Ganga Expressway पर मेरठ से बदायूं तक कई स्थानों पर सर्विस रोड की मिट्टी कट कर बही
Ganga Expressway: गंगा एक्सप्रेसवे पर पहली बरसात के बाद कई स्थानों पर सर्विस रोड और स्लोप की मिट्टी कट गई। संचालनकर्ता एजेंसी ने कटी हुई मिट्टी को नई ...और पढ़ें

गंगा एक्सप्रेसवे पर मेरठ के बिजौली गांव की सीमा में सर्विस रोड के बराबर में कटी मिट्टी। जागरण
HighLights
सर्विस रोड व स्लोप पर हुआ मिट्टी का कटाव।
संचालनकर्ता एजेंसी ने की त्वरित कार्रवाई।
जागरण संवाददाता, मेरठ। गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद इस बार पहली बरसात है। बरसात के पानी ने कई स्थानों पर एक्सप्रेसवे के बराबर के स्लोप तथा सर्विस रोड के बराबर में मिट्टी का कटान कर दिया।
अच्छी बात यह रही कि दुर्घटना की आशंका को देखते हुए एक्सप्रेसवे की संचालनकर्ता एजेंसी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसकी भरपाई कर दी। इन सभी स्थानों पर नई मिट्टी डाल दी गई। ताकि न तो कोई दुर्घटना हो सके और न ही कटान और ज्यादा बढ़ सके।
मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाले 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के मेरठ से बदायूं तक 130 किमी लंबे प्रथम पैकेज की सड़क का निर्माण पिछले वर्ष ही पूरा कर लिया गया था। गत 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री ने इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था। उद्घाटन के बाद यह पहली बरसात है।
बरसात में एक्सप्रेसवे की सड़क तो सुरक्षित है लेकिन इसके बराबर में बनाए गए स्लोप तथा सर्विस रोड की मिट्टी कई स्थानों से कट कर बह गई। कटान की शुरूआत गंगा एक्सप्रेसवे के शुरूआती स्थल बिजौली गांव से ही हुई और बधौली, सिंभावली, सिखेड़ा, हसनपुर और बहजोई तक कई स्थानों पर मिट्टी का कटान हुआ। अच्छी बात यह रही कि एक्सप्रेसवे की संचालनकर्ता एजेंसी ने इस कटान से दुर्घटना की आशंका में तुरंत इसका सुधार भी कर दिया। सभी स्थानों पर कुछ समय में ही नई मिट्टी डालकर इस कटान को भर दिया गया।
इन्होंने कहा.....
हमारी सड़क पिछले साल बरसात से पहले बनकर तैयार हो गई थी। वह एक बरसात झेल चुकी है। लिहाजा इस बार उस पर असर नहीं पड़ा। कुछ स्थानों पर सर्विस रोड अधूरी थी। जिसे उद्घाटन से पहले पूरा किया गया। उन स्थानों पर ही मिट्टी के कटान की समस्या आई है। हालांकि यह बरसात में यह सामान्य घटना है लेकिन तुरंत इसे ठीक कराया गया। गंगा नदी पुल से पहले के हिस्से में यह समस्या ज्यादा रही। एक्सप्रेसवे के बराबर के स्लोप में कटान को रोकने के लिए विशेष प्रकार की घास लगाने के अलावा अन्य इंतजाम भी किए गए हैं।
-अनूप सिंह, मुख्य महाप्रबंधक आइआरबी इंफ्रा