यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
यूपी की इस सुरंग से लगातार निकल रहे अजगर! पांच दिन में दिखा तीसरा, लोगों की उड़ी नींद
जागृति विहार सेक्टर-2 में लगातार अजगर दिखने से लोग दहशत में हैं। पांच दिनों में तीसरा अजगर नजर आया लेकिन वन विभाग की लापरवाही जारी है। गुरुवार को 7-8 ...और पढ़ें

HighLights
- पांच दिन पहले पकड़ा था 12 फीट का अजगर
- तीसरा अजगर सात से आठ फीट का बताया गया
जागरण संवाददाता, मेरठ। इन दिनों जागृति विहार सेक्टर दो में रहने वाले लोगों की नींद उड़ी हुई है। भय का माहौल होना लाजिमी है क्योंकि यहां अजगर ही अजगर हैं। महज पांच दिनों के अंदर तीन अजगर दिखाई पड़ चुके हैं। वहीं, इससे निपटने के बजाय वन विभाग बेहद बेफ्रिक नजर आ रहा है।
गुरुवार दोपहर फिर अजगर देखा गया। लोगों ने वन विभाग की टीम को सूचना दी, लेकिन टीम बिना तैयारी के ही मौके पर पहुंच गई। इसका फायदा उठाते हुए अजगर सुरंग में चला गया। इसकी लंबाई सात से आठ फीट की बताई जा रही है।
स्थानीय लोगों की मानें तो जागृति विहार सेक्टर दो स्थित बिजलीघर के पास बनी एक सुरंग से लगातार अजगर निकल रहे हैं। पांच दिन पहले 12 फीट का अजगर नजर आया था।

हालांकि अजगर को वन विभाग ने पकड़ लिया था। इसके दो दिन बाद फिर करीब 30 फीट लंबा अजगर दिखाई दिया। टीम ने उसे पकड़ने के लिए मशक्कत की, लेकिन वह हाथ नहीं आया। अब गुरुवार को तीसरी बार अजगर दिखाई दिया। स्थानीय निवासी छात्र नेता विनीत चपराणा ने वन विभाग की टीम को सूचना दी।
रवि शर्मा के नेतृत्व में दो लोग मौके पर पहुंचे। उनके पास अजगर को पकड़ने के लिए कोई सामान नहीं था। स्थानीय लोगों ने उन्हें स्टिक और बोरी दी। जैसे ही टीम ने अजगर को पकड़ने का प्रयास किया तो वह नाले के रास्ते सुरंग में चला गया।
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आखिर कितने अजगर हैं यहां
स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां लगातार अजगर दिखाई दे रहे हैं। इससे लोग डरे हुए हैं। उन्होंने वन विभाग से बड़े स्तर पर अभियान चलाने की मांग की। 30 फीट का अजगर भी अभी नहीं पकड़ा गया है। बिजलीघर के आसपास पशु घूमते रहते हैं। उन्हें भी खतरा है।
गुरुवार को अजगर देखा गया है। टीम जल्दबाजी में वहां पहुंची और उसे पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन अजगर सुरंग में छिप गया। उसे बेहद सावधानीपूर्वक पकड़ना पड़ता है, ताकि उसे नुकसान न पहुंचे। -रविकांत चौधरी, क्षेत्रीय वन अधिकारी
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