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    जय गुरु देव आश्रम पर उमड़ी लाखों की भीड़, पंकज महाराज बोले... गुरु के ध्यान व सत्संग से ही आत्मा का कल्याण संभव

    By Virendra Kumar Verma Edited By: Prateek Gupta
    Updated: Wed, 29 Jul 2026 09:46 PM (IST)

    जय गुरुदेव आश्रम, मथुरा में गुरु पूर्णिमा सत्संग मेले में पंकज जी महाराज ने कहा कि आत्मा का कल्याण गुरु के ध्यान व सत्संग से ही संभव है। उन्होंने लाखो ...और पढ़ें

    बाबा जय गुरुदेव आश्रम में भक्तों को आशीर्वाद देते पंकज महाराज।

    बाबा जय गुरुदेव आश्रम में भक्तों को आशीर्वाद देते पंकज महाराज।

    जागरण संवाददाता, मथुरा। जय गुरुदेव आश्रम में गुरु पूर्णिमा के सत्संग मेले में संस्थाध्यक्ष पंकज जी महाराज ने कहा कि गुरु के ध्यान व सत्संग से ही आत्मा का कल्याण संभव है। कहा कि जिस प्रकार समुद्र की लहरों का संबंध समुद्र के साथ होता है, उसी तरह गुरु का संबंध शब्द के साथ होता है। इसलिए गुरु के ध्यान के माध्यम से शब्द सुरत को खींचकर अपने में मिला लेता है।

    ऐसी दशा में मन दुनिया की तरफ से सो जाता है और ईश्वर की तरफ से जाग जाता है। तीन दिवसीय सत्संग के दूसरे दिन पंकज महाराज ने लाखों अनुयायियों को संबोधित करते हुए कहा कि मन एक ही है, चाहे उसे दुनिया में लगाएं या गुरु की भक्ति में लगाएं। वह एक समय में एक ही जगह लगेगा। जब मन को दुनिया के प्यार से ऊंचा गुरु का प्यार मिलता है, तब मन दुनिया के मोह-प्यार को छोड़ने लगता है।

    गुरु की भक्ति केवल ईश्वर को पाने के लिए करनी चाहिए। कर्म प्रधान विश्व रचि राखा जो जस करै सो तस फल चाखा। पंक्ति का अर्थ बताते हुए कहा कि यह कर्म प्रधान देश है। कर्म से काया बनती है और काया से कर्म। युग बदलते रहते हैं, लेकिन कर्मों का कानून अटल है सदा से चला आ रहा है। बुरे कर्म यदि लोहे की जंजीर के समान हैं तो अच्छे कर्म सोने की बेड़ियां हैं

    महात्माओं के सत्संग में आने से वह कर्मों की माफी करा देते हैं। अपने घर सतलोक चलने की आशा बांधनी चाहिए। अबकी बार सौभाग्य से मनुष्य शरीर और गुरु मिल गए हैं। इसलिए उनके आदेशों का पालन कर अपने कर्मों की धुलाई करवा लेनी चाहिए।

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    सभी बच्चों में विद्या की ताकत छिपी होती है, लेकिन जो बच्चा स्कूल जाता है और गुरुजनों का कहना मानता है उसमें छिपी हुई ताकत जाग जाती है। जो स्कूल नहीं जाते हैं और गुरुजन की आज्ञा का उल्लंघन करते हैं उनके ज्ञान की ताकत छिपी हुई ही रहती है और ऐसे ही चली जाती है।

    Jay Guru Dev Ashram

    मथुरा में हाईवे पर स्थित जय गुरुदेव आश्रम पर बुधवार को अनुयायियों ने लाइन लगाकर दर्शन किए।

    आश्रम में सिमटा लघु भारत, अनुयायियों ने संभाली व्यवस्थाएं

    जय गुरुदेव आश्रम में सत्संग मेला में दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचे। अलग-अलग राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं के कारण ऐसा लगा मानों लघु भारत आश्रम में बस गया। श्रद्धालुओं ने सेवादारी की, यातायात व्यवस्था संभाली और भंडारे लगाकर श्रद्धालुओं को प्रसाद बांटा

    पंकज महाराज ने नाम योग साधना मंदिर और सत्संग भवन में गुरु पूजा, ध्यान और आरती के गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम की शुरुआत की। गुरु की तस्वीर पर चंदन टीका लगाया और आरती की। ध्यान लगाकर गुरु का स्मरण किया। श्रद्धालुओं ने लाइनों में लग कर अपने गुरु से दया याचना मांगी।

    उन्होंने नामदान देकर बताया गया कि यह जयगुरुदेव नाम का जहाज हमारे गुरु महाराज बाबा जयगुरुदेव ने लगाया है। दुनिया के जो जीव ‘जयगुरुदेव’ नाम का जाप करेंगे उनका भौतिक और आत्मिक कल्याण होगा। यहां दर्जनों जोड़ों का दहेज रहित विवाह हुआ।

    दिसंबर में होगा दादा गुरु का वार्षिक भंडारा

    पंकज महाराज ने दादा गुरु जी स्वामी घूरेलाल महाराज का वार्षिक भंडारा 17 से 21 दिसंबर तक जयगुरुदेव आश्रम मथुरा में मनाए जाने की घोषणा की। वार्षिक भंडारा कार्यक्रम से पहले सभी जिलों में शाकाहार-सदाचार, मद्यनिषेध के प्रचार के लिए बड़े स्तर पर जिलास्तरीय साइकिल यात्रा निकालने का आह्वान किया गया।