'मदद के लिए हाथ पैर मारे, करीब से देखी मौत'... मथुरा हादसे में बची महिला ने सुनाई रोंगटे खड़े करने वाली दास्तां
मथुरा में यमुना नदी में नाव पलटने के बाद लुधियाना की रजनी ने अपनी आपबीती सुनाई। कीर्तन के दौरान अचानक एक अनियंत्रित पीपे के पुल से टकराकर नाव पलट गई। ...और पढ़ें
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डूबने के बाद तीन बार नाव से टकराया सिर, करीब से नजर आई मौत
HighLights
अनियंत्रित पीपे के पुल से टकराई नाव।
रजनी ने तीन बार मौत को करीब से देखा।
नाविकों और गोताखोरों ने बचाया जान।
जागरण संवाददाता, मथुरा। मोटर बोट में सभी राधा-रानी के भजन-कीर्तन में मस्त थे। अचानक झटका लगा और नाव पलट गई। नदी के शांत पानी में चीख-पुकार मच गई। पानी में डूबने के बाद तीन बार नाव से सिर टकराया। हर बार मौत करीब से नजर आई।
आगे का कुछ भी याद नहीं कि कैसे अस्पताल पहुंच गई। सौ सैय्या अस्पताल में भर्ती डरी सहमी ने रजनी ने बताई आपबीती।
लुधियाना की रहने वाली रजनी ने बताया कि हम तो मगन होकर कीर्तन कर रहे थे। ढोलक बज रही थी। हमें लगा कि शायद नाव कीर्तन के लिए ही रोकी गई है।
पर तभी पता चला कि आगे एक पीपे का पुल बहुत तेजी से हमारी तरफ आ रहा है। यमुना में निर्माणाधीन पीपे का पुल पानी के तेज बहाव के कारण अनियंत्रित होकर उनकी नाव की ओर बढ़ रहा था। नाव चलाने वाले ने भी भरसक प्रयास किया, लेकिन पुल इतनी तेजी से आया कि उसने नाव को टक्कर मारकर पलट दिया।
महिला ने बताया कि वह तीन बार पानी में डूबीं और ऊपर आईं। तीनों बार उनका सिर नाव से लड़ गया। हर बार उन्हें मौत करीब नजर आ रही थी। कुछ लोग डूब गए तो कुछ मदद के लिए हाथ पैर मार रहे थे। उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और एक नाव का कुंडा पकड़ लिया।
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इसके बाद नाविकों ने भी अपनी ओर से बचाने की पूरी कोशिश की और सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट पानी में फेंके। कुछ गोताखोर भी कूद कर पहुंच गए और उनको बचा कर किनारे ले आए। रजनी ने बताया कि वह लुधियाना से अकेले आई हैं। हादसे के बाद उनकी बेटी ने अपने मथुरा के एक दोस्त को अस्पताल भेजा है।