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मेरठ कैंट सैन्य क्षेत्र बनेगा पूरी तरह एलपीजी मुक्त, पीएनजी से होगी 70 लाख की बचत

Published: Wed, 23 Sep 2026 05:47 PM (IST)

मेरठ कैंट का सैन्य क्षेत्र एलपीजी मुक्त होने की दिशा में बढ़ रहा है, जहां गेल गैस लिमिटेड और आर्मी ...और पढ़ें

आर्मी क्षेत्र में पीएनजी कनेक्शन को लेकर अनुबंध करते आर्मी और गेल गैस लिमिटेड के अधिकारी। सौ. गेल

आर्मी क्षेत्र में पीएनजी कनेक्शन को लेकर अनुबंध करते आर्मी और गेल गैस लिमिटेड के अधिकारी। सौ. गेल

जागरण संवाददाता, मेरठ। कैंट स्थित सैन्य क्षेत्र धीरे-धीरे पूरी तरह एलपीजी मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। गेल गैस लिमिटेड की ओर से इस क्षेत्र में करीब 7,200 सरकारी आवासों/क्वार्टरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की आपूर्ति की जा रही है। इसी क्रम में परमेश्वरन एन्क्लेव और न्यू शिवाजी लाइंस में नवनिर्मित आर्मी आवासों में 1,750 नए पीएनजी कनेक्शन लगाने के लिए मंगलवार को आर्मी और गेल गैस लिमिटेड के बीच अनुबंध पर हस्ताक्षर हुए।

चूंकि आर्मी क्षेत्र में भूमिगत गैस पाइपलाइन नेटवर्क पहले से है, इसलिए इन आवासों में नए पीएनजी कनेक्शन लगाकर प्राकृतिक गैस की आपूर्ति शुरू की जाएगी। गेल गैस लिमिटेड मेरठ के महाप्रबंधक विनय कुमार ने बताया कि आर्मी क्षेत्र में संचालित करीब 265 आर्मी कैंटीनों और मेसों में भी पीएनजी कनेक्शन लगाने के लिए जल्द अनुबंध किया जाएगा।

इन सभी प्रतिष्ठानों में पीएनजी की आपूर्ति शुरू होने के बाद प्रतिदिन करीब 20 हजार लोगों का भोजन तैयार करने में ईंधन की आवश्यकता पीएनजी से पूरी हो सकेगी। इन कैंटीनों और मेसों में होने वाली गैस खपत लगभग 5,000 घरों की ईंधन खपत के बराबर है। अनुबंध होने के तीन माह के भीतर सभी 265 आर्मी कैंटीनों और मेसों में पीएनजी कनेक्शन लगाने का काम पूरा किया जाएगा।

हर साल करीब 70 लाख की बचत

गेल गैस लिमिटेड की ओर से बताया गया कि पीएनजी कनेक्शन शुरू होने के बाद आर्मी क्षेत्र में वर्तमान में एलपीजी पर होने वाले खर्च में लगभग 70 लाख रुपये प्रतिवर्ष तक बचत का अनुमान है। साथ ही बचने वाले एलपीजी सिलिंडरों का इस्तेमाल भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार उन ग्रामीण अथवा अन्य क्षेत्रों में किया जा सकेगा, जहां अभी भूमिगत गैस पाइपलाइन नेटवर्क नहीं है।

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