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Raksha Bandhan 2026: घेवर और सूतफैनी से सजेगा मिठास का त्योहार, ब्रज की ये मिठाइयां हैं खास

Published: Wed, 26 Aug 2026 03:34 PM (IST)Updated: Wed, 26 Aug 2026 03:40 PM (IST)

Rakshabandhan Ghevar घेवर और सूतफैनी के बिना ब्रज में रक्षाबंधन का त्योहार अधूरा माना जाता है। इस साल 28 अगस्त ...और पढ़ें

Raksha Bandhan Ghevar Soot Feni सांकेतिक तस्वीर।

 Raksha Bandhan Ghevar Soot Feni सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. घेवर और सूतफैनी ब्रज में रक्षाबंधन की पहचान।

  2. बाजार में 20 से अधिक फ्लेवर के घेवर उपलब्ध।

  3. गोल्डन घेवर सबसे महंगा, ₹1000 प्रति पीस।

डिजिटल डेस्क, मथुरा/आगरा। Rakhi Special Sweets, Raksha Bandhan Sweets, रक्षाबंधन पर मिठाई: त्योहार हो और मीठे की बात ना हो, ये हो नहीं सकता। राखी का पर्व आते ही मुंह में मिठास घोलने वाले घेवर और सूतफैनी नाम सबसे पहले आता है। वैसे भी ब्रज में रक्षाबंधन का त्योहार घेवर के बिना अधूरा माना जाता है। बाजार में मिठाई की दुकानों से आने वाली खुशबू लोगों को अपनी तरफ खींचती है। अब बाजार में देशी घी से बने सादा और कई तरह के घेवर की डिमांड है। सूत फैनी के बिना सावन का आनंद अधूरा रहता है।

मैदा को तार-तार कर सूतफैनी तैयार की जाती है। फैनी बनाने के लिए खास कारीगरी की जरूरत होती है, इसे हर कोई नहीं बना सकता है, इसे बनाने के लिए कोई मशीन अब तक नहीं बनी है।

ब्रज में सीजनल है घेवर

जयपुर में घेवर कई महीनों तक मिल सकता है, लेकिन ब्रज में यह मिठाई सीजनल ज्यादा है। शादी-ब्याह में तो घेवर आम बात है, लेकिन दुकानों पर यह केवल आषाढ़-सावन में ही मिलता है। घेवर की मिठाई आगरा में आषाढ़ और सावन के महीने में ही बनती और मिलती है। आज बाजार में देशी घी से बने सादा घेवर से लेकर चॉकलेट, केसर, पिस्ता, ड्राई फ्रूट, स्ट्राबेरी घेवर समेत 20 से अधिक फ्लेवर का घेवर स्वाद के शौकीनों को लुभा रहा है।

बाजार में 760 रुपये प्रति किग्रा से लेकर चार हजार रुपये प्रति किग्रा तक का घेवर उपलब्ध हैं। हालांकि, पिछले वर्ष की अपेक्षा घेवर का मूल्य 60 से 80 रुपये प्रति किग्रा तक बढ़ गया है।

28 अगस्त को मनेगा रक्षाबंधन

इस वर्ष रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। इसे देखते हुए हलवाइयों की दुकानें और स्टोर सजने लगे हैं। बाजार में कई फ्लेवर के घेवर मिल रहे हैं। इनमें सादा व मलाई घेवर के साथ ही चाकलेट, बादाम, पिस्ता, केसर, रोज, मैंगो, केसर मलाई, चिलगोजा, ड्राई फ्रूट, स्ट्राबेरी, आरेंज, गोल्डन घेवर समेत कई फ्लेवर शामिल हैं।

हल्का कुरकुरा होता है घेवर

घेवर हल्का कुरकुरा मुलायम होता है, जो मुंह में जाते ही घुल जाता है। घेवर बनाने में जितने कम सामान का इस्तेमाल होता है, इसे बनाना उतना ही कठिन है। इसकी एक विशेष तकनीक होती है जो इसके स्वाद को और बढ़ा देती है। घेवर में घी, मैदा शक्कर और दूध इन चारों चीजों का इस्तेमाल होता है। गरम घी में इस तरह से तैयार किया जाता है कि इसका आकार मधुमक्खी के छत्ते की तरह हो जाता है। चासनी में डालने के बाद बड़े चाव से परोसा जाता है।

घेवर खरीदें पर सावधानी से

  • अच्छी क्वालिटी का घेवर करीब आठ घंटे तक स्वादिष्ट बना रह सकता है। हालांकि फ्रिज में यह 24 घंटे रखा रह सकता है
  • घेवर हमेशा प्रतिष्ठित दुकानों से ही लें, क्योंकि उनके यहां यह बनने के साथ ही बिकता रहता है और ताजा मिल सकता है
  • मलाई का घेवर खरीदने में देख लें कि बदबू तो नहीं अा रही है अथवा फफूंद तो नहीं पड़ गई
  • फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन विभाग द्वारा मिलावटखोरी के खिलाफ छापामारी न करने से मिलावट व अपमिश्रित और बासी घेवर बेचे जाने की आशंका बनी हुई है

गोल्डन घेवर है सबसे महंगा

ब्रज रसायनम द्वारा सोने के बरक लगा गोल्डन घेवर बनाया जा रहा है, जो सबसे महंगा है। इसका करीब 50-60 ग्राम वजन का एक पीस एक हजार रुपये का है।

पसंद किए जा रहे गिफ्ट हैंपर्स

रक्षाबंधन पर उपहार में देने के लिए बाजार में गिफ्ट हैंपर्स भी पसंद किए जा रहे हैं। यह 100 रुपये से लेकर 2500 रुपये तक की रेंज में हैं। इनमें चाकलेट, बिस्कुट, जूस, जैली, ड्राइ फ्रूट, नमकीन, कुकीज आदि पसंद किए जा रहे हैं।

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सूतफैनी बनाने की विधि

  • सूत फैनी बनाने के मैदे को पानी के साथ आटे की तरह गूंथा जाता है
  • कुछ समय बाद इसी आटे के बड़े-बड़े पेड़े बना लिए जाते हैं
  • बड़े पेड़े से सौ-सौ ग्राम के टुकड़े काट लिए जाते हैं
  • छोटे पेड़ों को बीच में छेद करके डालडा घी और रिफाइंड के घोल या देशी घी में भिगोया जाता है
  • रेशा बनाने के लिए पेड़ा निकाल कर उसे अंगुली में फंसा कर लंबाई में फैलाया जाता है, तीन बार फंदे लगाए जाते हैं
  • फंदे लगाने का तरीका निपुण कारीगर ही कर पाते हैं
  • इस प्रक्रिया में मैदे के पेड़े को तीन चरणों से गुजरना पड़ता है
  • घी से लबालब पेड़े को पहले चरण में चार फंदे लगाए जाते हैं, दूसरे-तीसरे चरण में तीन फंदे प्रत्येक बार लगाने जरूरी हैं
  • कुल 24 फंदे लगाए जाते हैं इसके बाद पेड़ो को ट्रे या अन्य बर्तन में आराम करने छोड़ दिया जाता है
  • मैदा गूंथने से लेकर फैनियों की तलाई तक की प्रक्रिया को दो से ढ़ाई घंटे का समय दिया जाता है

पसंद किए जा रहे क्वाइन घेवर

आगरा स्वीट्स एंड नमकीन मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार भगत ने बताया कि रक्षाबंधन पर घेवर व फैनी की बिक्री अधिक होती है। उनकी शॉप पर कई फ्लेवर के घेवर उपलब्ध हैं। गिफ्ट पैक में 200 से 250 ग्राम वजन के क्वाइन घेवर पसंद किए जा रहे हैं। यह 350 रुपये का है। उपहार में देने को 500 से 1500 रुपये की रेंज में गिफ्ट हैंपर्स उपलब्ध हैं।

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