CBSE का बड़ा फैसला: सभी स्कूलों में खुलेंगी NSS की यूनिट, छात्रों को कम उम्र से ही मिलेगा समाज सेवा का मौका
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने संबद्ध विद्यालयों में राष्ट्रीय सेवा योजना की सेल्फ फाइनेंसिंग यूनिट स्थापित करने का निर्णय लिया है। इससे विद्यालय ब ...और पढ़ें

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एनएसएस की सेल्फ फाइनेंसिंग यूनिटों की होगी स्थापना।
50 से 100 स्वयंसेवकों की होगी हर स्कूल की इकाई।
जागरण संवाददाता, मेरठ। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सभी संबद्ध विद्यालयों में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की ‘सेल्फ फाइनेंसिंग यूनिट’ (एसएफयू) स्थापित करने का निर्णय लिया है। विद्यालय अब सरकारी अनुदान की प्रतीक्षा किए बिना अपने स्तर पर एनएसएस इकाइयों का संचालन कर सकेंगे। हर इकाई में 50 से 100 स्वयंसेवक शामिल होंगे, जो स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता, साक्षरता, आपदा प्रबंधन, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता जैसे कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
सीबीएसई के अनुसार यह पहल ‘माई भारत एनएसएस’ अभियान के विस्तार का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को कम उम्र से ही समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़ना है। एनएसएस का मूल सिद्धांत ‘सेवा के माध्यम से शिक्षा’ है और वर्ष 1969 से यह योजना युवाओं में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व और व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देती रही है।
सीबीएसई के निदेशक (अकादमिक) डा. प्रज्ञा एम. सिंह की ओर से 30 जुलाई को जारी निर्देश के अनुसार एनएसएस से जुड़ने वाले छात्र स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता, साक्षरता, आपदा प्रबंधन, रक्तदान जागरूकता, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता जैसे विभिन्न सामुदायिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
इससे विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, टीम भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास होगा। इस योजना के जरिए अब तक 8.4 करोड़ से अधिक छात्र-छात्राएं लाभान्वित हो चुके हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में सहानुभूति, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक संवेदनशीलता और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करना है।
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स्कूलों को भेजे गए दिशा-निर्देश
सीबीएसई ने सभी संबद्ध विद्यालयों को संचालन दिशा-निर्देश, प्रस्ताव प्रस्तुत करने का प्रोफार्मा और योजना का ब्रोशर उपलब्ध कराया है। बोर्ड ने विद्यालयों से इस योजना को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने और अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इससे जोड़ने का आग्रह किया है। बोर्ड का मानना है कि सेल्फ फाइनेंसिंग माडल से विद्यालय और समुदाय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। विद्यार्थियों को समाज की वास्तविक समस्याओं को समझने और उनके समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा, जिससे उनके समग्र व्यक्तित्व का विकास होगा।
सभी प्रमुख शैक्षणिक संस्थाओं को भेजी गई सूचना
सीबीएसई ने केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस), नवोदय विद्यालय समिति (एनवीएस), सैनिक स्कूल सोसायटी और विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के शिक्षा निदेशालयों को भी भेजी है, ताकि उनके अधीन संचालित सभी विद्यालयों में इस योजना की जानकारी पहुंचाई जा सके और एनएसएस की सेल्फ फाइनेंसिंग यूनिट स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
बिजली बंबा बाईपास स्थित आइवी इंटरनेशनल स्कूल के प्रिंसिपल मनोज गोयल के अनुसार सीबीएसई का यह एक स्वागत योग्य कदम है। इस कदम से बच्चों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता का विकास, लोगों की सहायता और सहानुभूति के गुण विकसित होना, नागरिक कर्तव्यों में स्वच्छता अभियान, एनएसएस कैंप की सहायता से टीम वर्क, पर्यावरण संरक्षण आदि की भावना विकसित होगी। बच्चों में आत्मविश्वास उत्पन्न होगा और नित नए लोगों से मिलेंगे भी।