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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    मर्चेंट नेवी में नौकरी छोड़ सेना में भर्ती कराने के नाम पर करने लगा ठगी, मेरठ में STF के हत्थे चढ़ा अरव‍िंद राणा

    Updated: Fri, 20 Sep 2024 12:17 PM (IST)

    एसटीएफ ने भारतीय सेना में अभ्यर्थियों की फर्जी भर्ती कराने वाले अरविंद राणा को मेरठ से ग‍िरफ्तार क‍िया है। अरव‍िंद भारतीय सेना का हवलदार बनकर मिलिट्री ...और पढ़ें

    सेना में फर्जी भर्ती कराने वाला अरव‍िंद राणा।
    सेना में फर्जी भर्ती कराने वाला अरव‍िंद राणा।

    HighLights

    1. एसटीएफ की टीम ने सदर बाजार थाना पुलिस को बरेली से पकड़े अरविंद को सौंपा
    2. मर्चेंट नेवी में सफाईकर्मी की नौकरी छोड़ सेना में भर्ती कराने के नाम पर ठगी करने लगा

    जागरण संवाददाता, मेरठ। भारतीय सेना में 40 अभ्यर्थियों की फर्जी भर्ती कराने वाले अरविंद राणा को एसटीएफ ने मिलिट्री अस्पताल के सामने से गिरफ्तार कर उसे सदर बाजार पुलिस को सौंप दिया गया। आरोपित भारतीय सेना का हवलदार बताकर मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस में नौकरी दिलाने के नाम पर प्रत्येक अभ्यर्थी से पांच लाख की रकम वसूलता था। उसके बाद उसे फर्जी भर्ती लेटर मुहैया करा देता था।

    पुलिस लाइंस में पत्रकारों से वार्ता करते हुए एएसपी बृजेश सिंह ने बताया कि गुरुवार को कुछ अभ्यर्थियों से मिलने के लिए बघोल थाना वजीरगंज बदायूं निवासी अरविंद राणा पुत्र अनिल राणा एमएच हॉस्पिटल आया था। यहीं से उसे गिरफ्तार कर सदर बाजार थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया।

    जहाज पलट जाने के डर से छोड़ी थी नौकरी

    एसटीएफ पूछताछ में अरविंद राणा ने बताया कि वह हाईस्कूल पास है। वर्ष 2018 में मर्चेंट नेवी में मुंबई में सफाईकर्मी की नौकरी कर चुका है, जहां जहाज पलट जाने के कारण डर की वजह से नौकरी छोड़कर घर आ गया था। नौकरी छोड़ने के बाद मर्चेंट नेवी में काम करने वाले बिजनौर के सौरभ से मुलाकात हुई। उसने हापुड़ के रहने वाले योगेश गौतम से मिलने को कहा, बताया गया कि वह अच्छे पद पर नौकरी लगवा देगा। योगेश ने उसकी मुलाकात बागपत के रहने वाले अजय उर्फ गुरुजी व बिटटू उर्फ पहलवान तथा विष्णु उर्फ बलराम से कराई।

    अजय ने अरविंद को बताया कि तुम्हारी भर्ती के लिए उम्र निकल चुकी है। अजय के कहने पर अरविंद सेना में भर्ती कराने के नाम पर चार से पांच लाख की रकम वसूलने लगा। अभ्यर्थियों को फर्जी मेडिकल और भर्ती लेटर दिए जाने लगे। अभ्यर्थियों को विश्वास दिलाने के बाद सेना का अपना फर्जी कार्ड भी बनवा लिया था, जिसे अभ्यर्थियों को दिखाता था। फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड भी बनवा लिया था, ताकि असली पहचान छिपी रहे।

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    ये हुई बरामदगी

    भारतीय सेना का फर्जी आई कार्ड, दो आधार कार्ड फोटो लगे अलग-अलग नाम पते के, दो पेन कार्ड, एक वोटर आईडी कार्ड, भारतीय सेना के अनुमोदन हुए फर्जी लेटर की छायाप्रति, भारतीय सेना के फर्जी भर्ती लेटर की छायाप्रति, तीन भारतीय सेना के आश्रित पहचान पत्र, एक भारतीय सेना का कैंटीन कार्ड और दो मोबाइल फोन।