मेरठ कैंट विधानसभा क्षेत्र: फ्लाईओवर बने न पार्किंग, छाप नहीं छोड़ पाई छावनी; विधायक का सबसे अधिक काम कराने का दावा
Uttar Pradesh MLA Report Card: मेरठ कैंट विधानसभा क्षेत्र में सड़कों, जाम और जलभराव जैसी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। विधायक अमित अग्रवाल ने क् ...और पढ़ें

मेरठ कैंट विधानसभा क्षेत्र
HighLights
मेरठ कैंट में सड़कों की खराब हालत और जाम की समस्या।
भाजपा विधायक अमित अग्रवाल का विकास कराने का दावा।
जागरण संवाददाता, मेरठ। यह एक सामान्य सी उम्मीद होती है कि यदि किसी जिले में छावनी क्षेत्र है तो वह साफ-सुथरा होगा। बेहतर सड़कें होगी और क्षेत्र जाम व जलभराव से लगभग मुक्त होगा लेकिन मेरठ का कैंट क्षेत्र में ऐसा नहीं हो सका।
कैंट विधानसभा क्षेत्र में 28 वार्ड नगर निगम के और आठ वार्ड छावनी परिषद के हैं लेकिन वर्तमान सरकार के सवा चार साल बीतने के बाद भी गड्ढों में समाई सड़कें, जाम और उफनते नाले इसका प्रमाण हैं कि भाजपा विधायक अमित अग्रवाल क्षेत्र में वैसा काम नहीं करा सके, जैसा ट्रिपल इंजन सरकार में अपेक्षित था। छावनी परिषद की बोर्ड बैठक हो या नगर निगम की बैठक, विधायक की उपस्थिति होने के बाद भी उम्मीद के अनुसार बदलाव नहीं दिख रहे हैं।
यदि बच्चा पार्क से सदर तहसील तक फ्लाईओवर और कचहरी में मल्टीलेवल पार्किंग बन जाती तो जाम के समाधान पर उल्लेखनीय काम हो सकता था, लेकिन यह काम भी सिर्फ इंजीनियरों के भ्रमण कराने की औपचारिकता तक सीमित रह गया। स्थिति समझने के लिए ‘दैनिक जागरण’ की टीम ने क्षेत्र का भ्रमण किया। बागपत रोड ऐसा बार्डर है जिसके एक तरफ कैंट क्षेत्र तो दूसरी तरफ दक्षिण क्षेत्र है। यहां एक नाला है जो लगभग 10 साल पहले बना था।
इसे आधा बनाकर छोड़ दिया गया। इसके लिए सिंचाई विभाग और एनएचएआइ से एनओसी नहीं ली जा सकी। स्थानीय लोगों ने बताया कि विधायक ने भी कई बार अधिकारियों के साथ भ्रमण किया लेकिन पूरा नाला नहीं बन सका। इसका पानी आसपास की कालोनियों में भरता है। बागपत रोड को रेलवे रोड से जोड़ने के लिए भले ही संपर्क मार्ग बनाकर वर्षों पुरानी मांग पूरी कर दी गई लेकिन तहसील से बच्चा पार्क तक का फ्लाईओवर दावों की फाइल में कैद है।
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बार-बार दावा और कई बार सर्वे के बाद भी न कचहरी में मल्टीलेवल पार्किंग बनी, न ही सदर या आबूलेन की तरफ पार्किंग समस्या का समाधान हुआ। छावनी के पुराने मुहल्लों में सुंदरीकरण नहीं कराया गया। घुमंतू जानवर यातायात और सफाई व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं। इनके समाधान का कोई प्रयास नहीं किया गया जबकि सरकार गोशालाएं बनवा रही हैं।
क्षेत्र में सबसे अधिक और बदलाव वाले काम हुए: विधायक
विधायक अमित अग्रवाल का कहना है कि मेरी विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक और बदलाव वाले काम हुए हैं। बागपत रोड-रेलवे रोड को जोड़ने के लिए संपर्क मार्ग बनवाया। रासना व आसपास गांव के लोगों को मेडिकल कालेज जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। इसके लिए रासना गांव के पास पुल निर्माण कार्य शुरू कराया है। बीएनजी स्कूल के पास पुरानी डाट पुलिया तुड़वाकर नया पुल बनवा रहे हैं।
विधायक ने कहा कि मवाना रोड पर कसेरूखेड़ा नाले की पुलिया का चौड़ीकरण कराया। बच्चा पार्क फ्लाईओवर, खड़ौली कट पर फ्लाईओवर, कचहरी में मल्टीलेवल पार्किंग को जल्द स्वीकृति मिल जाएगी। बागपत रोड नाले की जल निकासी के लिए वेदव्यासपुरी एसटीपी तक नई सीवर लाइन का कार्य कराया। रोहटा रोड, किला रोड व बागपत रोड का चौड़ीकरण प्रस्ताव पास कराया। बाउंड्रीरोड पर सड़क चौड़ीकरण कार्य जारी है। मार्शल पिच पर ईएसआइ अस्पताल बड़ी सौगात है।
धरातल पर कुछ नहीं हुआ: बसपा प्रत्याशी
2022 में बसपा प्रत्याशी रहे अमित शर्मा ने बताया कि रजबन, सुभाषनगर जैसे मुहल्लों को देखकर कोई नहीं कह सकता कि यह छावनी का हिस्सा हैं। दिल्ली रोड से गढ़ रोड व कचहरी जाने के लिए बच्चा पार्क-तहसील तक फ्लाईओवर नहीं बनाया जा सका है। बागपत रोड का नाला खड़ौली नाले में नहीं मिलाया जा सका, जिससे हर साल आसपास की कालोनियां पानी में डूब जाती हैं।
औद्योगिक क्षेत्र विकसित नहीं हो सका। जलभराव व जाम की समस्या पर काम नहीं हुआ। यदि ध्यान दिया जाता तो सड़कों पर गड्ढे नहीं रहते। हाईवे पर खड़ौली कट पर फ्लाईओवर बनाने का दावा तो किया गया लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हुआ।
जनता कहिन
मेरठ-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग को यशोदा कुंज से शुरू किया गया है। इसे कसेरूखेड़ा पुल से ही फ्लाईओवर बनाकर देना चाहिए था क्योंकि इस क्षेत्र में जाम लगता है। अतिक्रमण बड़ी समस्या है, जिसका विधायक को समाधान कराना चाहिए था।
-सुबोध भारद्वाज, व्यापारी, गंगानगर
पल्हैड़ा में पानी से लबालब आठ तालाब थे, इनसे कब्जा नहीं हटवाया गया। पलहैड़ा की पूरब दिशा में पल्लवपुरम फेज-एक व द्वितीय को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण नहीं हुआ। पल्लवपुरम फेज दो के निचले क्षेत्र में हर वर्ष जलभराव होता है, इसका समाधान नहीं कराया गया।
-शैलेंद्र शास्त्री, पल्लवपुरम
भोला रोड आधी बनाकर छोड़ दी गई। विधायक ने कई बार निरीक्षण किया लेकिन बागपत रोड नाले को बड़े नाले में नहीं मिलाया जा सका, जिससे उसका पानी कालोनियों में भर जाता है। हर तरफ जाम लगता है लेकिन अतिक्रमण हटाने पर काम नहीं किया गया।
-अरविंद कुमार, भोला रोड
न कोई उद्योग न ही नया निवेश लाया गया। रोजगार को लेकर काम नहीं हुआ जिससे युवा परेशान हैं। सभी सड़कों पर गड्ढे हैं इसको लेकर विधायक गंभीर नहीं रहे। जाम और जल निकासी की समस्या का हल नहीं निकाला गया। छावनी क्षेत्र में मल्टीलेवल पार्किंग नहीं बनवाई गई।
-सुरेंद्र शर्मा, बेगमपुल