बांकेबिहारी मंदिर में भारी भीड़ और अव्यवस्था से किशोरी बेहोश, श्रद्धालुओं को झेलनी पड़ी परेशानी
वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर में रविवार को अत्यधिक भीड़ और अव्यवस्था के कारण कानपुर की एक किशोरी बेहोश हो गई, जिसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। श्रद् ...और पढ़ें

बांकेबिहारी मंदिर में उमड़ी भारी भीड़।
HighLights
किशोरी आराध्या तिवारी भीड़ और गर्मी से बेहोश हुई
बांकेबिहारी मंदिर में रविवार को अत्यधिक भीड़ का दबाव
श्रद्धालुओं को अव्यवस्था और पुलिस की अनदेखी का सामना करना पड़ा
संवाद सहयोगी, वृंदावन(मथुरा)। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में रविवार को श्रद्धालुओं की भीड़ का दबाव ऐसा बना कि श्रद्धालु परेशान हो गए। गर्मी-उमस से लोग पसीना बहाते रहे। भीड़ के दबाव में महिला एवं बच्चों की तो दिनभर चीख निकलती रही। लेकिन, उन्हें राहत देने को तैनात पुलिसकर्मी व सुरक्षा गार्ड ने सुनवाई तक नहीं की।
भीड़ का दबाव व आपाधापी झेल श्रद्धालु मंदिर के अंदर पहुंचते रहे। मंदिर चबूतरे तक बड़ी मुश्किल से अव्यवस्था से जूझते हुए कानपुर का श्रद्धालु परिवार पहुंच तो गया। लेकिन, आपाधापी के माहौल में फंसी परिवार की किशोरी बेहोश हो गई। उसे चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार दिया। राहत न मिलने पर एंबुलेंस से उसे जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया।
बांकेबिहारी मंदिर में सुबह से रहा आपाधापी का माहौल, महिलाएं व बच्चे चीखे
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में रविवार को सुबह से ही भक्तों की भीड़ मंदिर में दर्शन को पहुंचने लगी। सुबह से ही तेज धूप और भक्तों की भीड़ के दबाव में श्रद्धालुओं की हालत खराब होने लगी। बावजूद इसके पुलिस बैरियर पर श्रद्धालुओं को रोक-रोककर आगे बढ़ाया जा रहा था। ऐसे में सिर पर तेज धूप, उमस और भीड़ के दबाव में पसीने से तरबतर श्रद्धालुओं की हालत खराब होने लगी। लेकिन, उनकी सुध लेने वाला कोई दिखाई नहीं दिया।
प्रवेश द्वार से मंदिर चबूतरा तक पहुंचने में गर्मी-उमस से पसीना-पसीना हुए श्रद्धालु
विद्यापीठ व जुगलघाट से मंदिर आने वाले रास्तों में सुबह से ही आपाधापी के माहौल से जूझते श्रद्धालु मंदिर तक पहुंच रहे थे। इस बीच न तो श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की कोई सुविधा थी और न ही गर्मी से राहत देने की कोई व्यवस्था प्रशासन ने की। पसीने से तरबतर, भीड़ के दबाव में आगे बढ़ते श्रद्धालु बेसुध हो रहे थे।
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मंदिर की गली पार कर जब श्रद्धालु चबूतरे पर चढ़ने लगे तो आगे बढ़ने की जिद्दोजहद में एक दूसरे को धकियाना शुरू कर दिया। ऐसे में छोटे बच्चे, महिलाएं चीखते हुए पुलिसकर्मियों से बचाव की मांग करती रहीं। लेकिन, कोई सुनने वाला दिखाई नहीं दिया।
मां सुमन तिवारी ने बेटी के बेहोश होते ही शोर मचाना शुरू किया
मंदिर के गेट संख्या तीन से पहले चबूतरे पर कानपुर निवासी 16 वर्षीय आराध्या तिवारी को चक्कर आए और वह बेहोश हो गई। साथ चल रही मां सुमन तिवारी ने बेटी के बेहोश होते ही शोर मचाना शुरू किया तो पुलिस ने चबूतरे पर मौजूद चिकित्सकों के पास किशोरी को पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार देकर राहत देने की कोशिश की। लेकिन राहत न मिलने पर किशोरी को जिला संयुक्त चिकित्सालय में उपचार के लिए भर्ती कराया।
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अव्यवस्था से जूझ रहे भक्त, कोई सुनवाई नहीं
मंदिर में दर्शन को आई किशोरी आराध्या के बेहोश होने के बाद उसकी मां सुमन तिवारी ने कहा दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन को आ रहे हैं। अव्यवस्थाएं पूरी तरह हावी हैं, कहीं कोई सुविधा नहीं मिल रही। सीढ़ियों पर महिलाएं, बच्चे चीखकर पुलिस से मदद मांग रहे हैं। लेकिन, पुलिस सुन नहीं रही। सभी की हालत खराब हो रही है। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा की कोई व्यवस्था प्रशासन ने नहीं की है, जबकि गर्मी में लोगों की हालत खराब हो रही है।