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    पहली बारिश में ही टपकने लगी अमृत भारत स्टेशन की नई छत, रायपुर की तरह नहीं बहा झरना; काेसीकलां में यात्रियों ने उठाए सवाल

    By Viveka Nand Edited By: Prateek Gupta
    Updated: Thu, 09 Jul 2026 09:45 PM (IST)

    कोसीकलां में 12.45 करोड़ रुपये की लागत से बने अमृत भारत रेलवे स्टेशन की छत पहली बरसात में ही टपकने लगी, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ गए ...और पढ़ें

    कोसीकलां में बने अमृत भारत स्टेशन की नई इमारत में छत से टपकता पानी।

    कोसीकलां में बने अमृत भारत स्टेशन की नई इमारत में छत से टपकता पानी।

    संवाद सूत्र, कोसीकलां (मथुरा)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 12.45 करोड़ रुपये की लागत से कोसीकलां में रेलवे स्टेशन भवन तैयार किया गया। मानसून की पहली वर्षा में ही नए स्टेशन भवन की छत कई स्थानों से टपकती नजर आई। छत में आईं दरारों से पानी रिसकर नीचे गिरता रहा। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।

    इस मामले की शिकायत किसान नेता ने पीएम कार्यालय में की है। वहीं किसी ने इसका वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर भी प्रसारित कर दिया। कोसीकलां में रेलवे द्वारा रेलवे स्टेशन का नया भवन बनाया गया है। इसके बनने के बाद से ही गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे थे। शिकायत पर लीपापोती करा दी गई। बुधवार रात्रि हुई वर्षा से यह भवन टपकने लगा।

    गुरुवार की सुबह लोग स्टेशन पहुंचे तो छतों में आईं दरारों से नीचे पानी कई जगह से टपक रहा था। वहीं भवन की छत पर कई जगह पानी जमा था। हाल की छत पर फिनिशिंग का कार्य भी पूरा नहीं हुआ है। कई स्थानों पर फर्श और अन्य कार्य अधूरे पड़े हैं। इसका किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया

    तमाम लोग निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करते नजर आए। निर्माण के बाद दैनिक जागरण ने मानक की अनदेखी का मामला उठाया था, लेकिन मरम्मत की कहकर अधिकारियों ने पल्ला झाड़ लिया था। गनीमत रही कि छत्तीसगढ़ के रायपुर स्टेशन की तरह यहां पंखों से झरना नहीं बहा। 

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    रेल मंत्रालय और पीएमओ तक शिकायत

    किसान नेता देवेंद्र सिंह ने रेलवे स्टेशन भवन के निर्माण की शिकायत रेल मंत्रालय एवं प्रधानमंत्री कार्यालय में की है। इसकी जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। किसान नेता ने बताया, वीडियो बनाकर रेलवे डीआरएम आगरा एवं अन्य जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की है।

    ये मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। अगर ऐसा है तो निर्माण करने वाली संबंधित एजेंसी को जांच एवं मरम्मत कार्य के लिए पत्र लिखा जाएगा।

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    -संजय कुमार, पीआरओ, रेलवे आगरा।