मोर-मुकुट और रत्नजड़ित श्रृंगार, अक्षय तृतीया पर बांकेबिहारी के चरण दर्शन को उमड़े भक्त; कारपेट से गुजर रहे श्रद्धालु
सुबह छह बजे मंदिर के पट खुलते ही हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। गर्मी से बचाव के लिए रास्तों पर कारपेट, पंखे और कूलर लगाए गए थे, जिससे भक्तों क ...और पढ़ें

ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में उमड़ी भीड़। फोटो क्रेडिट सोशल मीडिया ठाकुर बांकेबिहारीजी।

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संवाद सहयोगी, वृंदावन। मोर-मुकुट, कटि-काछनी सुनहरे श्रृंगार धारण कर हीरे, जवाहरात जड़े कटारे-टिपारे पहनकर जब ठाकुर बांकेबिहारी ने सोमवार की सुबह भक्तों को चरण दर्शन दिए, तो भक्त निहाल हो उठे। अक्षय तृतीया पर बुधवार को सुबह जब आराध्य बांकेबिहारी के चरणों की झलक भक्तों को मिली, तो इस अक्षय पुण्य को पाकर हर भक्त आल्हादित था।
सुबह छह बजे पट खुलते ही उमड़े भक्त
अक्षय तृतीया पर आराध्य बांकेबिहारी के चरण दर्शन को भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी, तो सुबह छह बजे मंदिर के पट खुले। ताकि भक्तों को सुविधा मिल सके। जब प्रतिदिन मंदिर खुलने के समय हुआ तब तक हजारों भक्त दर्शन करके मंदिर से निकल चुके थे। भक्तों की भीड़ से मंदिर के बाहर व्यवस्था संभालने में जुटी पुलिस को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था।

ठाकुर बांकेबिहारी।
एक दर्शन के लिए उतावले थे भक्त
जबकि मंदिर के अंदर रेलिंग में आराम से दर्शन मिल रहे थे। जितनी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे, उससे कई गुना अधिक श्रद्धालु मंदिर के बाहर आराध्य की दिव्य झांकी के दर्शन को उतावले हो रहे थे। प्रशासनिक व्यवस्था भी पूरी तरह मजबूत नजर आई। विद्यापीठ और जुगलघाट से कतारबद्ध होकर श्रद्धालु रेलिंग के अंदर से ही मंदिर तक पहुंच रहे थे।
कारपेट से गुजर रहे श्रद्धालु
गर्मी के दिनों में गर्म धरती पर नंगे पैर चलने में श्रद्धालुओं की दिक्कत को देखते हुए प्रशासन ने मंदिर आने वाले रास्तों पर कारपेट बिछाकर जगह जगह पंखा, कूलर लगाए हैं। ताकि श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।