Holi 2026: राधा के आंगन में उड़ा अबीर गुलाल, हुरियारिनों ने हुरियारों पर बरसाए प्रेम के लठ
मथुरा के महावन स्थित राधारानी की जन्मस्थली रावल गांव में होली का अद्भुत नजारा दिखा। हुरियारिनों ने लठ लेकर हुरियारों पर बरसाए, जिससे द्वापर युग जीवंत ...और पढ़ें

राधारानी को गुलाल लगाते सेवायत।
संवाद सूत्र, जागरण, महावन (मथुरा)। राधारानी की जन्मस्थली गांव रावल में होली पर सुबह से ही अद्भुत नजारा देखने को मिला। हुरियारिनें लठ लेकर मंदिर परिसर में पहुंची, जहां हुरियारे उन्हें चिढ़ाते हुए रसिया गाने लगे।
इस पर हुरियारिनों ने लठ बरसाने शुरू किए तो मंदिर प्रांगण में द्वापर युग जीवंत होने लगा। प्रातः साढ़े पांच बजे मंगला आरती दर्शन हुए, नौ बजे श्रृंगार दर्शन, दोपहर साढ़े बारह बजे राजभोग आरती दर्शन हुए।
दोपहर एक बजे संगीत मय रसिया गायन ब्रज रसिक संत मोहिनी शरण, अन्य कलाकारों द्वारा किया गया जिसमें खेलत श्याम गोरी रावल आज होरी, मैरो खोयगो बाजूबंद रसिया होरी में, आज बिरज में होरी रे रसिया, फाग में होरी खेले राधारानी जैसे अनेक रसियों का गायन किया।
दोपहर तीन बजे लठामार होली का शुभारंभ हुआ। श्रद्धालुओं के बीच राधारानी के मंदिर में अबीर गुलाल उड़ने लगा। टेसू के फूलों के रंग से श्रद्धालु सराबोर होने लगे।
मंदिर के सेवायत पुजारी राहुल कल्ला मुखिया शाम चार बजे राधारानी को गर्भ गृह से प्रांगण में लेकर आए, जहां आरती के बाद अबीर गुलाल लगाया, पुष्पों की वर्षा कर होली का शुभारंभ हुआ और मंदिर परिसर में राधारानी की जय-जयकार होने लगी।
श्रद्धालुओं ने राधारानी पर गुलाल डाल कर स्वयं को धन्य किया। शाम छः बजे संध्या आरती दर्शन, शाम साढ़े सात बजे शयन आरती की गई। रावल मंदिर के पुजारी द्वारा मंदिर परिसर में होली खेलने वाली 51 महिलाओं को फउआ (बर्तन में मिठाई) का वितरण किया गया।