मुड़िया मेला: मथुरा में शुरू होगा लोगों का रेला, पांच दिन तक रहेगी दिन-रात रौनक; तैयारियां पूरी
मथुरा के गोवर्धन में जगप्रसिद्ध मुड़िया मेला शनिवार से शुरू हो रहा है, जिसमें लाखों श्रद्धालु पांच दिनों तक गिरिराज महाराज की 21 किलोमीटर की परिक्रमा ...और पढ़ें

मथुरा में मेले के लिए सौंख बस अड्डे पर सजावट की गई है।
संवाद सूत्र, गोवर्धन (मथुरा)। जगप्रसिद्ध मुड़िया मेला का विधिवत शुभारंभ शनिवार से होगा। इसके साथ ही ब्रज की धरा पर आस्था का महासागर हिलोरें लेगा। अगले पांच दिनों तक दिन-रात लाखों श्रद्धालु गिरिराज महाराज की 21 किलोमीटर सप्तकोसीय परिक्रमा कर पुण्य कमाएंगे। शुक्रवार से ही गोवर्धन की गलियां, धर्मशालाएं, आश्रम और परिक्रमा मार्ग श्रद्धालुओं से दमकने लगे।
इस बार परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धा के साथ सेवा का भी विराट स्वरूप देखने को मिलेगा। जगह-जगह सेवाभावी संस्थाओं और श्रद्धालुओं ने विशाल भंडारों की व्यवस्था की है। कहीं गरमा-गरम पकौड़े, पूड़ी-सब्जी और मिठाई का प्रसाद मिलेगा तो कहीं ठंडी शिकंजी, शर्बत और पेयजल से श्रद्धालुओं की सेवा की जाएगी।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने मानसीगंगा के सभी प्रमुख घाटों पर बैरिकेडिंग कर प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया है, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे। मानसीगंगा के किनारों पर आकर्षक फव्वारे लगाए गए हैं, जो सुरक्षा के साथ सौंदर्य भी बढ़ा रहे हैं।
मेले की आभा को और भव्य बनाने के लिए दानघाटी मंदिर और मुकुट मुखारविंद मंदिर को रंग-बिरंगी झिलमिलाती रोशनी से सजाया गया है। रात के समय इन मंदिरों की छटा श्रद्धालुओं को बरबस अपनी ओर आकर्षित कर रही है।
गिरिराज महाराज का अभिषेक करने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दूध, प्रसाद और पूजन सामग्री की दुकानें 24 घंटे खुली रहेंगी, जिससे किसी भी समय आने वाले श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।
62 सेक्टर में बांटा गया मेला क्षेत्र
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मेला क्षेत्र को नौ सुपर जोन, 21 जोन और 62 सेक्टर में विभाजित किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत छह स्थायी और 37 अस्थायी पुलिस चौकियां, 31 वाच टावर, 150 बैरियर, 183 सीसीटीवी कैमरे तथा 350 पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। मुड़िया पूर्णिमा मेला केवल आस्था का नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का भी सबसे बड़ा उत्सव है।
देशभर से आए सेवाभावी श्रद्धालु निस्वार्थ भाव से परिक्रमार्थियों की सेवा में जुट चुके हैं। भंडारे, प्याऊ, चिकित्सा सहायता और विश्राम स्थलों पर सेवक चौबीसों घंटे तैयार रहेंगे। गिरिराज महाराज की पावन परिक्रमा में इस बार श्रद्धा, सेवा, सुरक्षा और सुव्यवस्था का ऐसा संगम देखने को मिलेगा, जो हर श्रद्धालु के मन में ब्रज की अविस्मरणीय छाप छोड़ जाएगा।
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मुड़़िया मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा हमारी प्राथमिकता है। श्रद्धालुओं को कोई कठिनाई न होने पाए, इसका भी हमने ध्यान रखा है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी सेवाभाव से इस काम में लगे हैं।
सीपी सिंह, डीएम