जंगली सुअर का शिकार कर ऑनलाइन मांस बेचने वाले गैंग का पर्दाफाश, मेरठ में तीन आरोपित गिरफ्तार
Meerut News: हस्तिनापुर वन क्षेत्र में वन विभाग ने जंगली सूअर का अवैध शिकार कर ऑनलाइन मांस बेचने वाले तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से ...और पढ़ें

जंगली सुअर का शिकार कर ऑनलाइन बेच रहे थे मांस, मेरठ में तीन आरोपित गिरफ्तार (फाइल फोटो)
HighLights
हस्तिनापुर वन क्षेत्र में वन विभाग ने की कार्रवाई।
विभाग ने छह लाख रुपये जुर्माना भी वसूला।
जागरण संवाददाता, मेरठ। हस्तिनापुर वन क्षेत्र में वन विभाग ने वन्यजीवों के अवैध शिकार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जंगली सूअर का शिकार करने वाले गैंग के तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपित शिकार करने के बाद ऑनलाइन मांस बेचते थे। उनके कब्जे से शिकार में इस्तेमाल होने वाले जाल, करंट फैलाने वाले तार, देशी कट्टा, छूरा, तंदूरी भट्टी और कच्ची शराब बरामद हुई।
वन विभाग ने तीनों से छह लाख रुपये का प्रशमन शुल्क वसूल कर सरकारी कोष में जमा कराया है। विभाग ने साफ किया है कि वन्यजीवों के शिकार या तस्करी में लिप्त किसी भी व्यक्ति को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
वन्यजीवों के अवैध शिकार के खिलाफ वन विभाग ने हस्तिनापुर वन क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए जंगली सूअर के शिकार में संलिप्त तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
निजी खेत और ट्यूबवेल पर छापेमारी
डीएफओ वंदना फोगाट के अनुसार, 23 जुलाई को मिली सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी हस्तिनापुर खुशबू उपाध्याय के निर्देशन में टीम ने एक निजी खेत और ट्यूबवेल पर छापेमारी की। मौके पर हरदेव उर्फ डिब्बू, गुरबख्श निवासीगण नीचा राठौर और बलबीर निवासी रामराज को वन्यजीवों के शिकार की तैयारी करते हुए पकड़ लिया गया।
बरामद सामान से स्पष्ट हुआ कि आरोपी सुनियोजित तरीके से जंगली सूअरों के अवैध शिकार की योजना बना रहे थे। वन विभाग ने आरोपिय के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं में मुक़दमा दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते की गई कार्रवाई से न केवल तीनों आरोपी पकड़े गए, बल्कि वन्यजीवों के खिलाफ चल रही अवैध गतिविधियों पर भी प्रभावी रोक लगी है।
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सख्त कार्रवाई की चेतावनी
वन क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय ने कहा कि हस्तिनापुर वन क्षेत्र में वन्यजीवों का अवैध शिकार, तस्करी या उन्हें नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति या गिरोह को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। जाल, करंट या अन्य अवैध साधनों से वन्यजीवों का शिकार गंभीर दंडनीय अपराध है और ऐसे मामलों में आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
कानून का सख्ती से कराया जाएगा पालन
इस अभियान में वन दरोगा अंकित यादव, ऋषभ सिंह और गौरव गर्ग के साथ वनरक्षक अतुल स्वामी, नितिन कुमार, नितिन त्यागी तथा राजेश्वर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वन विभाग ने आमजन से भी अपील की है कि यदि कहीं वन्यजीवों के अवैध शिकार, तस्करी या वन्यजीव अपराध की जानकारी मिले तो तत्काल विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके। विभाग ने कहा कि वन्यजीव देश की अमूल्य प्राकृतिक धरोहर हैं और उनके संरक्षण के लिए कानून का सख्ती से पालन कराया जाएगा।