यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Meerut Building Collapse: मेरठ में तीन मंजिला मकान हादसे में 11 लोगों की मौत, एक घायल
Meerut Building Collapse मेरठ की जाकिर कॉलोनी में तीन दिनों की लगातार बारिश के कारण एक तीन मंजिला मकान भरभरा कर गिर गया जिसमें 12 लोग दब गए। मलबे में ...और पढ़ें

HighLights
- 35 साल पुराना था मकान
- भूतल में दूध डेयरी का संचालन
- शाम के समय हुआ हादसा
जागरण संवाददाता, मेरठ। तीन दिनों से लगातार हो रही बरसात की वजह से जाकिर कॉलोनी की गली नंबर आठ में दूध कारोबारी का तीन मंजिला मकान भरभरा कर गिर गया। मलबे के नीचे परिवार के छह बच्चे, चार महिलाएं समेत 12 लोग दब गए। हादसे की सूचना के बाद एडीजी से लेकर कमिश्नर, आईजी और एसएसपी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
हादसे में अब तक 12 लोग में से चार बच्चे, पांच महिलाएं समेत 11 लोगों की मौत हो चुकी है।
एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। सात घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद साजिद के पूरे परिवार सहित सात लोगों को निकाला गया था। उनमें से मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान पांच की मौत हो चुकी है। गलियां छोटी होने की वजह से जेसीबी मशीन या अन्य उपकरण नहीं जा सकें। हाथ के कटर से लिंटर को काट कर मलबा हटाया गया।

नीचे चलती थी डेयरी, ऊपर चार परिवार
लोहियानगर थाना क्षेत्र के हापुड़ रोड स्थित जाकिर कालोनी की गली नंबर आठ में नफीसा उर्फ नफ्फो पत्नी अलाउद्दीन का तीन मंजिला मकान था। अलाउद्दीन की मौत हो चुकी है।
मकान के भूतल पर दूध की डेयरी संचालित होती है, जिसमें दस पशु बंध रहे थे। नफीसा का बड़ा बेटा आबिद परिवार संग दूसरे मकान में रहता है, जबकि साजिद, नदीम, नईम और शाकिर का परिवार इसी मकान में रहता है।
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अचानक भरभराकर गिरा मकान
शाम 4:22 बजे नफीसा का तीन मंजिला मकान भरभराकर गिर गया। मकान के अंदर नफीसा, उसका बेटा साजिद, पुत्रवधू साइमा पत्नी साजिद, फरहाना पत्नी नदीम, अलीशा पत्नी नईम, आबिद की बेटी, साजिद का बेटा शाकिब, बेटी सानिया व रिया और नईम की बेटी रिम्शा मौजूद थे। सभी के मलबे में दब जाने के बाद आसपास के लोगों ने शोर मचा दिया। उसके बाद तत्काल ही यूपी-112 पर कॉल की गई।
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एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह, एसएसपी विपिन ताडा मौके पर पहुंचे। उसके बाद भीड़ को साइड कराकर मलबे को हटाना शुरू कर दिया। इसी बीच एडीजी डीके ठाकुर, कमिश्नर सेल्वा कुमारी जे. और आईजी नचिकेता झा भी मौके पर पहुंच गए। आसपास के सभी थानों की पुलिस बुलाई गई। नगर निगम की टीम भी पहुंची।

गली छोटी होने के कारण नहीं पहुंची जेसीबी
गलियां छोटी होने की वजह से जेसीबी नहीं जा सकी। उसके बाद आसपास के लोगों को एकत्र कर कटर से लिंटर को काटा गया। साथ ही दो छोटी जेसीबी बुलाकर मलबा हटाया गया।
सात घायलों में पांच की मौत
रात 11 बजे तक 40 वर्षीय साजिद, उसकी पत्नी साइमा, बेटा शाकिब व बेटी 15 वर्षीय सानिया, रिया, पड़ोसी सोफियान पुत्र पप्पू, डेढ़ वर्षीय सिमरा को घायल अवस्था में मलबे से निकाल लिया गया। सभी को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। उपचार के दौरान साजिद और सानिया, साकिब, रिया, सिमरा की मौत हो गई। एनडीआरएफ की टीम देर रात तक मलबा हटा रही थी। इसके अलावा कुल मिलाकर 12 में से 11 की मृत्यु हो चुकी है।