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    डोले पर विराजे राधावल्लभ-बांके बिहारी, गुलाबी आभा में दिए दुर्लभ दर्शन, रंग में भीगे श्रद्धालु

    By Raja Tiwari Edited By: Prateek Gupta
    Updated: Tue, 03 Mar 2026 10:06 PM (IST)

    होली के बाद वृंदावन में ठाकुर बांके बिहारी और राधावल्लभ मंदिर में डोलोत्सव मनाया गया। ठाकुर बांकेबिहारी रजत डोल पर, जबकि राधावल्लभ लाल फूल डोल पर विरा ...और पढ़ें

    बांकेबिहारी मंदिर में रंग में सराबोर श्रद्धालु।

    बांकेबिहारी मंदिर में रंग में सराबोर श्रद्धालु।

    संवाद सूत्र, जागरण, वृंदावन। ब्रज की रसमयी होली के रंग थमते ही मंगलवार प्रातःकाल ठाकुर बांके बिहारी मंदिर और ठाकुर राधावल्लभ मंदिर में डोलोत्सव का आयोजन हुआ।

    ठाकुर बांकेबिहारी रजत डोल तो ठा. राधावल्लभ लाल ने फूल डोल पर विराजित भक्तों को दुर्लभ दर्शन दिए। दोनों ही मंदिरों में गुलाबी पोशाक की छटा बिखरी, समाज गायन की मधुर ध्वनि गूंजी और विशेष जलेबी भोग अर्पित कर प्रसादी वितरित की गई।

    राधावल्लभ मंदिर में प्रातःकालीन बेला में ठाकुर राधावल्लभ लाल को गुलाबी रंग की मनोहारी पोशाक धारण कराई गई। पुष्पों से सुसज्जित डोल में विराजमान स्वरूप के दर्शन होते ही श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।

    मंदिर प्रांगण में रसिक भक्तों द्वारा समाज गायन प्रस्तुत किया गया, जिसमें ब्रज की परंपरागत होरी और पदों के माध्यम से ठाकुरजी को रिझाया गया। सेवायतों की देखरेख में जलेबी का विशेष भोग अर्पित किया गया और बाद में श्रद्धालुओं में प्रसादी वितरित की गई।

    उधर, बांकेबिहारी मंदिर में भी होली के रंगों के औपचारिक समापन के बाद डोलोत्सव का आयोजन हुआ। ठाकुर बांकेबिहारी को गुलाबी आभा से युक्त पोशाक पहनाकर फूल डोल पर विराजमान किया गया। सखियां सेवा में उपस्थित रहीं।

    जैसे ही पट खुले, मंदिर परिसर जय-जय श्री राधे के उद्घोष से गूंज उठा। जलेबी का विशेष भोग अर्पित किया गया, जिससे वातावरण में भक्ति और माधुर्य का संगम दिखाई दिया।