Ganga Expressway का लोकार्पण होने के कितनी देर बाद मिलेगी आम जनता के वाहनों को आवागमन की अनुमति ?
प्रधानमंत्री बुधवार को गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे। यह एक्सप्रेसवे 120 किमी/घंटा की गति, सुरक्षा उपायों और आधुनिक सुविधाओं से लैस है, जिससे मे ...और पढ़ें

गंगा एक्सप्रेसवे पर कार्य करते श्रमिक।
HighLights
594 किमी लंबा है मेरठ से प्रयागराज तक एक्सप्रेसवे, प्रथम पैकेज मेरठ से बदायूं तक 130 किमी।
मेरठ समेत पश्चिम उत्तर प्रदेश के लोगों का इलाहाबाद हाई कोर्ट तक पहुंचना होगा आसान।
जागरण संवाददाता, मेरठ। मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाले गंगा एक्सप्रेसवे का प्रधानमंत्री बुधवार को लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही मध्यरात्रि से इस एक्सप्रेसवे पर आम जनता को आवागमन की अनुमति दे दी जाएगी। 12 जनपदों से गुजरने वाले इस एक्सप्रेसवे पर वाहन 120 किमी की गति से दौड़ सकेंगे। इसके साथ ही सुरक्षा का भी मजबूत इंतजाम किए जाने का दावा यूपीडा और संबंधित एजेंसियों द्वारा किया जा रहा है।
एक्सप्रेसवे का प्रथम पैकेज मेरठ से बदायूं तक 130 किमी लंबा है जो कि छह जनपदों को जोड़ रहा है। इस हाईवे की खासियत दोनों ओर की हरियाली है, वहीं बिना रुके वाहनों का प्रवेश लोगों का दिल जीत लेगा। दावा है कि इस मार्ग पर यात्रा का अनुभव अलग ही होगा।
120 किमी गति सीमा के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है एक्सप्रेसवे
प्रथम पैकेज की संचालनकर्ता एजेंसी आइआरबी इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड का दावा है कि देश के अधिकांश हाईवे पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 100 किमी प्रति घंटा की होती है लेकिन छह लेन के गंगा एक्सप्रेसवे को 120 किमी की गति के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। जिसपर वाहन इस गति में सुरक्षित यात्रा कर सकेंगे। इसके लिए एमएलएफएफ (मल्टी लेन फ्री फ्लो) तकनीक से वाहनों की बिना रुके ही इंट्री होगी।
यह भी पढ़ें- मेरठ में Ganga Expressway पर कहां से होगी एंट्री ?
15 मिनट में पहुंचेगी एंबुलेंस और मदद
एक्सप्रेसवे पर किसी भी दुर्घटना, आपात स्थिति और परेशानी के लिए हेल्पलाइन नंबर 14449 उपलब्ध कराया गया है। जल्द से जल्द मदद पहुंचाने के लिए 130 किमी की दूरी में 6 एंबुलेंस और 6 पेट्रोलिंग वाहन 24 घंटे घूमते रहेंगे। प्रत्येक 20 किमी की दूरी पर क्रेन उपलब्ध कराई गई है। दावा किया जा रहा है कि 15 मिनट के भीतर किसी भी स्थान मदद पहुंच जाएगी।
खबरें और भी
दो रेस्ट एरिया, मिलेगा ईंधन, खाना और शौचालय
मेरठ से बदायूं के बीच दो स्थानों पर रेस्ट एरिया मिलेंगे। इनमें पहला रेस्ट एरिया हसनपुर के पास किमी 72 पर तथा दूसरा रेस्ट एरिया किमी 120 के पास है। दोनों पर ही तेजी से काम किया जा रहा है। दावा है कि बुधवार से दोनों स्थानों पर पेट्रोल और डीजल उपलब्ध होगा। रेस्ट एरिया में पेट्रोल, डीजल, सीएनजी तथा ईवी चार्चिंग स्टेशन के साथ फूड कार्ट और 10-10 शौलाचल उपलब्ध होंगे।
जलीय प्राणियों के लिए मुफीद है गंगा का पुल
गढ़ मुक्तेश्वर में 980 मीटर लंबा पुल बनाया गया है। यह पुल भी खास है। डबल गर्डर तकनीक की मदद से इसके पिलर के बीच की दूरी को 40 मीटर के स्थान पर 60 मीटर कर दिया गया है। जिससे गंगा में परिवहन और जलीय प्राणियों का आवागमन सुगमता से हो सकेगा।
अवैध प्रवेश रोकेगी सुरक्षा दीवार, साथ चलेगी सर्विस रोड
एक्सप्रेसवे पर दौड़ते वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक्सप्रेसवे के साथ साथ आठ फीट ऊंची सुरक्षा दीवार बनाई जा रही है। इसके बराबर में सर्विस रोड दी गई है। जिस पर स्थानीय लोग आवागमन कर सकेंगे। हालांकि अभी कई स्थानों पर पैमाइश की प्रक्रिया न होने के कारण सुरक्षा दीवार और सर्विस रोड का काम अधूरा है।
आसान हो जाएगा हाई कोर्ट का सफर
गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने से मेरठ समेत पश्चिम उत्तर प्रदेश के लोगों का इलाहाबाद हाई कोर्ट तक पहुंचना आसान हो जाएगा। क्रांति धरा मेरठ का कुंभ नगरी प्रयागराज से सीधा जुड़ाव हो जाएगा। धार्मिक यात्रियों और पर्यटकों की यात्रा भी सुगम हो जाएगी। मेरठ से प्रयागराज के स्थित बड़े शहरों तक पहुंचना भी आसान हो जाएगा।
मेरठ-बदायूं के बीच पुलों की संख्या
- माइनर ब्रिज 28
- मेजर ब्रिज 05
- रेलवे ओवर ब्रिज 02
- फ्लाईओवर 09
- छोटे बड़े कुल अंडरपास 117
- कुल पुलों की संख्या 161
इन हाईवे और प्रमुख मार्गों को जोड़ेगा एक्सप्रेसवे
- एनएच 09 मुरादाबाद हापुड़ हाईवे
- गढ़-स्याना-बुलंदशहर मार्ग
- हसनपुर-अनूपशहर मार्ग
- मुरादाबाद-संभल-अनूपशहर मार्ग
- मुरादाबाद-चंदौसी- अलीगढ़ मार्ग
इन्होंने कहा.....
हमारा प्रथम पैकेज कई महीने से ही तैयार है। सुरक्षा, सड़क और टोल समेत सभी व्यवस्थाएं तैयार हैं। लोकार्पण के बाद मध्यरात्रि से वाहनों का आवागमन शुरू कर दिया जाएगा। वाहनों का दबाव बढ़ने पर इस एक्सप्रेसवे का आठ लेन तक विस्तार किया जा सकता है। जिसके लिए जमीन पहले से ही उपलब्ध है। यह एक्सप्रेसवे तमाम विशेषताओं से युक्त है।
अनूप सिंह, सीजेएम आइआरबी इंफ्रा (संचालनकर्ता एजेंसी)