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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 26, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Kargil Vijay Diwas : आखिरी संदेश में बलिदानी योगेंद्र यादव ने कहा था, मैं दुश्मनों को मारकर ही लौटूंगा...

    Updated: Sat, 26 Jul 2025 05:58 PM (GMT+05:30)

    Kargil Vijay diwas 2025 कारगिल युद्ध में टाइगर हिल पर तिरंगा लहराने वाले बलिदानी योगेंद्र यादव ने 17 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया। उन्होंने अपने ...और पढ़ें

    बलिदानी योगेंद्र यादव की पत्नी व बच्चे। जागरण
    बलिदानी योगेंद्र यादव की पत्नी व बच्चे। जागरण

    सचिन गोयल, जागरण, हस्तिनापुर (मेरठ)। कारगिल युद्ध में टाइगर हिल पर तिरंगा लहराने वाले बलिदानी योगेंद्र यादव ने 17 पाकिस्तानी सैनिकों को मौत के घाट उतारा था। अदम्य साहस का परिचय देते हुए योगेंद्र अपने सात साथियों संग बलिदान हुए थे। 

    कारगिल युद्ध शुरू होने से पहले योगेंद्र ने घर पर चिट्ठी लिखी थी। इसमें लिखा था, "मैं सही हूं, कारगिल में लड़ाई छिड़ गई है, मुझे पहाड़ों पर लड़ाई में जाना पड़ रहा है। हमारी यूनिट वहां के लिए रवाना हो रही है। कोई भी दिल छोटा मत करना... डरने की कोई बात नहीं है, दुश्मनों को मारकर मैं जल्द वापस आऊंगा।" बलिदानी योगेंद्र तो वापस नहीं आए, बलिदान होने के बाद उनका पार्थिव शरीर घर आया।

    गांव में सुनाए जाते हैं वीरता के किस्से

    गांव में उनकी वीरता के किस्से सुनाए जाते हैं। योगेंद्र को अदम्य साहस और शौर्य के लिए मरणोपरांत सेना मेडल से सम्मानित किया गया था। बलिदानी योगेंद्र सिंह यादव की पत्नी वीरनारी उर्मिला देवी बताती हैं, जब योगेंद्र बलिदान हुए तो बड़ी बेटी ज्योति आठ साल, बेटा संदीप सात और दीपक चार साल का था। पुत्री व बड़े बेटे को पिता की मामूली याद है। छोटे को उनके बारे में कुछ नहीं पता।

    17 आतंकियों को मारकर बलिदान हो गए थे ग्रेनेडियर योगेंद्र यादव

    18 हजार फीट की ऊंचाई पर किए बंकर ध्वस्त हस्तिनापुर के गांव पाली निवासी ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव जून 1999 में जम्मू में तैनात थे। कारगिल में युद्ध शुरू हुआ तो उनकी 18 ग्रेनेडियर बटालियन को कारगिल भेजा गया। उनके पास हैवी इन्फेंट्री गन के साथ हल्की मिसाइल गन थी।

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    टाइगर हिल के 18 हजार फीट की ऊंचाई पर बने बंकर से पाकिस्तानी आतंकी व सैनिक भारतीय सेना पर लगातार फायरिंग कर बड़ा नुकसान पहुंचा रहे थे। योगेंद्र ने अपने सात साथियों के साथ टाइगर हिल पहुंचकर पाकिस्तानी सैनिकों के बंकर ध्वस्त किए। 17 आतंकी व पाक सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया था। पांच जुलाई की शाम दुश्मन की जवाबी गोलीबारी में ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव बलिदान हो गए थे।