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मसूद अजहर से फिक्स थी मीटिंग, बिहार से पासपोर्ट बनवाकर PAK भागने की थी तैयारी; आतंकी जफर पर नया खुलासा

Published: Tue, 18 Aug 2026 09:06 AM (IST)Updated: Tue, 18 Aug 2026 10:33 AM (IST)

जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी मोहम्मद जफर की गिरफ्तारी के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने ISI के शहजाद भट्टी नेटवर्क को ...और पढ़ें

HighLights

  1. जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े मोहम्मद जफर मेरठ से गिरफ्तार

  2. पश्चिमी यूपी में 16 संदिग्ध आतंकी पकड़े, ISI नेटवर्क ध्वस्त

  3. जफर पाकिस्तान जाने की फिराक में था, मसूद अजहर से प्रभावित

सुशील कुमार, मेरठ। जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी मोहम्मद जफर की गिरफ्तारी के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा है। मोदी सरकार ने स्वतंत्रता दिवस से पहले आइएसआइ का सहयोग करने वाले गैंग्सटर शहजाद भट्टी के नेटवर्क को खत्म कर दिया। 200 से ज़्यादा ऑपरेटिव्स को गिरफ्तार करके उसके खतरनाक हमलों के प्लान को नाकाम कर दिया। भारतीय सुरक्षा बलों ने 14 राज्यों में आपरेशन चलाकर आतंकवाद के प्रति भारत की जीरो टॉलरेंस की शानदार मिसाल पेश की।

उक्त आरोपितों ने काफी सामान भी बरामद किया। अकेले वेस्ट यूपी में अभी तक पाकिस्तानी गैंगस्टर  शहजाद भट्टी और सरफराज डोगरा से जुड़े 16 संदिग्ध आतंकी पकड़े जा चुके है, ज्यादातर सभी का कनेक्शन मेरठ में जुड़ा हुआ मिला है।

जफर की गिरफ्तारी के बाद प्लान फिर किया नाकाम

मोहम्मद जफर की गिरफ्तारी के बाद एकबार फिर साबित हो गया कि पाकिस्तानी गैंग्सटरों के निशाने पर वेस्ट यूपी पूरी तरह से है। पिछले सात माह में अभी तक एटीएस और सिविल पुलिस की कार्रवाई में 16 संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार किए जा चुके है। यह सभी संदिग्ध आतंकी हापुड़, गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर से पकड़े गए है। सभी का सीधा जुड़ाव मेरठ से मिला है। उमर, आजाद राजपूत और तुषार चौहान समेत काफी युवक उनके झांसे में आकर काम कर रहे थे।

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जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी मोहम्मद जफर

तुषार चौहान ने तो अपना नाम भी मुस्लिम रख लिया था। एटीएस अभी भी मान रही है कि मोहम्मद जफर की गिरफ्तारी के बाद सिलसिला खत्म नहीं हुआ है। जफर से जुड़े हुए अन्य युवकों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

बुलंदहशहर के मदरसे से जुड़ा है जफर का कनेक्शन

मोहम्मद जफर का कनेक्शन बुलंदशहर के मदरसे से जुड़ा हुआ है। बताया जाता है कि वहां भी जफर के परिचित है, जिन पर एटीएस की टीम काम कर रही है। जफर के रिश्तेदार भी वेस्ट यूपी में जैश ए मोहम्मद के लिए काम कर रहे है। एटीएस की टीम उनकी निगरानी कर रही है। बताया जाता है कि बुलंदशहर के मदरसे में रहने वाले परिचित ने ही 2017 में जफर को मदरसे में पढ़ने के लिए मेरठ बुलाया था।

दो दिन पहले हापुड़ के शेरपुर से पकड़कर छोड़ दिया था जफर

एटीएस की टीम ने जफर को दो दिन पहले हापुड़ के शेरपुर स्थित मस्जिद से पकड़ा था। उस समय पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया था। जफर के सभी दस्तावेज कब्जे में ले लिए थे। जफर के सभी दस्तावेज उर्दू में थे। बाद में दस्तावेज को उर्दू वादक से पढ़वाया गया। उसके बाद ही जफर की सच्चाई सामने आई। जांच में पता चला कि जफर जैश-ए-मोहम्मद के लिए काम कर रहा था। बाकायदा चंदा एकत्र कर उस संगठन को भेज रहा था। तब दोबारा एटीएस ने जफर को गिरफ्तार किया।

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बिहार से बनवाया था पासपोर्ट, पाकिस्तान जाने की फिराक में था

मोहम्मद जफर ने बिहार से पासपोर्ट बनवा लिया था। पूछताछ में बताया कि वह पाकिस्तान जाने की फिराक में लगा हुआ था। उसने जैश ए मोहम्मद के संस्थापक मसूद अजहर के साथ मीटिंग भी फिक्स कर ली थी। जफर से जिस तरह से काम कर रहा था। उसके मंसूबे बड़े ही खतरनाक थे। वह वेस्ट यूपी में बड़ा धमाका करा सकता था। जफर से जैश-ए-मोहम्मद का कौन-कौन जुड़ा हुआ है।

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फिलहाल एटीएस इसकी जानकारी जुटा रही है। जफर को लखनऊ से जेल भेजने के बाद उसके पासपोर्ट को निरस्त करने की तैयारी की जा रही है। हालांकि अभी तक जफर ने पासपोर्ट पर कोई विदेशी यात्रा नहीं की है।