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    Kanwar Yatra: गोमाता के लिए 'दांतों तले' दबाया 12 क्विंटल वजन, भारी कार खींचकर हरिद्वार से अलीगढ़ जा रहे नरेंद्र 

    By Sanjeev Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Sat, 25 Jul 2026 12:54 PM (IST)

    Kanwar Yatra 2026: अलीगढ़ के नरेंद्र गोमाता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर हरिद्वार से 12 क्विंटल की कार दांतों से खींचते हुए यात्रा ...और पढ़ें

    हरिद्वार से करीब 12 क्विंटल वजन की कार को दांतों से खींचते मेरठ पहुंचे नरेंद्र।

    हरिद्वार से करीब 12 क्विंटल वजन की कार को दांतों से खींचते मेरठ पहुंचे नरेंद्र।

    HighLights

    1. हरिद्वार से अलीगढ़ के छज्जूपुर गांव के लिए निकले।

    2. नरेंद्र ने 10 जुलाई को शुरू की थी यात्रा, मेरठ पहुंचे

    3. गोसंरक्षण व सनातन संस्कृति के प्रति जागरूकता है उद्देश्य।

    जागरण संवाददाता, मेरठ। गोमाता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर अलीगढ़ के छज्जूपुर गांव निवासी नरेंद्र अनूठी कांवड़ यात्रा कर रहे हैं। वह हरिद्वार से करीब 12 क्विंटल वजन की कार और उसमें रखे गंगा जल सहित अन्य सामान को दांतों से खींचते हुए अपने गांव की ओर बढ़ रहे हैं। 10 जुलाई को हरिद्वार से शुरू हुई उनकी यात्रा मेरठ पहुंची। यहां पहुंचने पर लोगों ने उनकी अनूठी यात्रा को कौतूहल से देखा और उनके उद्देश्य के बारे में जानकारी ली।

    नरेंद्र के अनुसार, वह गोमाता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के उद्देश्य से यह यात्रा कर रहे हैं। उनका कहना है कि गोसंरक्षण और सनातन संस्कृति के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए उन्होंने यह कठिन संकल्प लिया है। हरिद्वार से शुरू हुई यात्रा के दौरान वह विभिन्न स्थानों से होते हुए अलीगढ़ के छज्जूपुर गांव पहुंचेंगे।

    यात्रा में उनके साथ हरिओम पंडित और मोना बाबा भी मौजूद हैं। नरेंद्र ने बताया कि यात्रा के दौरान करीब 12 क्विंटल वजन की कार और सामान को दांतों से खींचना उनके संकल्प का हिस्सा है। पल्लवपुरम पहुंचने पर उन्होंने बताया कि यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि गो माता के सम्मान और संरक्षण के लिए समाज को जागरूक करना भी है।

    10 जुलाई को हरिद्वार से शुरू हुई यात्रा

    नरेंद्र ने बताया कि उन्होंने 10 जुलाई को हरिद्वार से यात्रा शुरू की थी। वह मेरठ पहुंचे। यहां से यात्रा आगे अलीगढ़ के छज्जूपुर गांव के लिए जारी रहेगी। यात्रा की सबसे खास बात यह है कि नरेंद्र करीब 12 क्विंटल वजन की कार और सामान को दांतों से खींच रहे हैं। उनका कहना है कि यह कठिन संकल्प गोमाता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर लिया गया है।

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