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    मेरठ शहर विधायक का रिपोर्ट कार्ड: जलभराव व जाम से जूझ रहे लोग, सपा MLA बोले- विपक्ष में रहकर किया उम्मीद से ज्यादा काम

    By Anuj Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Thu, 23 Jul 2026 02:21 PM (IST)

    Uttar Pradesh MLA Report Card: मेरठ शहर में जलभराव, जाम और खराब सड़कों जैसी समस्याएं हैं। सपा विधायक रफीक अंसारी ने विकास कार्यों में पक्षपात का आरोप ...और पढ़ें

    मेरठ शहर विधानसभा क्षेत्र

    मेरठ शहर विधानसभा क्षेत्र 

    HighLights

    1. शहर में जलभराव, जाम और अतिक्रमण बड़ी समस्याएं।

    2. विधायक ने विकास कार्यों में पक्षपात का आरोप लगाया।

    जागरण संवाददाता, मेरठ। वर्ष 2022 में शहर की जनता ने अपने विधानसभा क्षेत्र से रफीक अंसारी को लगातार दूसरी बार विधायक चुनकर विधानसभा भेजा था, लेकिन जिन उम्मीदों के साथ जनता ने यह चुनाव किया उन्हें पूरी करने में शहर विधायक सफल नहीं हो सके। लोग सड़कों पर रोजाना जाम से जूझते रहे।

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    अतिक्रमण की समस्या का समाधान नहीं हो सका। बरसात का पानी शहर की सड़कों और लोगों के घरों में घुसकर उन्हें परेशान करता रहा। शुद्ध पेयजल, सफाई के लिए लोग नगर निगम और अन्य कार्यालयों के चक्कर लगाते रहे। शहर की बदहाल सड़कें उन्हें परेशान करती रहीं। बिजली संकट भी नहीं सुधर सका।

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    मेरठ नगर निगम क्षेत्र वैसे तो तीन विधानसभा क्षेत्रों से घिरा है लेकिन पुराने शहर का अधिकांश हिस्सा मेरठ शहर विधानसभा क्षेत्र में शामिल है। पुराना शहर समस्याओं से घिरा है। यहां ड्रेनेज सिस्टम ठप है। नाले सिल्ट से भरे हैं, सीवर लाइनें चोक हैं। इन हालात में बरसात शुरू होते ही शहर डूब जाता है। नालों का गंदा पानी मुख्य मार्गों, गलियों से होता हुआ लोगों के घरों और दुकानों में भर जाता है।

    यह समस्या पुरानी है जिसका समाधान शहर विधायक के दो बार के कार्यकाल में भी नहीं हो सका। दूसरी बड़ी समस्या शहर में जाम और अतिक्रमण की है। जाम का बड़ा कारण अतिक्रमण भी है। एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने में कितना समय लगेगा इसका अंदाजा भी लोग नहीं कर पाते हैं। विकास योजनाओं के नाम पर भी मुख्य मार्गों को खोदकर डाला गया है।

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    गंगाजल योजना के बावजूद शहर की जनता को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा। गली-गली में कूड़े के ढेर बीमारियां फैला रहे हैं। इन सभी समस्याओं से जूझती जनता विधायक से समाधान की उम्मीद लगाए रही लेकिन उन्हें निराशा ही मिली। बिजली संकट भी परेशानी बढ़ाने में पीछे नहीं है।

    विकास कार्यों में होता है पक्षपात: विधायक

    शहर विधायक रफीक अंसारी का कहना है कि वे जनता की समस्या को सदन में उठाने में सफल रहे। पुराना कमेला क्षेत्र में सपा शासनकाल में स्वीकृत अस्पताल के प्रोजेक्ट को भाजपा सरकार ने कोरोना का बहाना बनाकर रद कर दिया, जबकि उसके लिए 3.50 करोड़ रुपया भी जारी हो गया था। जलभराव के समाधान के लिए हापुड़ रोड पर ओडियन नाले पर पुल का निर्माण कराया।

    अपनी विधायक निधि से सड़कें, नाली, खड़ंजे, स्ट्रीट लाइट, हैंडपंप के कार्य कराए। हमारा क्षेत्र नगर निगम की सीमा में है, महापौर भाजपा के हैं। लिहाजा विकास कार्यों में पक्षपात होता है। शहर में नई सीवर लाइन, एल ब्लाक से बेगमपुल तक एलीवेटेड रोड, पेयजल और सफाई के लिए मजबूत कार्ययोजना बनाकर काम होना आवश्यक है। हम यह मांग सदन में उठा चुके हैं। भाजपा सरकार के कार्यकाल में बिजली ढांचे को मजबूत करने तथा बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रयास नहीं किया गया।

    जनता और अपने समाज को भी किया निराश: भाजपा प्रत्याशी

    विधानसभा चुनाव 2022 में दूसरे स्थान पर रहने वाले भाजपा प्रत्याशी कमलदत्त शर्मा का कहना है कि शहर विधायक रफीक अंसारी का प्रदर्शन शून्य है। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं के साथ-साथ अपने समाज के लोगों को भी निराश किया है। जिस जनता ने उन्हें दो बार विधानसभा भेजा उसकी किसी भी समस्या और परेशानी को हल कराने के लिए वे कहीं भी, कभी भी मौके पर दिखाई नहीं दिए। जनता का उनसे विश्वास खत्म हो गया है।

    बोली जनता.....

    शहर विधायक के दो कार्यकाल हो गए हैं लेकिन वे किसी भी समस्या में शहर की आम जनता के बीच खड़े दिखाई नहीं दिए। व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए भी उन्होंने कोई उल्लेखनीय कार्य नहीं किया।
    -अकरम गाजी, व्यापारी, भगत सिंह मार्केट

    विधायक रफीक अंसारी ने अपनी निधि से विभिन्न समस्याओं का समाधान कराया है। हमारे क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटें लगवाई, सड़कें बनवाई हैं। प्रदेश की सरकार और नगर निगम की सरकार भाजपा की हैं। विपक्ष में रहते हुए भी वे जनता के साथ रहे।
    -अफजाल सैफी, पूर्व पार्षद

    हम ब्रह्मपुरी में रहते हैं। जरा सी बरसात में ब्रह्मपुरी और आसपास का इलाका नाले नालियों के गंदे पानी में डूब जाता है। हमारे घरों में भी पानी घुसता है। इस समस्या का समाधान न तो विधायक करा सके और न ही नगर निगम?
    -दिनेश गोयल, ब्रह्मपुरी

    शहर में अधिकांश सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। मुख्य सड़कें जो सहीं थीं उन्हें भी उन्हें सीएम ग्रिड योजना के नाम पर खोदकर डाल दिया गया है। हमने जिन्हें विधायक बनाकर सदन में भेजा वे भले ही विपक्षी दल के विधायक हों लेकिन समस्याओं से जूझती जनता के बीच वे कभी खड़े दिखाई नहीं दिए।
    -राजीव गुप्ता, कल्याणनगर