तैयार हैं 1313 मकान, 196 दुकानों के निर्माण की तैयारी... मेरठ में सरकार का है यह प्लान
मेरठ में आवास विकास परिषद ने शास्त्रीनगर के प्रभावितों के लिए 1313 फ्लैट तैयार किए हैं और 196 दुकानों के निर्माण का टेंडर खोला है। ...और पढ़ें

(प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
जाग्रति विहार एक्सटेंशन में 1313 फ्लैट तैयार, सस्ती दरों पर आवंटन।
196 दुकानों के निर्माण का टेंडर खुला, जल्द शुरू होगा कार्य।
44 सील भवनों को ध्वस्तीकरण नोटिस, 15 दिन में हटाना होगा।
जागरण संवाददाता, मेरठ। शास्त्रीनगर के प्रभावित लोगों से मिलने शुक्रवार को मेरठ आए मुख्यमंत्री के सलाहकार समेत तीन उच्चाधिकारियों ने आवंटियों और व्यापारियों को जो मदद के प्रस्ताव दिए हैं, उनके लिए आवास विकास तैयारी कर रहा है।
जाग्रति विहार एक्सटेंशन योजना में 1313 फ्लैट बनकर तैयार हैं। प्रभावित परिवारों को इनका सस्ती दरों पर आवंटन किया जा सकता है। वहीं, व्यापारियों के लिए आवास विकास ने दो स्थानों पर व्यवसायिक कांप्लेक्स में कुल 196 दुकानों के निर्माण कार्य का टेंडर भी खोल दिया है।
माना जा रहा है कि जल्द इन दुकानों का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। विभाग को इन प्रस्तावों पर प्रभावित लोगों की सहमति मिलने का इंतजार है। वहीं, आवास विकास अधिकारियों का कहना है कि जिन 44 सील भवनों के ध्वस्तीकरण का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने दिया है उनके मालिकों को अगले एक सप्ताह में नोटिस जारी किए जाएंगे। जिनमें अवैध निर्माण हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा।नोटिस जारी करने से पहले प्रत्येक निर्माण की वीडियोग्राफी कराई जाएगी।
196 दुकानों के निर्माण का खोला टेंडर
आवास विकास परिषद ने सेक्टर सात में रंगोली मंडप के पास पुराने सामुदायिक भवन के स्थान पर 116 दुकानों का कांप्लेक्स तथा हापुड़ रोड पर रायल प्लाजा के पास 80 दुकानों का कांप्लेक्स निर्माण कराने की योजना तैयार की है। उप आयुक्त आवास अनिल सिंह ने बताया कि इन दोनों कांप्लेक्स के निर्माण के लिए टेंडर मांगे गए थे जिन्हें शुक्रवार को खोल लिया गया है।
जल्द इन दोनों स्थानों पर निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि नगर निगम भी नई सड़क पर अपने नए कार्यालय परिसर में 48 दुकानें बना चुका है, सूजकुंड पर 40 दुकानें तथा महापौर कैंप कार्यालय परिसर में 180 दुकानों का कांप्लेक्स बनाने की तैयारी की जा रही है। इन दुकानों को भी आवंटित करने में सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
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ईडब्ल्यूएल व अन्य छोटे मकानों के आवंटियों के लिए 1313 फ्लैट तैयार
शास्त्रीनगर के सेक्टर दो, तीन और चार समेत अन्य सेक्टरों में ईडब्ल्यूएस तथा अन्य छोटे मकानों के आवंटियों के भवनों में सेटबैक का स्थान खाली कराने की कार्रवाई के दौरान प्रभावित परिवारों को सरकार ने ठहराने के लिए स्थान देने का वादा किया है।
साथ ही इन प्रभावित परिवारों को सस्ती दरों में आवास उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी दिया है।इसके लिए आवास विकास परिषद मे जाग्रति विहार एक्सटेंशन में तैयार 1313 फ्लैट की सूची दी है। जिसमें 32 से लेकर 64 मीटर क्षेत्रफल के भवन निर्मित हैं। उप आयुक्त आवास ने बताया कि प्रभावित परिवारों को सस्ती दरों पर तथा प्राथमिकता पर इन भवनों का आवंटन किया जाएगा।
एक सप्ताह में नोटिस, निर्माण हटाने को 15 दिन का समय
उप आयुक्त आवास अनिल सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने उन सील 44 भवनों को ध्वस्त करने का आदेश दिया है जिनमें स्कूल, नर्सिंग होम, विवाह मंडप तथा बैंकों का संचालन हो रहा था। पहले इन भवनों की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। इसके बाद इनके मालिकों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
एक सप्ताह के भीतर यह कार्रवाई पूरी की जाएगी। नोटिस में भवन के अवैध व्यवसायिक निर्माण को हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा। लोगों को इन भवनों को स्वीकृत मानचित्र के मुताबिक मूल आवासीय रूप में लाना होगा।
री-डवपलमेंट का चयन करेंगे तो मिलेगा नया मकान
आवास विकास परिषद के अधिकारियों ने बताया कि शास्त्रीनगर के ईडब्ल्यूएस तथा अन्य छोटे भवनों के आवंटियों के सामने री-डवलपमेंट योजना को अपनाने का प्रस्ताव भी रखा गया है।यहां स्थित अधिकांश मकान 40 वर्ष से ज्यादा पुराने हैं तथा जर्जर हो चुके हैं।
री-डवलपमेंट योजना के तहत इस पूरे क्षेत्र में स्थित ईडब्ल्यूएस मकानों को पूर्ण रूप से तोड़कर जमीन खाली की जाएगी। उसके बाद इस जमीन पर बहुमंजिल (दो, तीन या चार मंजिल) भवन निर्माण की योजना बनाई जाएगी।जिसमें सेटबैक समेत सभी नियमों का पालन होगा।
इन भवनों का निर्माण निजी विकासकर्ता की मदद से कराया जाएगा।जिसमें विकासकर्ता मूल आवंटियों को नए आवास बनाकर देगा तथा अतिरिक्त भवनों की बिक्री करके अपना खर्च पूरा कर लेगा। इस विकासकर्ता का चयन आवंटी खुद कर सकते हैं।उन्हें विकासकर्ता नहीं मिलता है तो आवास विकास विकासकर्ता की तलाश कराने में मदद करेगा।शास्त्रीनगर में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 368 तथा एलआइजी श्रेणी के 138 मकान हैं।
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