कुत्ते के हमले में लहूलुहान 150 लोग पहुंचे अस्पताल, मेरठ में परेशान हो गए लोग
सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के हमलों पर चिंता जताते हुए लाइलाज या आक्रामक कुत्तों को मारने का आदेश दिया है। मेरठ में प्रतिदिन 150 से अधिक लोग कुत्त ...और पढ़ें

HighLights
सुप्रीम कोर्ट ने खतरनाक कुत्तों को मारने का आदेश दिया।
मेरठ में रोज 150 से अधिक लोग कुत्ते के शिकार।
आवारा कुत्तों का बंध्याकरण कार्यक्रम बेहद धीमा।
जागरण संवाददाता, मेरठ। सुप्रीम कोर्ट आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी से निपटने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की दिशा में प्रयास न होने व उनके हमलोे को लेकर चितित है। कोर्ट ने मानव जीवन और सुरक्षा के लिए उत्पन्न खतरे को प्रभावी ढंग से समाप्त करने के लिए लाइलाज रूप से बीमार, रेबीज से पीड़ित या स्पष्ट रूप से खतरनाक व आक्रामक कुत्ताे को वैधानिक प्रोटोकाल के अनुसार मारने के आदेश दिए हैं।
मेरठ में आवारा कुत्ते खूंखार हो रहे है। यही कारण है कि पीएल शर्मा जिला अस्पताल की एंटी रेबीज यूनिट में हर दिन 150 से अधिक कुत्तों के काटने के नए मामले आ रहे हैं। बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग दर्द से कराहते हाथ-पैर में कुत्तों के काटने के जख्म के साथ पहुंचकर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवा रहे हैं। शहर की हर गली-मुहल्लों की सड़कों पर आवारा कुत्तों का खौफ है। इसके बावजूद नगर निगम का एनिमल बर्थ कंट्रोल प्रोग्राम कछुआ गति से रेंग रहा है।
शहर में आवारा कुत्तों की अनुमानित संख्या एक लाख के पार पहुंच चुकी है। कमेला रोड पर 23 मार्च से शुरू हुए नए एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर की क्षमता प्रतिदिन 100 कुत्तों के आपरेशन की है, लेकिन यहां औसतन प्रतिदिन 33 कुत्तों का ही बंध्याकरण हो पा रहा है। यानी अपनी कुल क्षमता का एक-तिहाई भी इस्तेमाल नहीं हो रहा। नए सेंटर में 23 मार्च से 15 मई तक केवल 1600 कुत्तों का ही वैक्सीनेशन और बंध्याकरण हुआ है।
35 आक्रामक कुत्ते सेंटर में मौजूद
नए सेंटर में 10 बड़े कैनल्स हैं जिनमें 10 से 15 कुत्ते एक साथ रखे जा सकते हैं। 30 सिंगल कैनल्स हैं। इनमें रेबीज संक्रमित, बीमार या आक्रामक कुत्ते रखे जाते हैं। मंगलवार को कुल 125 कुत्ते मौजूद थे। जिसमें से 35 आक्रामक कुत्ते थे।
25 को शुरू होगा पुराना सेंटर
नगर निगम का शंकर नगर स्थित पुराना एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर बंद चल रहा है। इसका ठेका श्याम हेल्पिंग इनसाइट कंपनी को था। ठेके की अवधि पूरी हो गई है। नया ठेका एनिमल केयर फाउंडेशन का हुआ है। एजेंसी संचालक डा. नवीन का कहना है कि यह सेंट्रर 25 मई से शुरू हो जाएगा। मेंटीनेंस कार्य चल रहा है। इस सेंटर में प्रतिदिन 30 कुत्तों के आपरेशन करने की क्षमता है। दो सेंटरों के सक्रिय होने से कुत्तों के बंध्याकरण दोगुना हो जाएगा, लेकिन अभी बंद है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा। नया सेंटर करीब डेढ़ माह पहले शुरू हुआ है। 25 मई को पुराने सेंटर का संचालन भी यही एजेंसी शुरू करेगी करेगी। दो सेंटरों पर 130 कुत्तों की प्रतिदिन बंध्याकरण सुनिश्चित करना है। फिलहाल यह एजेंसी औसतन 45 आवारा कुत्ते रोज पकड़ रही हैं। -सौरभ गंगवार नगर आयुक्त