मथुरा में तेजी से बढ़ रहा यमुना का जलस्तर, किनारे बसे गांवों में डर गहराया; पलायन की तैयारी में ग्रामीण
पर्वतीय वर्षा और हथिनीकुंड से पानी छोड़े जाने के कारण मथुरा में यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इससे तटवर्ती गांवों के किसानों को फसलों के डूब ...और पढ़ें
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मथुरा में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
HighLights
यमुना का जलस्तर हथिनीकुंड से पानी छोड़ने के कारण बढ़ा।
तटवर्ती गांवों में फसलों के डूबने और पलायन का डर।
संवाद सूूत्र, सुरीर (मथुरा)। पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही वर्षा और अब हथिनीकुंड से पानी छोडे़ जाने पर यमुना नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी हो रही है, जिससे तटवर्ती गांवों के किसानों की नींद उड़ गई हैं। उन्हें सब्जी समेत फसलों के चपेट में आने का डर सता रहा है। पिछले साल आए नदी में उफान के बाद ग्रामीणों को पलायन करना पड़ गया था। शहर के निचले इलाकों में भी कई दिन तक पानी भरा रहा था।
पिछले दो दिन से यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे नौहझील के फिरोजपुर, मंगल खोह, अड्डा मैना, अड्डा जाटव आदि के अलावा सुरीर के सुल्तानपुर, सिंहावन, नगला नहारिया, भिदौनी, औहावा, सामोली, इरौली गूजर और मांट के गांव भद्रवन, बिजौली, मांट मूला, जहांगीरपुर, बेगमपुर, डांगोली समेत तटवर्ती गांवों के किसानों को खादर के खेतों में सब्जी आदि की फसल डूबने की आशंका सताने लगी हैं।
गांव सिंहावन के किसान टीकम सिंह ने बताया कि पिछले दो दिन से यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। हथिनी कुंड से छोड़े गए पानी के एक-दो दिन में यहां तक पहुंच जाने पर तटवर्ती गांवों में बाढ़ की आशंका दिखाई दे रही है।
गुरुवार को सुरीर के बैकुंठी घाट पर यमुना का पानी किनारे तक लग गया है। जिससे श्मशान और आरती घाट डूब गया है। तटवर्ती गांवों के किसानों का कहना है कि वह यमुना के बढ़ते जलस्तर पर नजर रखे हुए हैं।