मथुरा में 'फरसा वाले बाबा' की मौत पर भड़का बवाल, पुलिस पर पथराव में कई घायल; डीएम ने बताया ट्रक में क्या था?
मथुरा में गोतस्करों का पीछा करते समय गोरक्षक चंद्रशेखर उर्फ 'फरसा वाले बाबा' की मृत्यु हो गई। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। जिलाधिकारी ...और पढ़ें
HighLights
गोतस्करों का पीछा करते हुए गोरक्षक 'फरसा वाले बाबा' की मृत्यु
आक्रोशित भीड़ ने हाईवे जाम कर पुलिस पर किया पथराव
पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल, पुलिस ने किया लाठीचार्ज
जागरण संवाददाता, मथुरा। गोवंशी के शक में हरियाणा सीमा पर कंटेनर को रुकवाकर चेकिंग करते समय शनिवार सुबह चार बजे घने कोहरे में तेज रफ्तार ट्रक ने कंटेनर को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में गोरक्षक फरसा वाले बाबा की मृत्यु हो गई,ट्रक चालक गंभीर घायल हो गया। बाबा की मृत्यु के बाद जमकर बवाल हुआ।
समर्थकों ने गोतस्करों द्वारा बाबा को कुचलने का आरोप लगाकर आगरा-दिल्ली हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। पुलिस पर जमकर पथराव किया, हवाई फायरिंग की। दो दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। आधा दर्जन से अधिक समर्थकों को भी चोटें आईं।
पुलिस ने जवाब में रबड़ बुलेट दागीं और आसू गैस के गोले छोड़े। एक दर्जन गाड़ियां भी पथराव में क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस ने डेढ़ दर्जन गोरक्षकों को हिरासत में ले लिया है। 30 नामजद व 250 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। हादसे में घायल ट्रक चालक ने भी आगरा में दम तोड़ दिया।

चंद्रशेखर, फरसा वाले बाबा। फाइल
गोशाला चलाते थे बाबा
बरसाना थाना क्षेत्र के गांव आजनौख में 55 वर्षीय चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा गोशाला चलाते थे। गोरक्षा दल फरसा वाली टीम के नाम एक संगठन भी बना रखा था। उन्हें एक कंटेनर में गोवंशी हरियाणा ले जाने की सूचना मिली थी। आगरा-दिल्ली हाईवे पर कंटेनर का इंतजार कर रहे थे। सुबह पौने चार बजे नागालैंड नंबर के कंटेनर को उन्होंने रुकने का इशारा किया, लेकिन वह तेज रफ्तार में भागने लगा।
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कंटेनर की सील को खाेल रहे थे
बाबा ने साथी के साथ बाइक से पीछा किया। कोसीकलां में हरियाणा सीमा पर गांव नवीपुर के समीप चालक कंटेनर को सड़क पर छोड़ भाग गया। सुबह चार बजे बाबा पीछे चढ़कर कंटेनर में लगी सील को खोल रहे थे। इसी दौरान घने कोहरे में पीछे से आ रहे तार लदे ट्रक ने कंटेनर में टक्कर मार दी। हादसे में बाबा की मौके पर ही मृत्यु हो गई। ट्रक चालक खुर्शीद निवासी अलवर गंभीर घायल हो गया, बाद में आगरा में मृत्यु हो गई। पुलिस भी मौके पर पहुंची।
छाता-बरसाना मार्ग स्थित हाईवे पर जाम लगा दिया
समर्थक बाबा का शव लेकर आजनौख स्थित गोशाला पहुंचे। पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस की लोगों से वार्ता चल रही थी, इसी बीच साढ़े सात बजे समर्थक बाबा के शव को मैक्स में रख छाता-बरसाना मार्ग स्थित हाईवे पर जाम लगा दिया। आरोप लगाया कि गोतस्करों ने बाबा की हत्या की है।
इंटरनेट मीडिया में हत्या की खबर फैली
इंटरनेट मीडिया में हत्या की खबर फैली, तो हजारों की संख्या में लोग पहुंच गए। राष्ट्रपति के जिले में होने के दौरान हंगामे की सूचना पर प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए। अधिकारी 15 थानों की पुलिस और तीन कंपनी पीएसी के साथ पहुंचे। पुलिस ने भीड़ को इधर-उधर करने के लिए डंडा चला दिया। इससे अफरा-तफरी मचने से बवाल बढ़ गया।
समर्थकों ने पुलिस पर किया पथराव और फायर
समर्थकों ने पुलिस पर पथराव और कई राउंड फायरिंग की। पथराव में दो दर्जन पुलिसकर्मी चोटिल हो गए। एक दर्जन वाहन क्षतिग्रस्त हो गे। पुलिस ने रबड़ की गोलियां चलाईं। इसमें करीब आधा दर्जन समर्थक घायल हुए। आंसू गैस के गोले भी दागे। डीआइजी शैलेष कुमार पांडेय भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति को संभाला और समर्थकों से वार्ता कर शव को गोशाला भेज दिया। सुबह साढ़े 11 बजे हाईवे पर यातायात सुचारू हुआ।
डीएम और एसएसपी मौके पर पहुंचे
इधर, गोशाला में भी समर्थक हंगामा करते रहे। बाद में डीएम सीपी सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार मौके पर पहुंचे। डीएम ने गोरक्षकों की मांगें मानने की सहमति दी। दोपहर तीन बजे शव का अंतिम संस्कार हुआ। डीआइजी ने बताया कि कंटेनर में शैंपू और किराने का सामान भरा था, उसे थाना पर खड़ा करा लिया गया है।
बाबा की गोशाला की खंड विकास अधिकारी देखरेख करेंगे। बाबा को बलिदानी का दर्जा व स्मारक की मांग की गई। गोरक्षकों को लाइसेंस की मांग की गई। जो पात्र होगा, उसके अनुसार नियमानुसार विचार किया जाएगा। चौकी खोलने और टास्क फोर्स की मांग भी की गई है। इसे भी पूरा कराने का आश्वासन दिया है।
सीपी सिंह, डीएम।