यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
होली से पहले बांकेबिहारी मंदिर से 3 शातिर महिलाएं गिरफ्तार, अमरोहा से आई थीं वृदावन; तलाशी लेने पर पुलिस के उड़े होश
वृंदावन में ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के पास भीड़ में श्रद्धालुओं के मोबाइल एवं पर्स चोरी करने के आरोप में पुलिस ने तीन महिलाओं को पकड़ा। इन महिलाओं के ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, वृंदावन। पुलिस ने ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं के मोबाइल और पर्स चोरी करने के आरोप में तीन महिलाओं मंदिर के समीप गंदी गली में पकड़ लिया। पुलिस ने महिलाओं के पास से चोरी के तीन मोबाइल और दस हजार रूपए बरामद किए हैं।
पुलिस ने महिलाओं के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की है। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में भीड़ का फायदा उठाकर श्रद्धालुओं के मोबाइल और पर्स चोरी करने वाला महिलाओं का गैंग सक्रिय है।
अमरोहा से आकर वृंदावन में डाला डेरा
अमरोहा से आकर छह महिलाओं ने वृंदावन में डेरा डाल दिया है। पुलिस ने शनिवार देर शाम बांकेबिहारी मंदिर में सक्रीय तीन महिला अमरोहा के घनौरा निवासी गंगा एवं पूजा एवं हाकिमपुर गांव निवासी ओमवती को गंदी में पकड़ लिया।
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महिलाओं के पास से मिला ये सामान
बांकेबिहारी पुलिस चौकी प्रभारी शिवकुमार ने बताया पकड़ी गई महिलाओं के पास से चोरी के तीन मोबाइल और दस हजार रूपए बरामद किए हैं। पुलिस पूछताछ में बताया कि अमरोहा में वह छह महिलाएं वृंदावन में आकर रह रही हैं। भीड में श्रद्धालुओं के मोबाइल चोरी कर सस्ते दामों में बेच देती हैं। इनके तीन और साथियाें की तलाश चल रही है।
बांकेबिहारी के आंगन में 10 से शुरू होगा होली का धमाल
रंगभरनी एकादशी दस मार्च को जब आराध्य चांदी के सिंहासन पर बैठ भक्तों संग सोने की पिचकारी से होली खेलेंगे। इससे पहले सेवायत ठाकुरजी को केसर कीच, चोबा-चंदन और अरगजा अर्पित करेंगे। प्राचीनकाल से चली आ रह परंपरा का निर्वहन करते हुए सेवायत ठाकुरजी का प्रतिनिधित्व करते हुए भक्तों पर रंगों की बरसात करेंगे तो भक्त आराध्य के प्रसादी रंग की एक-एक बूंद में सराबोर होने को उत्साहित नजर आएंगे।
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बांकेबिहारी मंदिर में रंगों की होली की शुरुआत फूलों की होली के साथ होगी। रंगभरनी एकादशी पर 10 मार्च को ठाकुर बांकेबिहारी चांदी के सिंहासन पर बैठ सोने की पिचकारी से भक्तों पर टेसू का चटक रंग छोड़ेंगे तो आराध्य के प्रसादी रंग में सराबोर होने की भक्तों की इच्छा पूरी होगी। इसी दिन से मंदिर में रंगीली होली की शुरुआत होगी। होली की खुमारी भक्तों के भी सिर चढ़कर बोलेगी।