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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Mathura Lathmaar Holi 2024: नंदगांव में उमड़ा लोगों का हुजूम, लट्ठमार होली खेलने पहुंचने लगे बरसाना के हुरियारे

    Updated: Tue, 19 Mar 2024 04:41 PM (IST)

    Mathura Lathmaar Holi latest News मथुरा में होली का रंग उड़ रहा है। देश-विदेश से लोग होली खेलने मथुरा पहुंच रहे हैं। नंदगांव में लट्ठमार होली को देखने ...और पढ़ें

    नंदगांव में उमड़ा लोगों का हुजूम, लट्ठमार होली खेलने पहुंचने लगे बरसाना के हुरियारे
    नंदगांव में उमड़ा लोगों का हुजूम, लट्ठमार होली खेलने पहुंचने लगे बरसाना के हुरियारे

    HighLights

    1. होली के रंग में रंगा मथुरा
    2. देश-विदेश से होली खेलने आ रहे लोग
    3. लट्ठमार होली खेलने पहुंचने लगे बरसाना के हुरियारे

    संवाद सहयोगी, वृंदावन। Mathura Lathmaar Holi 2024.. होली में अब मात्र चंद दिनों का समय रह गया है। वहीं मथुरा और वृंदावन में होली के रंग अभी से उड़ने लगे हैं। यहां तरह-तरह की होली होती है और सबसे खास है लट्ठमार होली। नंदगांव में लट्ठमार होली को देखने के लिए दूर-दराज से लोग आ रहे हैं। न सिर्फ भारत, बल्कि विदेशों से भी होली के रंग में रंगने के लिए लोग मथुरा और वृंदावन पहुंच रहे हैं।

    मंगलवार को नंदगांव में लट्ठमार होली देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ा। नंदगांव की हुरियारिन से होली खेलने के लिए बरसाना के हुरियारे भी पहुंचने लगे हैं। लगातार बढ़ती भीड़ के बीच हवा में सिर्फ रंग ही रंग देखने को मिल रहा है। वहीं, प्रशासन ने भी होली को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी है।

    रंग और लाठियों से हुआ हुरियारों का स्वागत

    मंगलवार को बरसाना से नंदगांव पहुंचे हुरियारों का रंग और लाठियों से स्वागत किया गया। नंदीश्वर पर्वत पर स्थित नंदभवन में नंदगांव की हुरियारिनों ने बरसाना के हुरियारों पर खूब प्रेमपगी लाठियां बरसाईं। हुरियारों ने ढाल से हर वार का बचाव किया। पुरातन संस्कृति से सजी नंदगांव की लट्ठमार होली ने द्वापरयुगीन उत्सव को जीवंत कर दिया। नंदगांव में रंगों की झमाझम वर्षा सुबह से ही तन-मन को तरबतर करती रही। भक्ति में मस्ती का उत्सव नंद भवन के आंगन में सिमटा रहा। मर्यादा के लंबे घूंघट की ओट से हंसी ठिठोली का मस्ती भरे लहजे से जवाब मिला। प्रेम से पगे लठ खाने के लिए हुरियारों का उल्लास भी चरम पर था।

    राधा रानी की सखियों ने बरसाए लट्ठ

    बरसाना में जाकर राधा रानी की सखियों के लट्ठों से घायल हुए हुरियारों का आज नंदगांव की हुरियारिनों ने लट्ठों से सबक सिखाकर बदला लिया। नंद भवन के वातावरण में घुली मस्ती कृष्ण-बलराम और राधारानी की होली का यशोगान करती रही।

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    रंगों से सराबोर हंसी मजाक करते रहे हुरियारे

    बरसाना से नंदगांव पहुंचे हुरियारों का यशोदा कुंड पर नंदगांव के लोगों ने स्वागत किया। यहां से तैयार होकर हुरियारे कान्हा से फगुआ मांगने के बहाने से होली खेलने नंद भवन पहुंचे। लठामार होली से पूर्व बरसाना और नंदगांव के गोस्वामी समाज के बीच गायन हुआ। करीब एक घंटे तक रंगों से सराबोर होने के बाद बरसाने के हुरियारे नंदगांव की गोपियों से हंसी मजाक करते हुए रंगीली गली से निकले।

    शुरू हो गई लट्ठमार होली

    गोपियों के साथ होली के रसियों का गायन कर नृत्य किया। हुरियारों ने जिस ऊंची आवाज से गाली का प्रयोग किया, उसी दमखम से नंदगांव की हुरियारिनों ने लट्ठ मारना शुरू कर दिया। इसी के साथ लठामार होली शुरू हो गई। हुरियारिन पूरे जोश से लठ चला रही थीं, तो बरसाने के हुरियारे भी उछलते कूदते हुए अपनी ढाल से बचाव कर रहे थे। सूर्य ने ढलने का इशारा किया तो लठामार होली ने उत्सव को विराम दे दिया।

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