगत का आरोप

    Updated: Sat, 18 Apr 2026 01:24 PM (IST)

    हेमराज ने लेखपाल पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया है। एसडीएम सुनिष्ठा सिंह ने मामले की जांच तहसीलदार को सौंपी है, जिससे तहसील में हड़कंप मच गया है। ...और पढ़ें

    News Article Hero Image
    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    संवाद सूत्र, करहल। योगी जी, मैं जिंदा हूं, मैं अभी मरा नहीं हूं। फिर भी मेरे भाई ने सारी संपत्ति हड़पने के लिए खतौनी विरासत के कागजों में मुझे मृत दर्शाकर अपने नाम में दर्ज करा ली। यह व्यथा गुरुवार को तहसील आए एक व्यक्ति ने अपने जिंदा होने का सबूत देकर एसडीएम के समक्ष रखी। उसने मामले में लेखपाल की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

    तहसील में आए व्यक्ति ने एसडीएम के समक्ष खुद के जिंदा होने की बात कहते हुए की जांच की मांग

    तहसील क्षेत्र के गांव धोबई निवासी हेमराज का कहना है कि उसके पिता रामेश्वर दयाल की मृत्यु हो चुकी है। हेमराज ने राजस्व टीम पर आरोप लगाते हुए कहा कि टीम ने मोटी रकम लेकर गलत तरीके से हेमराज को मृत दिखा दिया और पिता की सारी संपत्ति रामू के नाम कर दी है, जबकि वह आज भी जीवित है। उसने आरोप लगाया कि उसके भाई रामू ने क्षेत्रीय लेखपाल के साथ सांठगांठ कर संपत्ति विरासत में दर्ज कर दी है।

    एसडीएम ने सौंपी तहसीलदार को जांच

    पीड़ित ने एसडीएम के सामने खुद के जिंदा खड़े होने की बात कहते हुए शिकायती पत्र दिया। एसडीएम सुनिष्ठा सिंह ने मामले की जांच तहसीलदार को सौंपी है। तहसील में मामला सामने आने पर चर्चा का विषय बना रहा। वहीं तहसील की राजस्व टीम पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।

    यह भी पढ़ें- फिरोजाबाद में तहसीलदार बोलीं- iPhone में पड़ी है डीएम की सिम, बिल मेरे पास; छुट्टी के नाम पर अधिकारियों का शोषण

    यह भी पढ़ें- फिरोजाबाद: गलत जानकारी देने वाले मुश्किल में, 30 लाख से अधिक के बैनामों पर आयकर विभाग की पैनी नजर

    खबरें और भी