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    कांवड़ यात्रा: यूपी और उत्तराखंड सरकार ने बनाए सख्त नियम, त्रिशुल और भाले पर रहेगा बैन, नहीं चलेंगे जुगाड़ वाहन

    Updated: Mon, 13 Jul 2026 06:00 AM (IST)

    यूपी और उत्तराखंड सरकारों ने कांवड़ यात्रा के लिए सख्त नियम लागू किए हैं, जिसमें मेरठ जोन में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक तस्वीर

    प्रतीकात्मक तस्वीर

    HighLights

    1. कांवड़ यात्रा में त्रिशूल, भाला और नुकीले हथियार प्रतिबंधित।

    2. कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई 10 फीट, पैदल कांवड़ 6 फीट।

    3. जुगाड़ वाहन, रेट्रो साइलेंसर पर प्रतिबंध, सख्त कार्रवाई होगी।

    जागरण संवाददाता, मेरठ। कांवड़ यात्रा को लेकर यूपी व उत्तराखंड सरकार ने इस बार सख्ती के संकेत दिए है। कांवड़ के दौरान शिवभक्तों की सबसे ज्यादा संख्या मेरठ जोन में रहती है। इसे लेकर मेरठ जोन में सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त किए गए है।

    कांवड़ यात्रा के दौरान डाक कांवड़ की रफ्तार, ऊंचाई व चौड़ाई को निश्चित किया गया है। शिवभक्तों की सुरक्षा को देखते हुए पैदल कांवड़, डाक कांवड़ व झांकियों की ऊंचाई तय कर दी गई है। किसी भी विद्युत दुर्घटना से बचने को दस फीट से ऊंची कांवड़ हरिद्वार से यूपी में प्रवेश नहीं कर पाएगी। त्रिशुल, भाला व नुकीला हथियार या नशा कर कांवड़ यात्रा में शामिल होने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    हरिद्वार पुलिस ने कांवड़ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं के लिए एडवाइजरी जारी की है। एडीजी भानू भास्कर ने बताया कि इसका पालन यूपी में भी किया जाएगा। मेरठ जोन में इसे सख्ती से लागू किया जाएगा। कांवड़ यात्रा में जुगाड़ वाहन, रेट्रो साइलेंसर, भाले, त्रिशूल, तलवार और अन्य हथियारों के साथ आने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    कांवड़ की ऊंचाई अधिकतम दस फीट से अधिक नहीं होगी। कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों से नियम-कायदों का कड़ाई से पालन करना होगा। इस बार कांवड़ यात्रियों की संख्या में इजाफा होने की जानकारी आ रही है। यात्रा के दौरान आवागमन सुचारू रहे, इसके लिए रूट प्लान तैयार किया जा रहा है। दिल्ली-देहरादून इकनोमिक कॉरिडोर से इस बार आवागमन सुचारू रखने में मदद मिलेगी।

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    जुगाड़ वाहन और रेट्रो साइलेंसर का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। ध्वनि प्रदूषण फैलाने या यातायात व्यवस्था बाधित करने वालों पर इस बार सख्त कार्रवाई की तैयारी है। हथियार लेकर चलने, बसों व रेल में छत व लटककर यात्रा करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

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    इन नियमों का करना होगा पालन

    • पैदल कांवड़ की ऊंचाई छह फीट से ऊंची नहीं होनी चाहिए।
    • झांकी कांवड़ की ऊंचाई दस फीट से ऊंची नहीं होनी चाहिए।
    • जुगाड़ वाहन व बिना साइलेंस के दुपहिया वाहन नहीं चलेंगे।
    • भाले, तलवार, त्रिशुल व अन्य हथियारों लेकर चलने पर होगी कार्रवाई।
    • शराब व अन्य मादक पदार्थों का प्रयोग कर चलने पर होगी सख्त कार्रवाई।
    • कांवड़ यात्रा के दौरान वैध प्रमाण व पहचान पत्र रखना होगा जरूरी।
    • ट्रेन की छत पर या लटककर चलने वालों पर की जाएगी सख्त कार्रवाई।


    कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तराखंड सरकार ने जो गाडड लाइन जारी की है, वहीं उत्तर प्रदेश में भी प्रभावी होंगी। कांवड़ यात्रा के दौरान त्रिशुल, धारदार व नुकीले हथियार लेकर चलने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। कांवड़ व डाक कांवड़ की ऊंचाई व दुपहिया वाहनों को लेकर जो दिशा निर्देश जारी किए गए है, उनका कड़ाई से पालन कराया जाएगा।

                                                                                               भानू भास्कर, एडीजी