मेरठ रेंज में 969 KM क्षेत्र में 28 मार्गों से गुजरेंगे शिवभक्त, सुरक्षा को बनाए 128 बैरियर; घाटों पर NDRF-SDRF की तैनाती
Kanwar Yatra 2026: डीआईजी कलानिधि नैथानी ने मेरठ रेंज में कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान बताया गया कि रेंज में 28 मार्गों प ...और पढ़ें

मेरठ रेंज में 969 KM क्षेत्र में 28 मार्गों से गुजरेंगे शिवभक्त, सुरक्षा को बनाए 128 बैरियर (AI जेनेरेटेड फोटो)
HighLights
रेंज में कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम।
सभी घाट तैनात रहेंगे गोताखोर।
जागरण संवाददाता, मेरठ। कांवड़ यात्रा में सुरक्षा बंदोबस्त को अंतिम रूप देने में अधिकारी जुट गए है। गुरुवार को डीआइजी कलानिधि नैथानी ने सुरक्षा बंदोबस्त की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने बताया कि मेरठ रेंज में 28 कांवड़ मार्ग से शिवभक्त गुजरेंगे। 969 किमी के इस मार्ग पर सुरक्षा के लिए 128 बैरियर बनाए गए है। इससे यातायात संचालन के साथ ही वाहनों की चेकिंग की जाएगी।
कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले सभी घाट व स्नान स्थान पर प्रशक्षित गोताखोर के अलावा नाव की भी व्यवस्था की गई है। कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले 32 मंदिरों की सुरक्षा व व्यवस्था के व्यापक प्रबंधक किए गए है।
डीआइजी कलानिधि नैथानी ने बताया कि कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेंज नदी व नहर के घाट पर 157 नाव व 139 प्रशिक्षित गोताखोर तैनात रहेंगे। यहां दोहरी बैरिकेडिंग, साइन बोर्ड, प्रकाश व्यवस्था, पार्किग, कंट्रोल रूम, खोया पाया केन्द्र, पीए सिस्टम, वाच टावर तथा एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमें तैनात रहेंगी। जनपद मेरठ में सात मुख्य कावंड़ मार्ग 228 किमी के है। यहां 26 बैरियर बनाए गए हैं।
बुलंदशहर में 446 किमी के 10 मुख्य कावंड मार्ग, बागपत में 164 किमी के छह प्रमुख कांवड़ मार्ग और हापुड़ में 131 किलोमीटर के पांच मुख्य कांवड़ मार्ग हैं। उन्होंने बताया किसी भी स्थिति से निपटने को नावों में लाइफ जैकेट रहेंगी। नदी और नहर के आसपास पड़ने वाली पुलिस चौकी पर भी लाइफ जैकेट उपलब्ध कराई गई है।
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व्यापार पर ब्रेक लगाती है मनमानी बैरिकेडिंग
मेरठ : कांवड़ यात्रा के दौरान होमवर्क किए बिना बल्लियां बांधकर बैरिकेडिंग कर दी जाती है, उन वैध कटों को भी बंद कर दिया जाता है, जहां से जरूरी कार्यों से लोगों की आवाजाही होती है। बेगमपुल से दिल्ली रोड, हापुड़ रोड और गढ़ रोड पर इस बैरिकेडिंग का सीधा असर व्यापार पर पड़ता है। लगभग आठ दिन के लिए मनमानी बैरिकेडिंग व्यापार पर ब्रेक लगा देती है। हर साल व्यापारी इस समस्या को झेलते हैं, लेकिन अधिकारियों को व्यापारियों की व्यावहारिक जरूरतों का ख्याल नहीं रहता है। जबकि व्यापारियों के हित को देखते हुए ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए कि कांवड़ के साथ व्यापार भी चलता रहे।