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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 27, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Saint Premanand Maharaj: लोगों की जान लेने वालों का विनाश करना चाहिए... पहलगाम आतंकी हमले से आहत संत प्रेमानंद

    Updated: Sun, 27 Apr 2025 02:12 PM (IST)

    Saint Premanand Maharaj News संत प्रेमानंद ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा करते हुए कहा कि आतंकवादी शरीर में कैंसर की तरह हैं और उन्हें खत्म करना ही एकम ...और पढ़ें

    Saint Premanand Maharaj: संत प्रेमानंद महाराज की फोटो।
    Saint Premanand Maharaj: संत प्रेमानंद महाराज की फोटो।

    HighLights

    1. राक्षसी स्वभाव कभी धर्म नहीं हो सकता
    2. इनको दंड देना ही धर्म है

    संवाद सहयोगी, जागरण l वृंदावन। राधानाम की महिमा का बखान करने वाले संत प्रेमानंद पहलगाम में हुए आतंकी हमले से आहत हैं। संत प्रेमानंद ने कहा कि लोगों की जान लेने वाले अधर्मियों का विनाश करना चाहिए। जो अपनी मनमानी को धर्म का नाम देता है, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। हमें अगर पता चले कि शरीर के किसी हिस्से में कैंसर है, तो हम उसे काटकर जिंदगी बचाते हैं।

    श्रीराधा केलिकुंज के इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म भजन मार्ग आफीशियल पर जारी संवाद में संत प्रेमानंद ने कहा कि पहलगाम की घटना को लेकर देश में हर कोई अपने तरीके से आक्रोश जता रहा है। एक व्यक्ति अगर एक गांव नष्ट कर रहा है, जिला नष्ट कर रहा है, तो उस पर शासन को कार्रवाई करनी चाहिए।

    संत प्रेमानंद महाराज की फोटो।

    अगर हिंसा नहीं रोकी तो लाखों को मार देंगे

    संत प्रेमानंद ने कहा जो मलिन स्वभाव, राक्षसी स्वभाव के हैं, दूसरों की हत्या करना, दूसरों को पीड़ा देना, दूसरों का विनाश करना, ये राक्षसी स्वभाव कभी धर्म नहीं हो सकता। इनको दंड देना ही धर्म है। अगर, उसकी हिंसा नहीं रोकी गई तो वह लाखों को मार देंगे। 

    धर्माचार्य बोले व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों से मुस्लिमों का करें बहिष्कार

    काशी विद्वत परिषद पश्चिमी भारत के आह्वान पर संत व धर्माचार्यों ने शनिवार को बाजार में हिंदू जागरूकता अभियान चलाया। कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के विरोध में चलाए अभियान के तहत धर्माचार्यों ने व्यापारियों से अपने प्रतिष्ठानों पर मुस्लिमों को काम पर न रखने की अपील की। विद्यापीठ चौराहा से बांकेबिहारी मार्केट, अठखंभा तक चले जागरूकता अभियान में धर्माचार्य आतंकवाद के खिलाफ नारेबाजी करते चल रहे थे। पंकज शास्त्री ने व्यापारियों से आह्वान किया कि अगर आप अपनी बहन बेटियों को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो सबसे पहले मुस्लिम लोगों का अपने प्रतिष्ठानों पर काम करने का बहिष्कार करें।

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    प्रर्दशन के दौरान धर्माचार्य।

    बहिष्कार का दिया सुझाव

    आचार्य सुमंत कृष्ण शास्त्री ने कहा जिस तरह पहलगाम में जाति धर्म पूछकर हिंदू पर्यटकों की हत्या की गई है। अब हिंदुओं को भी जाति धर्म के आधार पर विधर्मियों का सार्वजनिक बहिष्कार करना चाहिए। आचार्य हरिहर मुदगल ने कहा अब कोई भाई चारा नहीं, बहुत होग गया अब मुंहतोड़ जवाब देने का समय आ गया है। आचार्य सुरेशचंद्र शास्त्री ने कहा इन विधर्मियों ने निरंतर हमारे सनातन को चोट पहुंचाई है। कभी हिंदुओं पर हमला, कभी गोमाता पर अत्याचार भारत सरकार को अब सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

    प्रियाशरण ने कहा इन जिहादियों को भारत से बाहर निकाल देना चाहिए। महामंडलेश्वर स्वामी वेदानंद, स्वामी हरि कृष्णानंद, आचार्य राजू भैया, अशोक कृष्ण, हरिवंश महाराज, बंटी बाबा, गोविंद खंडेलवाल समेत अनेक लोग मौजूद रहे।

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