IIT बाबा का फंसाने का तरीका, खुद को दिव्य शक्ति अवतार बताया; टेलीग्राम पर मैसेज कर 24 युवतियाें को फंसाया जाल में
आईआईटी रुड़की से पढ़े अभिषेक मिश्रा उर्फ आदिकर्ता नारायण दास को मथुरा में गिरफ्तार किया गया है। उस पर खुद को कृष्णावतार बताकर टेलीग्राम के जरिए 24 युव ...और पढ़ें

पुलिस गिरफ्त में युवतियों का शारीरिक शोषण करने वाला आइआइटियन बाबा अभिषेक मिश्रा।
जागरण संवाददाता, मथुरा। खुद को भगवान श्रीकृष्ण का अवतार बताने वाले आइआइटियन बाबा अभिषेक मिश्रा उर्फ आदिकर्ता नारायण दास की गिरफ्तारी के बाद उसके नेटवर्क को लेकर चौंकाने वाले राजफाश हो रहे हैं। उसने इंजीनियरिंग और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े युवक-युवतियों की एक संगठित चेन बना रखी थी।
इसी नेटवर्क के माध्यम से नई युवतियों को टेलीग्राम पर संदेश भेजकर जोड़ा जाता था। फिर उन्हें अध्यात्म के नाम पर अपने प्रभाव में ले जाता था। आइआइटी रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने वाला ओडिशा का अभिषेक मिश्रा चार वर्षों से शेरगढ़िया (राधाकुंज) क्षेत्र में रह रहा था।
वह खुद को कथावाचक व धार्मिक कथाकार के रूप में प्रस्तुत करता था। गोवर्धन में किराए के कमरा लेकर रहने वाली मध्यप्रदेश की एक युवती की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद उसे सोमवार देर शाम गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपित के संपर्क में 24 युवतियों के साक्ष्य मिले थे।
वह युवतियों को नशे की आदत डलवाकर दुष्कर्म करता था। स्वयं को कृष्णावतार बताकर युवतियों से गंधर्व विवाह रचाता था। पुलिस ने आरोपित को जेल भेज दिया है। पुलिस की जांच में नए-नए राजफाश हो रहे हैं।
अभिषेक मिश्रा उर्फ आदिकर्ता नारायण दास ने युवतियों तक पहुंच बनाने के लिए आधुनिक तकनीक और इंटरनेट मीडिया का सुनियोजित तरीके से इस्तेमाल किया। उसने इंजीनियरिंग और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े युवक-युवतियों की एक संगठित चेन बना रखी थी। इसी नेटवर्क के माध्यम से नई युवतियों को टेलीग्राम पर संदेश भेजकर जोड़ा जाता था।
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फिर उन्हें अध्यात्म के नाम पर अपने प्रभाव में ले जाता था। वह सीधे संपर्क करने के बजाय अपने प्रभाव में आ चुके युवक-युवतियों की मदद से नई युवतियों तक पहुंचता था। नेटवर्क से जुड़े लोग टेलीग्राम और अन्य इंटरनेट मीडिया माध्यमों पर अध्यात्म, आत्मज्ञान और जीवन की समस्याओं के समाधान से संबंधित संदेश भेजते थे।
इसके बाद इच्छुक युवतियों को अभिषेक मिश्रा के प्रवचन, वीडियो और आनलाइन बैठकों से जोड़ा जाता था। धीरे-धीरे उन्हें यह विश्वास दिलाया जाता था कि अभिषेक कोई सामान्य व्यक्ति नहीं बल्कि दिव्य शक्तियों से युक्त अवतार है।
जांच में यह भी आया है कि जो युवतियां शुरुआत में उसके दावों पर विश्वास नहीं करती थीं, उन्हें लगातार संवाद और तथाकथित आध्यात्मिक तर्कों के माध्यम से प्रभावित किया जाता था।
लगातार संपर्क और विचारधारात्मक प्रभाव के कारण युवतियां उसके झांसे में आ जाती थीं। विश्वास कायम होने के बाद युवतियों को राधाकुंड स्थित आश्रम आने के लिए प्रेरित किया जाता था। वहां उन्हें विशेष साधना, आध्यात्मिक उन्नति और ईश्वर से साक्षात्कार जैसी बातें बताई जाती थीं। इसी दौरान आरोपित अभिषेक मिश्रा युवतियों का यौन शोषण कर लेता था।
लैपटाॅप और गैजेट्स को खंगाल रही पुलिस, कराया गया री-स्टोर
पुलिस आरोपित मोबाइल, टेलीग्राम समूह, लैपटाप, और गैजेट्स को खंगाल रही है। लैपटाप को री-स्टोर कराने व अन्य जानकारी जुटाने के लिए विशेषज्ञों के पास भेजा गया है।
पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ पीड़ितों की संख्या और बढ़ सकती है। पुलिस उन युवक-युवतियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है, जो उसके नेटवर्क का हिस्सा बनकर नई युवतियों को जोड़ने का काम करते थे।
कई युवतियों के स्वजन से संपर्क किया जा रहा है, ताकि आरोपित के लिए और भी साक्ष्य मिल सके। लैपटाॅप व अन्य सामान की जांच की जा रही है। कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की संभावना है।
-सुरेश चंद्र रावत, एसपी ग्रामीण