फरसा बाबा की मौत के बाद आगरा-दिल्ली हाईवे पर हुआ था बवाल, मथुरा में हुए उपद्रव की जांच करेगी एसआइटी
मथुरा में फरसा बाबा की मौत के बाद आगरा-दिल्ली हाईवे पर हुए उपद्रव की जांच अब एसआईटी करेगी। एसपी क्राइम के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। ड ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, मथुरा। गोतस्करी की आशंका में कंटेनर की जांच कर रहे चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा की मृत्यु व हाईवे पर हुए उपद्रव की जांच अब एसआइटी करेगी। एसपी क्राइम की अगुवाई में तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। डीएम ने कहा कि बवाल में किसी भी निर्दोष पर कार्रवाई नहीं की जाएगी।
एसआइटी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करेगी। अब तक 80 उपद्रवी चिह्नित किए गए हैं। इनमें से 20 को जेल भेजा गया है।
बरसाना के गांव आजनौख गोशाला के संचालक चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा की 21 मार्च सुबह चार बजे आगरा-दिल्ली हाईवे पर कोसीकलां में हरियाणा बार्डर स्थित गांव नवीपुर के समीप गोतस्करी की सूचना पर कंटेनर की जांच कर रहे थे। पीछे से आए ट्रक की टक्कर से उनकी मृत्यु हो गई थी।
हत्या की अफवाह पर बाहर से आए समर्थकों ने हाईवे पर शव रखकर जाम लगाते हुए चार घंटे तक बवाल किया था। एसडीएम, एडीएम, एसपी समेत कई सरकारी गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दीं गईं। आवागमन पूरी तरह थम गया था। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को रबड़ की गोलियां व 40 आसू गैस के गोले दागने पड़े।
बवाल में दो दर्जन पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। मामला शांत हुआ तो शाम आजनौख में गाजियाबाद के कुछ युवक लोगों को एकत्रित कर छाता थाने घेराव करने आते लोगों में से दक्ष चौधरी, अक्कू पंडित और डा.प्रकाश समेत पांच को दबोच लिया, जबकि अन्य भाग गए थे। छाता और बरसाना पुलिस ने दो मुकदमे दर्ज कर 20 लोगों को जेल भेज दिया।
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वहीं वीडियो के आधार पर करीब 80 आरोपितों को चिन्हित कर लिया है। इनकी तलाश में पुलिस की तीन टीमों ने सोमवार को हरियाणा के होडल, पलवल, फरीदाबाद, राजस्थान के डीग, भरतपुर और अलवर में डेढ़ दर्जन संभावित स्थानों पर दबिशें दी, लेकिन पुलिस के हाथ खाली रहे।
पुलिस की कार्रवाई और लगातार दबिश से गोरक्षा दल से जुड़े लोगों में आक्रोश है। जिलाधिकारी सीपी सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार ने विश्व हिंदू परिषद, विधायकों, भाजपा पदाधिकारियों और साधू-संतों के साथ एक बैठक की। इसमें लोगों ने पुलिस की कार्रवाई की नाराजगी जताई।
जिलाधिकारी ने लोगों को विश्वास दिलाया कि किसी भी निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसके बाद डीएम ने एसपी अपराध अवनीश मिश्र के नेतृत्व में एसआइटी का गठन कर दिया। विशेष जांच दल प्रकरण की पूरी जांच कर रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपेगा।
एसएसपी श्लोक कुमार ने साइबर सेल और सर्विलांस टीम को भी सक्रिय कर दिया है। मोबाइल लोकेशन, काल डिटेल और इंटरनेट मीडिया गतिविधियों के जरिए उपद्रवियों की लोकेशन ट्रेस की जा रही है। एसएसपी का कहना है कि जो भी व्यक्ति बलवा में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
क्वारेंटाइन बैरक में शांत बैठे रहे सभी उपद्रवी
गिरफ्तार किए गए 20 उपद्रवियों को क्वारेंटाइन बैरक में रखा गया है। यहां उन्हें दो से तीन दिन तक जेल के नियम-कायदे सिखाए जाएंगे। इसके बाद सभी को अलग-अलग बैरकों में शिफ्ट किया जाएगा। रविवार को सभी क्वारेंटाइन बैरक में शांत बैठे रहे। रात को भी देर से सोए हैं।