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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    पड़ताल: वेस्ट यूपी में लापरवाही की हद पार, कांवड़ियों के पैरों को घायल करेंगी इस इलाके की बदहाल सड़कें

    Updated: Sat, 13 Jul 2024 05:47 PM (IST)

    22 जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरू होने वाली है लापरवाह देखिए कि अभी तक कांवड़ मार्गों के गड्ढे नहीं भरे गए हैं। सरधना क्षेत्र में चौधरी चरण सिंह कांवड़ ...और पढ़ें

    रार्धना-पाली कांवड़ पटरी मार्ग पर शिव मंदिर के पास जर्जर चौराहा। जागरण
    रार्धना-पाली कांवड़ पटरी मार्ग पर शिव मंदिर के पास जर्जर चौराहा। जागरण

    HighLights

    1. 310 किमी जनपद में चयनित किए थे मार्ग
    2. अनूपशहर शाखा मार्ग पर हैं गड्ढे की गड्ढे

    जागरण संवाददाता, मेरठ। 22 जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरू होगी। इसे लेकर मेरठ से लखनऊ तक पूरा सिस्टम अलर्ट पर है। उच्च अधिकारियों की प्राथमिकता है कि शिवभक्तों की यात्रा सुगम हो और माहौल सुरक्षित मिले। जाहिर है कांवड़ मार्ग दुरुस्त होंगे तो कांवड़ियों की यात्रा भी सुगम होगी। इसलिए जरूरी है कि सबसे पहले कांवड़ मार्गों की बदहाली दूर की जाए। लेकिन, संबंधित विभाग इसे लेकर जरा भी गंभीर नहीं है।

    इससे बड़ी लापरवाह और क्या होगी कि अभी तक कांवड़ मार्गों के गड्ढे तक नहीं भरे गए हैं। यह हाल तब है जब सप्ताहभर पहले प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार और डीजीपी प्रशांत कुमार ने मंडलीय अधिकारियों को कांवड़ यात्रा से जुड़ी सभी तैयारियों को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं। 15 जुलाई तक हर हाल में सड़कों की मरम्मत होनी है, लेकिन जगह-जगह बने गड्ढे कांवड़ियों का इंतजार कर रहे हैं।

    दैनिक जागरण इसे लेकर तीन दिवसीय अभियान शुरू कर रहा है। इसमें कांवड़ मुख्य मार्गों की वास्तविक स्थिति की पड़ताल की जाएगी। आज पहली किस्त में मेरठ-दिल्ली रोड, चौधरी चरण सिंह कांवड़ पटरी गंगनहर मार्ग और मध्य गंगनहर अनूपशहर शाखा मार्ग की हकीकत से रूबरू कराएंगे। पेश है नवनीत शर्मा की रिपोर्ट

    संबंधित विभागों ने खूब किया दावा

    कांवड़ मार्गों की मरम्मत को लेकर संबंधित विभागों ने खूब दावे किए। लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में बताया गया कि मंडल के जनपदों में 76 मार्गों को मुख्य कांवड़ मार्गों में शामिल किया है। इन मार्गों की कुल लंबाई 1,068 किमी है। अभी तक 992 किमी लंबी सड़कों की मरम्मत का दावा किया है। साथ ही 15 जुलाई तक सभी कांवड़ मार्गों की मरम्मत कार्य पूर्ण करने के लिए अंतिम तिथि घोषित की गई है। इसके अलावा नगर निगम ने भी अपने दावे प्रस्तुत किए। लेकिन विभागों द्वारा किए गए कागजी दावों की पोल टूटी सड़कें और गहरे गड्ढे खोल रहे हैं।

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    दिल्ली रोड पर वीनस गार्डन के सामने गढ्ढे। जागरण।

    मरम्मत की राह देख रही गंगनहर कांवड़ पटरी

    सरधना क्षेत्र में चौधरी चरण सिंह कांवड़ गंगनहर पटरी से अधिक संख्या में कांवड़िए अपनी यात्रा पूरी करते हैं। शासन ने भी अधिकारियों को स्पष्ट किया हुआ कि जिस मार्ग से कांवड़िए गुजरेंगे, वहां पैचवर्क गुणवत्ता के साथ कराया जाए, लेकिन अभी तक कांवड़ पटरी मार्ग पर गड्ढे हैं। अब संबंधित अधिकारी फिर से गड्ढों की मरम्मत कराने की बात कह रहे हैं। राधना-पाली के मार्गों पर जलभराव व गड्ढे दुर्घटना को दावत दे रहे हैं।

    दिल्ली रोड पर गड्ढे ही गड्ढे

    महानगर की लाइफ लाइन दिल्ली रोड पर वैसे तो रैपिड रेल कारिडोर का निर्माण कार्य चल रहा है। लेकिन कांवड़ यात्रा को देखते हुए दिल्ली रोड के गड्ढे भरवा देने चाहिए थे। संजय वन के समीप, वीनस गार्डन के सामने, मेवला फ्लाईओवर, दिल्ली चुुंगी के पास सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे हैं।

    ये हैं मुख्य कांवड़ मार्ग

    • मेरठ-दिल्ली रोड
    • चौधरी चरण सिंह कांवड़ पटरी गंगनहर मार्ग
    • मध्य गंगनहर अनूपशहर शाखा मार्ग
    • राष्ट्रीय राजमार्ग-58 (मेरठ-रुड़की-हरिद्वार रोड)
    • नावला-रार्धना-सरूरपुर रजवाहा मार्ग
    • मेरठ-गढ़ रोड
    • मेरठ-हापुड़ रोड
    • मोदीपुरम चेक पोस्ट से बेगमपुल मार्ग

    कांवड़ यात्रा से पहले सड़कों की मरम्मत के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया है। अब बरसात के कारण कुछ दिक्कत हो रही है। शीघ्र ही सभी सड़कों के गड्ढे भरकर मरम्मत कराई जाएगी। इसके लिए जोनल व सेक्टर अधिकारियों को अपने क्षेत्रों की निगरानी करने के साथ कांवड़ मार्गों का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। -  दीपक मीणा, डीएम

    दिल्ली रोड का निर्माण एक सप्ताह में पूरा हो जाएगा। अधिकांश हिस्से पर कार्य पहले ही पूरा हो चुका है। बरसात के कारण कुछ स्थानों पर काम रुका था। -पुनीत वत्स, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, एनसीआरटीसी

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