मऊ में संकरी गलियों में संचालित कोचिंग सेंटर होंगे बंद, छात्रों की वापस होगी फीस
लखनऊ अग्निकांड के बाद मऊ जिला प्रशासन सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले कोचिंग सेंटरों पर सख्त हो गया है। अब तक चार कोचिंग सेंटर सील किए गए हैं और म ...और पढ़ें

संकरी गली में संचालित कोचिंग सेंटर होंगे बंद।
HighLights
लखनऊ अग्निकांड के बाद मऊ प्रशासन सख्त हुआ।
चार कोचिंग सेंटर व लाइब्रेरी सील किए गए।
मानक पूरे न होने पर छात्रों की फीस वापसी।
जागरण संवाददाता, मऊ। लखनऊ अग्निकांड की घटना के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह से सख्त हो गया है। सुरक्षा मानकों के विपरीत कोचिंग सेंटरों के संचालन पर पूरी तरह से ब्रेक लगाने की तैयारी की जा रही है। यही नहीं डीआइओएस कार्यालय सहित अन्य विभागों की संयुक्त टीम गठित कर लगातार चेकिंग की जा रही है।
अब तक विभाग की तरफ से अब तक चार कोचिंग सेंटर व लाइब्रेरी को सीज किया जा चुका है। इन कोचिंग सेंटरों का संचालन बेसमेंट या मानक विपरीत सकरी गलियों में किया जा रहा था। इनको नोटिस जारी की गई है।अगर यह मानक पूरा नहीं करते हैं तो बंद कराते हुए छात्रों की फीस वापस दिलाई जाएगी।
लखनऊ के कोचिंग सेंटर में पंद्रह छात्रों की मौत के बाद शासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए कोचिंग सेंटरों की जांच करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रशासन अभियान चलाकर कार्रवाई कर रहा है।
संकरी गलियों में संचालित कोचिंग सेंटरों को चिंहित कर बंद कराया जा रहा है। साथ ही उन्हीं कोचिंग को संचालन की अनुमति देने की तैयारी की जा रही है। जिन सेंटरों तक अग्निशमन विभाग की गाड़ियां आसानी से पहुंच सके और आगलगी की घटना पर तत्काल अंकुश लगा सके।
साथ ही विभाग की तरफ से बिना पंजीकरण संचालित कोचिंग सेंटरों पर भी रोक लगाई जा रही है। विभाग की तरफ से तीन सेंटरों को नोटिस भी जारी किया गया है। जिन कोचिंग सेंटरों को बंद कराया गया है। उनमें बढ़ने वाले बच्चों की संख्या व जमा फीस का भी आंकलन कराया जा रहा है। शेष फीस बच्चों को वापस कराई जा सके।
खबरें और भी
यह भी पढ़ें- भदोही में तीन दिन में 145 दुकानों की जांच, 85 को नोटिस जारी; छह कोचिंग किए गए सील
डीआइओएस गौतम प्रसाद ने कहा कि कोचिंग सेंटर का संचालन करने के लिए सभी को भवन के सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा। साथ ही पंजीकरण लेने से पूर्व अग्निशमन विभाग की एनओसी अनिवार्य रूप से जमा करना होगा।
वहीं, सकरी गली में कोचिंग सेंटर के संचालन नहीं होने का लिखत प्रमाण देना होगा। इसके बाद ही कोचिंग सेंटर का पंजीकरण कर संचालन की अनुमति दी जाएगी।
कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए स्कूल व कोचिंग सेंटरों के सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। मानकों को पूरा नहीं करने वालों संस्थान को सीज किया जाएगा।
कोचिंग सेंटर का संचालन बिना मानक के नहीं होना चाहिए। सीज कोचिंग सेंटरों को मानक पूरा करने का निर्देश दिया गया है। अगर वह मानक पूरा नहीं करेंगे तो छात्रों की फीस वापस कराते हुए कोचिंग बंद करा दी जाएगी। -आनंद वर्द्धन, जिलाधिकारी मऊ।