विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Krisha Janmashtami 2026: मथुरा के मंदिरों में कब मनेगी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी? राधारमण में दिन में होगा जन्मोत्सव

Published: Wed, 02 Sep 2026 10:29 AM (IST)Updated: Wed, 02 Sep 2026 10:34 AM (IST)

Janmashtami 2026 ब्रज के मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। राधारमण मंदिर में दिन में ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. राधारमण मंदिर में दिन में होगा जन्मोत्सव

  2. बांकेबिहारी मंदिर में मंगला आरती की परंपरा

  3. श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर 4 सितंबर को आयोजन

संवाद सहयोगी, वृंदावन (मथुरा)। ब्रज में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की तैयारियां मंदिरों में जोर-शोर से चल रही हैं। राधारमण मंदिर में सुबह श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा, जिसमें सुबह नौ बजे महाभिषेक का आयोजन होगा। प्रेममंदिर, इस्कान मंदिर, चंद्रोदय मंदिर, रंगजी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में भी जन्मोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

राधारमण मंदिर में दिन में होगा जन्मोत्सव

भगवान श्रीराधाकृष्ण की लीलाभूमि वृंदावन में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव विभिन्न तरीकों से मनाया जाता है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सहित विश्वभर के मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव रात बारह बजे मनाया जाता है। राधारमण मंदिर में दिन में ठाकुरजी का प्राकट्योत्सव मनाने की परंपरा है।

बांकेबिहारी मंदिर में होगी मंगला आरती

ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में जन्मोत्सव की विशेष परंपरा है, जहां रात 12 बजे ठाकुरजी का पंचामृत से महाभिषेक होता है, लेकिन भक्तों को दर्शन नहीं मिलते। राधारमण मंदिर में दिन में ठाकुरजी का प्राकट्योत्सव मनाने की परंपरा है। सुबह नौ बजे से ठाकुरजी का महाभिषेक दूध, दही, शहद, शर्करा, बूरा और जड़ी-बूटियों से लगभग दो घंटे तक किया जाएगा। राधारमण मंदिर के साथ शाहजी और राधादामोदर मंदिर में भी दिन में ठाकुरजी का प्राकट्योत्सव होगा।

श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव चार सितंबर को 

मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव चार सितंबर को मनाया जाएगा। ठाकुरजी कलहंस पुष्प बंगला (देवताओं की भक्ति में लीन रहने वाला हंस) में विराजमान होंगे। सुबह 5.30 बजे से रात 1.30 बजे तक श्रद्धालुओं का प्रवेश हो सकेगा। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।

यह भी पढ़ें- Krishna Janmashtami 2026: जन्मभूमि के साथ करें इन मंदिरों के दर्शन, लुभाती हैं कान्हा की लीलाएं

5253वें जन्मोत्सव पर ठाकुरजी का भव्य शृंगार

श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा-संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया, 5253वें जन्मोत्सव पर ठाकुरजी का शृंगार, पोशाक, मंदिर की साज-सज्जा, व्यवस्थाएं नयनाभिराम व अभूतपूर्व होंगी। ठाकुरजी 'पंचरत्न' पोशाक धारण करेंगे। इसमें कामधेनु गाय, पाञ्चजन्य शंख, अमृत कलश, एरावत हाथी, कल्पवृक्ष को उकेरा गया है। रत्न-जड़ित मुकुट, बांसुरी, कंठा आदि शृंगार सामग्री ठाकुरजी धारण करेंगे। भगवती योगमायाजी दिव्य स्वर्ण मुकुट धारण करेंगी। चार सितंबर की सुबह शहनाई व नगाड़ों के वादन के साथ भगवान की मंगला आरती दर्शन सुबह 5.30 बजे से होंगे।

यह भी पढ़ें- Krishna Janmashtami 2026: बांकेबिहारी मंदिर में मंगला आरती के लिए पास से एंट्री, पहली बार लाइव स्ट्रीमिंग

गोकुल में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर तीन दिन होंगे आयोजन

महावन। भगवान श्रीकृष्ण की क्रीड़ा स्थली गोकुल में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर तीन दिन कार्यक्रम होंगे। मंदिर के सेवायत पुजारी मथुरा दास ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से पूर्व तीन सितंबर को शाम सात बजे छठ पूजा की जाएगी। चार सितंबर को रात 12 बजे अभिषेक किया जाएगा, पांच सितंबर को सुबह 10 बजे रास चबूतरा पर नंदोत्सव मनाया जाएगा। नंदभवन नंदकिला मंदिर से सुबह 10 बजे ठाकुरजी का डोला निकाला जाएगा।