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    फ्री होल्ड की जाए औद्योगिक क्षेत्र की भूमि... Ease of doing business को लेकर मेरठ के उद्यमियों ने रखे खास सुझाव

    By Anand Prakash Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Sun, 26 Jul 2026 01:48 PM (IST)

    मेरठ के उद्यमियों ने यूपीसीडा अधिकारियों से औद्योगिक भूमि को फ्री होल्ड करने और जीएसटी स्लैब को सरल बनाने की मांग की। उन्होंने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के ल ...और पढ़ें

    पीपीडीसी स्पोर्ट्स गुड्स काम्प्लेक्स में आयोजित बैठक में उपस्थित यूपीसीडा के अधिकारी व उद्यमी। सौ. उद्यमी

    पीपीडीसी स्पोर्ट्स गुड्स काम्प्लेक्स में आयोजित बैठक में उपस्थित यूपीसीडा के अधिकारी व उद्यमी। सौ. उद्यमी

    HighLights

    1. उद्यमियों की औद्योगिक भूमि को फ्री होल्ड करने की मांग ।

    2. जीएसटी के स्लैब को एक या दो करने का सुझाव दिया।

    3. सेंट्रल इंस्पेक्शन सिस्टम खत्म करने की मांग उठाई गई।

    जागरण संवाददाता, मेरठ। उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्र की भूमि को फ्री होल्ड घोषित कराने और जीएसटी के एक या दो ही स्लैब लागू कराने की मांग की है। यूपीसीडा के अधिकारियों के साथ मीटिंग में उद्यमियों ने यह मांग रखने के साथ ही अन्य कई मुद्दे भी उठाए। शनिवार को पीपीडीसी स्पोर्ट्स गुड्स काम्प्लेक्स में केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त प्रतिनिधियों में यूपीसीडा के जीएम राकेश झा एवं डीजीएम सलिल यादव ने उद्यमियों के साथ मीटिंग की।

    परतापुर इंडस्ट्रियल एस्टेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (पीआइईएमए) और स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, लघु उद्योग भारती के पदाधिकारियों ने उनके समक्ष ईज आफ डुइंग बिजनेस को लेकर सुझाव रखे। पीआइईएमए के अध्यक्ष निपुण जैन ने कहा कि यूपीसीडा एवं डीआइसी के सभी औद्योगिक क्षेत्रों की भूमि को शीघ्र फ्री होल्ड किया जाना बेहद जरूरी है। इससे उद्यमियों को अपनी भूमि पर पूर्ण स्वामित्व का अधिकार मिलेगा, उद्योगों के विस्तार में तेजी आएगी, बैंकों से ऋण एवं वित्तीय सुविधाएं प्राप्त करना आसान होगा तथा प्रदेश में नए निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

    उन्होंने मांग की कि वर्तमान सेंट्रल इंस्पेक्शन सिस्टम (सीआइएस) व्यवस्था को समाप्त किया जाए। यदि किसी इकाई के विरुद्ध शिकायत मिलती है, तो संबंधित इकाई संचालक को नोटिस जारी कर लिखित पक्ष लिया जाए। बहुत आवश्यक होने पर ही समय लेकर निरीक्षण किया जाए। इससे अनावश्यक उत्पीड़न, इंस्पेक्टर राज एवं भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगेगी तथा उद्योगों को भयमुक्त वातावरण में कार्य करने का अवसर मिलेगा।

    साथ ही सुझाव दिया कि जीएसटी की वर्तमान बहु-स्तरीय कर व्यवस्था समाप्त करके एक अथवा अधिकतम दो टैक्स स्लैब लागू किए जाएं। इससे कर प्रणाली सरल होगी, वर्गीकरण संबंधी विवाद समाप्त होंगे। अनुपालन आसान होगा, छोटे एवं मध्यम उद्योगों पर अनुपालन का खर्च कम होगा तथा सरकार के राजस्व संग्रह में भी पारदर्शिता और वृद्धि होगी।

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    लघु उद्योग भारती के प्रदेश सचिव राजकुमार शर्मा ने सुझाव दिया कि औद्योगिक क्षेत्रों में कामन फायर फाइटिंग सिस्टम तथा कामन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएं, जिससे छोटे एवं मध्यम उद्योगों को राहत मिलेगी।

    शुबनेश अग्रवाल ने कहा कि निवेश मित्र पोर्टल पर किसी भी प्रकार की स्वीकृति अथवा सेवा के लिए आवेदन करने के बावजूद उद्योगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है। यूपीसीडा के जीएम राकेश झा व डीजीएम सलिल यादव ने आश्वासन दिया कि उद्यमियों की बेहतरी के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। उद्यमियों ने जो मांग और सुझाव रखे हैं, उन पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। इस दौरान अनुराग अग्रवाल, गौरव जैन समेत अन्य उद्यमी भी मौजूद रहे।