मेरठ में शांतिपूर्वक अदा हुई ईद की नमाज; एकता, भाईचारे और अमन का दिया पैगाम, शिया समुदाय ने बांधी काली पट्टी
Meerut News : मेरठ में ईद-उल-फितर का त्योहार हर्षोल्लास और सौहार्द के साथ मनाया गया। शाही ईदगाह सहित विभिन्न मस्जिदों में लाखों लोगों ने नमाज अदा की। ...और पढ़ें

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नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर दी मुबारकबाद।
सड़क पर नमाज को पुलिस से नोकझोंक, एडीजी ने शांत कराया।
जागरण संवाददाता, मेरठ। शनिवार को जिले भर में ईद-उल-फितर का त्योहार पूरे हर्षोल्लास और पारंपरिक सौहार्द के साथ मनाया गया। शाही ईदगाह समेत विभिन्न मस्जिदों में लाखों अकीदतमंदों ने शांतिपूर्ण माहौल में नमाज अदा की गई। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। ड्रोन व सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार निगरानी की गई।
सड़क पर नमाज अदा करने कोे लेकर नमाजियों व पुलिस के बीच नोकझोंक हुई। बाद मे एडीजी के समझाने पर ईदगाह में ही नमाज अदा की गई।
शाही ईदगाह में मुल्क में अमन, भाईचारे, खुशहाली के लिए खास दुआ कराई गई। अंतरराष्ट्रीय हालात पर चिंता जताते हुए शांति की अपील की गई। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी।
इस दौरान तकरीर करते हुए कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने मुसलमानों को आपसी एकता, भाईचारे, तालीम और बेहतर समाज के निर्माण का पैग़ाम दिया। कहा कि मुसलमानों को बिरादरीवाद, मज़हब और मस्लक के नाम पर बिल्कुल नहीं बंटना चाहिए। आज के हालात में एकजुट रहना ही सबसे बड़ी ताकत है। यही इस्लाम की असली तालीम है।
उधर, सुबह से ही नमाजियों की भीड़ दिल्ली रोड स्थित शाही ईदगाह की ओर उमड़ पड़ी। पूरे क्षेत्र में भाईचारे और उत्साह का माहौल देखने को मिला। शाही ईदगाह में नमाजियों की भीड़ को देखकर सुबह साढ़े़ सात बजे पुलिस ने रेलवे रोड चौराहे पर ही नमाजियों को रोक दिया, जिसे लेकर कुछ देर स्थिति तनावपूर्ण रही।
सड़क पर नमाज को लेकर हुई पुलिस से नोकझोंक
सड़क पर नमाज को लेकर कुछ अकीदतमंद की पुलिस से नोकझोंक हो गई। एडीजी भानु भास्कर ने अकीदतमंंद को बताया कि नमाज केवल इबादतगाहों के अंदर ही अदा की जाएगी। सड़क पर नमाज पढ़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बाद में मामला शांत हो गया।
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ईद की नमाज शहर काजी शहर काजी जैनुस सालिकीन ने अदा कराई। शहर काजी शहर काजी जैनुस सालिकीन ने सभी को शिक्षित बनने, गुनाहों से दूर रहने और आपसी भाईचारा बढ़ाने की नसीहत दी। स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने का संदेश देते हुए अंतरराष्ट्रीय हालात पर चिंता जताते हुए शांति की अपील की गई।
कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने तकरीर करते हुए भारत जैसे मुल्क में, जहां अलग-अलग धर्मों, भाषाओं और संस्कृतियों के लोग साथ रहते हैं। वहां आपसी भाईचारा, मोहब्बत और एक-दूसरे के जज्बात की कद्र करना बेहद जरूरी है।
काजी मुहम्मद हस्सान क़ासमी, काजी शरीअत दारुल कजा ने पारिवारिक जीवन और तलाक के मुद्दे पर विस्तार से अपनी बात रखी। नमाज के बाद सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी।
ईदगाह लिसाड़ी में नमाज के बाद तकरीर करते हुए काजी कारी मुहम्मद अफ्फान क़ासमी ने कहा कि इस्लाम हर हाल में अमन, रहमदिली और इंसाफ का पैगाम देता है। जो लोग इस्लाम को हिंसा या नफरत से जोड़ते हैं, वे उसकी असली तालीम से अनजान हैं।
शिया समुदाय ने काली पट्टी बांध जताया विरोध
शिया समुदाय के लोग बांहों पर काली पट्टी बांधकर नमाज अदा करने पहुंचे। नमाज के दौरान रेलवे रोड स्थित मनसबिया शिया ईदगाह के इमाम मौलाना महजर आब्दी और लोहिया नगर स्थित मस्जिद अबु तालिब के मौलाना अल्ताफ हुसैन ने कहा कि अयातुल्ला अली खामेनेई केवल ईरान के सर्वोच्च नेता ही नहीं थे, बल्कि वे अंतरराष्ट्रीय धर्म गुरू भी थे। अयातुल्ला अली खामेनेई ने कभी भी जालिम हुकूमत के सामने झुकना स्वीकार नहीं किया। उनके निधन से पूरी कौम गमगीन है। उन्होने नमाजियों से खुशी का इजहार करने और गले मिलने से परहेज करने को कहा।
नहीं लगे कैंप
मेरठ: शाही ईदगाह के बाहर कोई कैंप तो नहीं लगा। सपा जिलाध्यक्ष कर्मवीर सिंह गूमी, कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी पहुंचकर नमाजियों से गले मिलकर ईद की शुभकामनाएं दीं।