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    मथुरा में झमाझम बरसात से धान व बाजारा की कटी फसलें डूबीं, बिजली गिरने से एक महिला की मौत; किसान परेशान

    Updated: Tue, 30 Sep 2025 02:08 PM (IST)

    मथुरा में बेमौसम बारिश से किसान परेशान हैं खेतों में कटी फसलें जलमग्न हो गई हैं जिससे नुकसान की आशंका बढ़ गई है। धान और बाजरा की फसलें प्रभावित हुई है ...और पढ़ें

    बेमौसम बरसात से किसान हुए परेशान धान, बाजारा की कटी फसलें हो गई जलमग्न। जागरण
    बेमौसम बरसात से किसान हुए परेशान धान, बाजारा की कटी फसलें हो गई जलमग्न। जागरण

    HighLights

    1. बेमौसम बारिश से किसान परेशान |
    2. खेतों में कटी फसलें जलमग्न |
    3. बिजली गिरने से महिला की मृत्यु |

    जागरण टीम, मथुरा। बंगाली की खाड़ी में सिस्टम बनने पर एक दम मौसम का रुख बदल गया जिले के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बरसात हुई जिससे किसानों फसलें खेत खलिहानों में पड़ी जलमग्न हो गयी जिसमें धान बाजरा की फसलों में नुकसान होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

    मंगलवार सुबह चार बजे से आसमान में बादल छाए हुए थे सुबह सात बजे से दोपहर ग्यारह बजे तक झमाझम बरसात होती रही बेमौसम बरसात होने से किसान की फसलों में सड़न पैदा हो जाएगी। गांव सिहोरा, नगला तेजा, तारापुर, कारब, पचावर,नगला राना,नगला पतिया,रावल, नगला पोला, किशनपुर, खानपुर, बंदी आदि गांवों में धान, बाजरा की फसलों की कटाई शुरू हो चुकी हैं। किसानों की फसलें खेत खलिहानों पर पड़ी हुई हैं।

    खेतों में भरा पानी, कटी फसलें डूबीं

    अधिक बरसात होने से खेतों में पानी भर चुका है जिससे कटी फसलें जलमग्न हो चुकी हैं कटी फसलों में पानी भरने से फसलों की बालियों में सड़न पैदा हो जाएगी जिससे किसानों की फसलों में नुकसान होगा। किसान पहले आलू की मार से कराह रहा है आलू बाजार भाव में पिछड़ता जा रहा है जिससे किसानों की फसलें घाटे का सौदा बन रही हैं।

    आकाशीय बिजली से गिरने से महिला की मृत्यु 

    सुरीर। नगला जगरूपा में मंगलवार सुबह एक मकान पर बिजली गिरने से महिला की मृत्यु हो गई। वह वर्षा में भीगने से बचाने के लिए चूल्हा ढंकने को छत पर गईं थीं। बिजली की धमक से झीना और मुंडेर की ईंटें उखड़ कर गिर गईं और इंवर्टर समेत विद्युत उपकरण फुंक गए। जिसे देख स्वजन समेत ग्रामीण दहशत में आ गए।

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    मंगलवार की सुबह मौसम का मिजाज बदलने के साथ आसमान में बादल छा गए और गरज-चमक के साथ वर्षा होने लगी। जिसे देख सुरेशचंद्र की पत्नी मीरादेवी घर की छत पर खुले में रखे चूल्हे को भीगने से बचाने के लिए ढंकने गई थीं। तभी तेज आवाज के साथ उनके मकान पर बिजली गिर पड़ी। बिजली की तीव्रता इतनी भीषण थी कि चपेट में आने से महिला मीरा देवी की मौके पर मृत्यु हो गई।

    उपकरण धू−धू कर फुंके

    बिजली गिरने से उनके घर की मुंडेर और झीना की ईंटें उखड़ कर बिखर गईं। इंवर्टर समेत घर के अंदर रखे विद्युत उपकरण धू-धू कर फुंक गए। जिसे देख स्वजन दहशत में आ गए। स्वजन ने घर की छत पर जाकर देखा तो बिजली की चपेट में आने से मीरा देवी झुलसी पड़ी थी। स्वजन नजदीक हास्पिटल ले गए लेकिन डाक्टरों ने उन्हें मृत्यु घोषित कर दिया।

    नायब तहसीलदार ने दिलाया सहायता का भरोसा

    इसके बाद स्वजन ने महिला के शव को थाने पर ले जाकर पुलिस को उनकी बिजली से मृत्यु होने की जानकारी दी। सूचना पर नायब तहसीलदार राकेश कुमार शर्मा पहुंच गए। पंचनामा भरवाकर महिला के शव को पोस्टमार्टम को भिजवा दिया। नायब तहसीलदार ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने का भरोसा दिया है। इसके बाद नायब तहसीलदार राकेश शर्मा ने गांव नगला जगरूपा में जाकर आकाशीय बिजली गिरने से हुए नुकसान का निरीक्षण किया।

    कांप गई ग्रामीणों की रूह, दर्जनों घरों में फुंके उपकरण 

    गांव नगला जगरूपा में मंगलवार सुबह करीब आठ बजे तेज आवाज के साथ गिरी आकाशीय बिजली से ग्रामीणों की रूह कांप गई। आकाशीय बिजली से सुरेशचंद्र के अलावा आसपास दर्जनों घरों में इंवर्टर समेत विद्युत उपकरण फुंक गए। गोवर्धन वार्ष्णेय का कहना है कि वह सुबह अपनी दुकान पर बैठे थे। तभी आकाशीय बिजली गिरने की आवाज इतनी तेज थी मानो कोई बम फटा हो। वह दहशत में आकर कुर्सी से नीचे गिर पड़े और बाहर खड़े लोग भी डर कर दुकान में घुस गए।