अब नहीं होना पड़ेगा असहज, परिक्रमा के दौरान फीड करा सकेंगी मां; गोवर्धन में बनाया जा रहा फीडिंग रूम
गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर माताओं को बच्चों को स्तनपान कराने में अब असहजता नहीं होगी। आन्यौर में एक आधुनिक फीडिंग रूम और शिशु गृह तैयार किया जा रहा है, ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, मथुरा। अब गोवर्धन परिक्रमा लगाने वाली महिलाओं को अपने बच्चों को स्तनपान कराने के लिए असहज नहीं होना पड़ेगा। परिक्रमा में चाहे कितनी ही भीड़ हो, लेकिन एक ऐसा फीडिंग रूम और शिशु गृह तैयार किया गया है, जहां महिलाएं बिना किसी संकोच के अपने बच्चों को स्तनपान करा सकेंगी।
इस शिशु गृह में छोटे बच्चों के लिए झूले और पालने भी लगाए जाएंगे, ताकि किसी महिला के साथ एक से अधिक बच्चे हों तो भी कोई परेशानी न हो। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत जिले में महिला सशक्तीकरण और शिशु देखभाल की दिशा में एक सराहनीय कदम उठाया गया है। गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर अब परिक्रमा करने के दौरान भी माताएं अपने बच्चों को स्तनपान करा सकेंगी।
इसके लिए परिक्रमा मार्ग पर स्थित आन्यौर के पंचायत घर में महिलाओं के लिए एक आधुनिक फीडिंग रूम और शिशु गृह तैयार कराया जा रहा है। गोवर्धन परिक्रमा में प्रतिदिन देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और उनके छोटे बच्चे शामिल होते हैं। ऐसे में दुधमुंहे या बहुत छोटे बच्चे दुग्धपान के लिए लगातार मचलते रहते हैं।
परंतु माताओं के सामने दिक्कत यह रहती है कि भीड़भाड़ में बच्चों को कैसे दूध पिलाएं। ऐसी महिलाओं की परेशानी को समझते हुए ही आन्यौर के पुराने पंचायत घर का जीर्णोद्धार किया जा रहा, जहां शिशु गृह और फीडिंग रूम तैयार होगा।
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इस फीडिंग रूम और शिशु गृह बन जाने से परिक्रमा के लिए आने वाली माताओं को अपने शिशुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और एकांत में स्तनपान कराने की सुविधा मिलेगी। यहां झूले-पालने भी लगाए जाएंगे। पंचायत घर में चार कक्ष, एक हाल और शौचालय आदि में बने हैं, जिनका जीर्णोद्धार कराया जा रहा है।
महिलाओं को गोवर्धन परिक्रमा में बच्चों को स्तनपान कराने में आ रही परेशानियों को देखते हुए आन्यौर में फीडिंग रूम और शिशु गृह बनाया जा रहा है। इसमें छोटे बच्चों के लिए झूले और पालने भी लगाए जा रहे हैं।
डा. पूजा गुप्ता, मुख्य विकास अधिकारी