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    मऊ में सड़क हादसे में घायल दो यूनानी डॉक्टर सहित दो की मौत, घर में छाया मातम

    Updated: Fri, 16 Jan 2026 07:19 PM (GMT+05:30)

    मऊ में दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल हुए यूनानी डॉक्टर और अखिलेश यादव की उपचार के दौरान मौत हो गई। डॉ. मेहरूद्दीन आजमगढ़ में नीलगाय ...और पढ़ें

    सड़क हादसों में घायल दो यूनानी चिकित्सक सहित दो की मौत।

    सड़क हादसों में घायल दो यूनानी चिकित्सक सहित दो की मौत।

    HighLights

    1. आजमगढ़ हादसे में घायल यूनानी चिकित्सक डॉ. मेहरूद्दीन की मौत।

    2. घोसी में सड़क दुर्घटना में अखिलेश यादव ने भी दम तोड़ा।

    3. दोनों घटनाओं से परिवारों में गहरा मातम, शोक की लहर।

    जागरण संवाददाता, घोसी (मऊ)। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल यूनानी चिकित्सक सहित दो की उपचार के दौरान मौत हो गई। दोनों की मौत के बाद स्वजन में मातम का माहौल है। हमीदपुर निवासी 45 वर्षीय डॉ. मेहरूद्दीन स्थानीय नगर में यूनानी चिकित्सालय संचालित करते थे। 12 जनवरी को वह अपने घर से आजमगढ़ के सरायमीर गए थे।

    वापसी के दौरान वह आजमगढ़ में नीलगाय के अचानक सामने आ जाने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। आजमगढ़ में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें लखनऊ ले जाया गया। उपचार के दौरान गुरुवार की रात को मृत्यु हो गई।

    शव आते ही पत्नी सबा खातून, 13 वर्षीया पुत्री हदिया, 12 वर्षीय पुत्र हम्मादव आठ वर्ष की रूकैया की चीखें आसमान छूने लगीं। उन्हें शुक्रवार की दाेपहर 02:30 बजे पैतृक गांव में सुपुर्दे खाक किया गया।

    कस्बे के चीनी मिल के समीप मार्ग दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल 22 वर्षीय अखिलेश यादव ने भी शुक्रवार की सुबह दम तोड़ दिया है। दुर्घटना में उसके मित्र व बाइक चालक बृजेश प्रजापति ने घटना स्थल पर ही दम तोड़ दिया था।

    22 वर्षीय अखिलेश यादव निवासी डड़वां-बडागांव अने मित्र बृजेश प्रजापति निवासी बड़ागांव राजभर बस्ती के साथ उसकी बुआ के यहां खिचड़ी पहुंचा कर आ रहा था।

    रात में लगभग दस बजे बाइक सवार चीनी मिल के सामने से गुजर रहे थे कि किसी वाहन ने टक्कर मार दिया। बाइक सहित दोनों सड़क पर गिर गए। रात का समय होने के कारण लोगों का तत्काल ध्यान न गया।

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    उधर वाहन चालक भाग निकला। कुछ देर बाद एक वाहन चालक ने अखिलेश को छटपटाता देख आसपास के लोंगों को सूचना दिया।

    पुलिस व उनके स्वजन दोनों को अस्पताल ले गए पर बृजेश की मृत्यु हो गई थी। प्राथमिक उपचार के बाद अखिलेश को जिला अस्पताल भेजा गया। उपचार के दौरान अखिलेश की भी शुक्रवार को मृत्यु हो गई।

    मरने के बाद भी दोस्ती कायम रही

    अखिलेश व बृजेश के बीच गहरी मित्रता थी। बैंकाक से आने के बाद बृजेश अक्सर अखिलेश के साथ ही रहता था। यहां तक कि दोनों एक साथ बृजेश की बुआ के यहां खिचड़ी लेकर गए थे। दुर्घटना में बृजेश ने बुधवार की रात दम तोड़ा तो अखिलेश ने 36 घंटे बाद शुक्रवार को दम तोडा। दोनों ने मरने के बाद भी एक-दूसरे का साथ निभाया है।

    बहरहाल अखिलेश तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था। उसकी मृत्यु की सूचना मिलते ही पत्नी अंजना गोद में पांच माह के पुत्र को लेकर विलाप प्रारंभ किया तो समूचे मुहल्ले की महिलाएं भी संभालने में स्वयं सुबकने लगीं।