मथुरा बलदेव विधायक का रिपोर्ट कार्ड: 14 वर्ष में यमुना एक्सप्रेसवे पर नहीं मिल पाया कट, खारे पानी में डूबीं उम्मीदें
बलदेव विधानसभा क्षेत्र में 14 साल से विधायक पूरन प्रकाश के कार्यकाल में विकास की धीमी गति और खारे पानी की समस्या बनी हुई है। यमुना एक्सप्रेसवे पर कट क ...और पढ़ें

मथुरा में बलदेव सीट से विधायक पूरन प्रकाश।
राकेश शर्मा, मथुरा। जिले में पांच विधानसभा क्षेत्र हैं, लेकिन जिस क्षेत्र में ब्रज के राजा दाऊजी महाराज विराजमान हैं, वह बलदेव विकास के मामले में आज भी सबसे पिछड़ा है। यह भी कह सकते हैं कि विकास के सूरज की किरणें यहां पूरी तरह अपना प्रकाश नहीं फैला पाईं। लगातार तीन बार से पूरन प्रकाश विधायक हैं, लेकिन मीठे पानी की आस में ग्रामीणों की जिंदगी आज भी खारी है।
बलदेव एक तो वैसे ही भूगर्भ जलस्तर काफी नीचे है, जहां पानी मिल रहा है, वहां खारी है। गंगाजल परियोजना का कार्य इतना धीमा है कि साल-दर-साल बस उम्मीदें बंध रही हैं। कई गांवों में सड़क आज भी चलने लायक नहीं है।
बलदेव विधानसभा की आबादी लगभग करीब छह लाख है। पिछले कुछ वर्षों में क्षेत्र में विकास तो हुआ है, लेकिन समस्याएं अभी भी खूब हैं। अब खारे पानी को ही ले लीजिए। गंगाजल परियोजना का काम दो वर्ष से चल रहा है, लेकिन अब तक पूरा नहीं हुआ। अभी भी करीब दो वर्ष लग सकते हैं। बलदेव कस्बे के बड़े हिस्से में भूगर्भ जल मीठा नहीं है।
आधा कस्बे के लोग करीब दो किमी दूर मुहल्ला सराय वाली बगीची और हनुमान चौराहा स्थित नलों से मीठा पानी लाते हैं। नगर पंचायत मीठे पानी की आपूर्ति करता था, वह जर्जर टंकी भी बीते वर्ष दिसंबर में गिरा दी गई, तो पानी का संकट और बढ़ गया। ज्यादातर बाजार से मीठा पानी खरीदकर पीते हैं, जिनकी स्थिति खरीदने की है, वह दूसरे क्षेत्रों में लगे नलों से पानी लाते हैं। राया क्षेत्र में भी खारे पानी की समस्या है।
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पूरन प्रकाश जब इस क्षेत्र से पहली बार विधायक बने, तब यमुना एक्सप्रेसवे शुरू हुआ। बलदेव में कट की मांग उठी, किसानों और ग्रामीणों ने आंदोलन किए। कई-कई दिन अनशन किया। विधायक ने वादा किया कि हम कट दिलाएंगे। पूरन प्रकाश क्षेत्र से तीसरी बार विधायक बन गए, 14 बरस बीत गए, लेकिन वह एक्सप्रेसवे पर कट नहीं दिला सके।
हां, इसके लिए उन्होंने विधानसभा से लेकर मुख्यमंत्री तक कई बार मांग उठाई। एक वर्ष पहले 14 करोड़ रुपये का प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग से बनवाकर शासन को भेजा, लेकिन अभी तक उसे भी स्वीकृति नहीं मिल सकी है। ऐसा नहीं है कि इस क्षेत्र में इन वर्षों में कोई विकास नहीं हुआ, लेकिन आज भी कई सड़कें ऐसी हैं, जो संवरने की राह देख रही हैं।
गांव सराय दाउद से मथुरा जाने के लिए कोई पक्का मार्ग नहीं है। यह हाल आज से नहीं है, आजादी के बाद से ग्रामीणों की उम्मीदें पूरी नहीं हुईं। जरा सी वर्षा में मार्ग पर कीचड़ भर जाता है, मजबूरी में ग्रामीणों को हाथरस के गांवों से होकर लंबा व असुविधाजनक रास्ता तय करना पड़ता है। गांव खड़ैरा में दो दर्जन गांवों का श्मशान घाट जाने वाला रास्ता जलभराव और कीचड़ से युक्त है।
कई बार शवयात्रा में जाने वाले लोग दलदल में फंसकर गिर जाते हैं। बलदेव के हनुमान चौराहा में नहर पर बनी पुलिया इतनी संकरी है कि दिन भर वाहनों का जाम रहता है। कई बार ग्रामीणों ने इसके चौड़ीकरण की मांग उठाई, लेकिन पूरी नहीं हुई।
क्या कहते हैं वर्तमान विधायक
विधायक निधि के पांच करोड़ में से चार करोड़ ही विकास कार्यों के लिए खर्च किए जाते हैं, लेकिन मैंने इससे कई गुणा अधिक खर्च किए हैं। विभिन्न योजनाओं के तहत लोकनिर्माण विभाग, तीर्थ विकास परिषद और त्वरित विकास योजना में इन कार्यों को कराया है। जिले में नगर निगम क्षेत्र को छोड़ दें तो बलदेव विधानसभा क्षेत्र में ही सबसे ज्यादा कार्य हुआ है।
हमने राया बाइपास बनवाया जो कि जनता की बहुत पुरानी मांग थी। सिक्सलेन वाला उत्तरी बाइपास बनवाया। 64 करोड़ से बलदेव से कैलाश मार्ग और 58 करोड़ जुगसना से घाटे तक का मार्ग बनवाया है। गोशाला से सादाबाद सीमा तक चौड़ीकरण 64 करोड़ से कराया। पीलीभीत बरेली मार्ग का बलदेव के हर गांव पर उतार और अंडरपास बनवाए।
नगला अकोस के लिए पुल और सड़क मार्ग बनवाए। यमुना एक्सप्रेसवे पर बलदेव कट के लिए लोनिवि से 14 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भिजवाया है। यह एक वादा है, जिसे पूरा करना शेष है।
-पूरन प्रकाश, विधायक, बलदेव विधानसभा क्षेत्र
क्या कहती हैं पिछले चुनाव की उपविजेता
सभी जानते हैं कि विधायक पूरन प्रकाश का कार्यकाल कैसा रहा है। जनता बहुत परेशान है। क्षेत्र में कोई विकास नहीं हुआ है। गांव-गांव में नाली, खड़ंजा, जलभराव और कीचड़ की समस्याएं हैं। आवागमन के लिए रास्ते तक नहीं हैं। लोग मुझे फोन कर अपनी समस्याएं बताते हैं। वह कहते हैं कि विधायक बिना समस्या सुने ही भगा देते हैं।
राया और फरह में खारे पानी की समस्या है। यह बहुत निराशाजनक है कि इतने समय विधायक रहने के बाद क्षेत्र में समस्याएं बरकरार हैं। उनके कार्यकाल को लेकर लोग निराश हैं।
-बबीता यादव, विधानसभा चुनाव 2022 की उपविजेता
ये है गणित
- 3,61379 कुल मतदाता
- 1,95,569 पुरुष मतदाता
- 1,66,379 महिला मतदाता