CCSU से अब ऑनलाइन मिलेंगे प्रोविजनल प्रमाणपत्र, हेल्पलाइन नंबर भी जारी; कांवड़ यात्रा के कारण विश्वविद्यालय में है अवकाश
कांवड़ यात्रा अवकाश के दौरान चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) ने छात्रों की सुविधा के लिए प्रोविजनल प्रमाणपत्र ऑनलाइन डाउनलोड करने की व्यवस्था की ह ...और पढ़ें

HighLights
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में तीन से 12 अगस्त तक है पूर्ण अवकाश।
रिकाॅर्ड न मिलने पर अंतिम वर्ष की अंकतालिका ईमेल करने के निर्देश।
जागरण संवाददाता, मेरठ। कांवड़ यात्रा के दौरान विश्वविद्यालय में घोषित अवकाश के बीच चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) प्रशासन ने दूर-दराज से आने वाले विद्यार्थियों की सुविधा के लिए महत्वपूर्ण व्यवस्था की है।
विश्वविद्यालय ने आदेश जारी कर कहा है कि छात्र-छात्राएं अब अपने प्रोविजनल प्रमाणपत्र विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं, जिससे उन्हें अवकाश के दौरान विश्वविद्यालय आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
परीक्षा नियंत्रक कार्यालय की ओर से बुधवार को जारी आदेश के अनुसार, जिलाधिकारी मेरठ द्वारा कांवड़ यात्रा के मद्देनजर विश्वविद्यालय में तीन अगस्त से 12 अगस्त तक पूर्ण अवकाश घोषित किया गया है। इस दौरान प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आने वाले विद्यार्थियों को होने वाली परेशानी को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
आदेश में कहा गया है कि छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट ccsuniversity.ac.in पर उपलब्ध सुविधा के माध्यम से अपना प्रोविजनल प्रमाणपत्र डाउनलोड कर सकते हैं। इससे प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले विद्यार्थियों का समय और धन दोनों की बचत होगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि वेबसाइट पर प्रोविजनल प्रमाणपत्र डाउनलोड करते समय 'Record Not फाउंड' का संदेश दिखाई देता है, तो संबंधित विद्यार्थी अपनी अंतिम वर्ष की अंकतालिका ccsformquery@gmail.com पर ईमेल करें। अंकतालिका का सत्यापन और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुछ समय पश्चात विद्यार्थी पुनः वेबसाइट से अपना प्रोविजनल प्रमाणपत्र डाउनलोड कर सकेंगे।
छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए विश्वविद्यालय ने हेल्पलाइन नंबर 0121-4050694 भी जारी किया है। किसी भी प्रकार की तकनीकी या अन्य समस्या होने पर विद्यार्थी इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात प्रतिबंध और अवकाश को देखते हुए यह व्यवस्था विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखकर की गई है, ताकि उन्हें अनावश्यक रूप से विश्वविद्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें और आवश्यक शैक्षणिक दस्तावेज समय पर उपलब्ध हो सकें।