मेरठ में भ्रष्टाचार के मामले में दोषी साबित हुआ लेखपाल निर्मल कुमार, छह वर्ष का कारावास
मेरठ की विशेष अदालत ने रिश्वत लेने के आरोप में लेखपाल निर्मल कुमार को दोषी ठहराते हुए छह साल कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। ...और पढ़ें

HighLights
लेखपाल निर्मल कुमार को रिश्वतखोरी में दोषी पाया गया।
विशेष न्यायाधीश ने छह साल कारावास, 50 हजार अर्थदंड सुनाया।
जमीन मुआवजे की रिपोर्ट के लिए रिश्वत मांगी थी।
जागरण संवाददाता, मेरठ। अपर जिला जज विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम अजय कुमार प्रथम ने रिश्वत लेने के आरोप में लेखपाल निर्मल कुमार को दोषी पाया है। न्यायाधीश ने दोषी को छह साल का कारावास और 50 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार गुप्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता इकलाख पुत्र मोहम्मद वुफोल अहमद निवासी ग्राम जगोता नकुड़ सहारनपुर ने पांच अगस्त 2016 को भ्रष्टाचार निवारण संगठन पुलिस मेरठ में उपस्थित होकर एक शिकायती प्रार्थना पत्र दिया था, जिसमें उसने बताया कि उसकी राष्ट्रीय राजमार्ग-73 बाइपास स्थित जमीन चौड़ीकरण के लिए अधिकृत की गई थी।
आरोपी लेखपाल निर्मल कुमार ने उसकी क्षेत्रफल कुल 419 वर्ग मीटर का मुआवजा दिलवाने की रिपोर्ट दी थी, जबकि शिकायतकर्ता ने अपनी तीन बीघा कृषि भूमि का मुआवजा लेने के लिए 19 जुलाई 2016 को एक प्रार्थना पत्र तहसील नकुड में दिया था। जिसमें उसकी जांच के लिए तहसील कार्यालय से लेखपाल निर्मल गुप्ता को नियुक्त किया था।
लेखपाल ने अपनी रिपोर्ट लगाने के लिए 10 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायत होने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की टीम ने आरोपी लेखपाल की घेराबंदी कर उसे रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा था।
इसके बाद न्यायालय में दोषी के अधिवक्ता ने कहा कि उसे इस मुकदमे में झूठा फंसाया जा रहा है, जिसका सरकारी वकील संजीव कुमार गुप्ता ने कड़ा विरोध किया और न्यायालय में अपने केस को साबित करते हुए आठ गवाह पेश किए। जिसके बाद सजा सुनाई गई।