मथुरा नाव हादसा: कहीं बिछड़ा सुहाग तो कहीं मां की गोद से छिन गई बेटी, पल भर में उजड़ गए परिवार
मथुरा में यमुना नदी में हुए नाव हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 6 अभी भी लापता हैं। पंजाब के श्रद्धालुओं से भरी मोटरबोट पैंटून पुल से टकराकर पलट ...और पढ़ें
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जागरण संवाददाता, मथुरा। यमुना नदी में हुए हादसे ने कई परिवारों की दुनिया एक ही पल में उजाड़ दी। इस हादसे ने न सिर्फ कई जिंदगियां छीन लीं, बल्कि कई रिश्तों को भी हमेशा के लिए तोड़ दिया।
किसी घर का सहारा छिन गया तो किसी की आंखों का तारा अब भी लापता है। किसी की मां का शव मोर्चरी में रखा है तो बेटी उनकी लापता है। स्वजन अस्पताल और घाट किनारे अपनों की तलाश करते रहे।
पंजाब के श्रद्धालुओं से भरी मोटरबोट शुक्रवार दोपहर तीन बजे पैंटून पुल से टकरा कर यमुना नदी में पलट गई। हादसे में 10 लोगों की मृत्यु हो गई। 14 लोग सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए। छह अभी भी लापता हैं।
हादसे में कहीं पिता और पुत्री की मृत्यु हो गई तो कहीं पति-पत्नी की जिंदगी एक साथ थम गई। एक मां का शव मोर्चरी में रखा है तो वहीं बेटी अभी भी लापता है। घाट पर स्वजन कोई अपने पिता को ढूंढ रहा है, कोई पत्नी को।
कोई अपनी बेटी के लौट आने की आस लगाए बैठा है। हादसे में एक ही परिवार की मां-बेटी कविता रानी-मधुर बहल, दंपती रिकेंश गुलाटी-अंजू गुलाटी, पिता-पुत्र चरनजीत-पिंकी बहल की मृत्यु हो गई।
वहीं लुधियाना की रहने वाली मीनू बंसल की मृत्यु हो गई, जबकि उनकी बेटी डिंकी बंसल अभी लापता हैं। मथुरा में रहने वाले रिश्तेदार रवि बंसल ने बताया कि अधिकारियों को अस्पताल में नाम नहीं मिल पाया था, इसलिए उन्होंने लिस्ट में डिंकी का नाम नहीं जोड़ा था।
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एसडीएम ने नाम लिस्ट में जोड़ने का आश्वासन दिया है। फिलहाल स्वजन केशी घाट पर चलाए जा रहे बचाव राहत कार्य में लापता डिंकी के मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
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