घर के आंगन में रखा था पिता का पार्थिव शरीर, इकलौते बेटे ने पहले बोर्ड परीक्षा दी, फिर मुखाग्नि
Meerut News :मेरठ के पंजाबीपुरा निवासी कक्षा 10 के छात्र कुशल जैन के पिता का निधन हो गया। कुशल ने पहले अंग्रेजी की परीक्षा दी, फिर दोपहर में अपने पिता ...और पढ़ें

परीक्षा देने के बाद सूरजकुंड श्मशान घाट पर पिता को मुखाग्नि देते कुशल जैन। जागरण
HighLights
कक्षा 10 के छात्र कुशल जैन के पिता का हुआ निधन।
पिता के अंतिम संस्कार से पहले दी बोर्ड परीक्षा।
विनय विश्वकर्मा, मेरठ।
एक तरफ बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिका तो दूसरी तरफ पिता को अंतिम विदाई। पंजाबीपुरा निवासी कक्षा 10 के छात्र कुशल जैन की शनिवार को "दोहरी परीक्षा" थी। एक तरफ उसे अपने भविष्य की परीक्षा देनी थी तो दूसरी तरफ कर्तव्य की परीक्षा भी पास करनी थी। कुशल ने असाधारण धैर्य का उदाहरण देते हुए यह दोनों जिम्मेदारियां निभाईं।
पहले बोर्ड की परीक्षा दी और फिर पिता का अंतिम संस्कार किया। पंजाबीपुरा गली नंबर एक में शनिवार सुबह सन्नाटा था। घर के आंगन में 45 वर्षीय आशु जैन का पार्थिव शरीर रखा था। शुक्रवार शाम लगभग सात बजे उनका बीमारी के चलते निधन हो गया था। वह एक निजी कंपनी में काम करते थे। उनके इकलौते पुत्र कुशल जैन की शनिवार को अंग्रेजी की परीक्षा थी। वह द अध्ययन स्कूल में कक्षा 10 में पढ़ते हैं। उनका परीक्षा केंद्र रेलवे रोड स्थित वर्धमान एकेडमी में है।
पिता का असमय चले जाना कुशल के लिए जीवन भर का दर्द दे गया। अंतिम संस्कार के लिए पहले शनिवार सुबह नौ बजे का समय निर्धारित किया गया, लेकिन कुशल की सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक परीक्षा थी। इसी को देखते हुए परिवार व समाज के लोगों में विचार-विमर्श हुआ।
निर्णय लिया गया कि दोपहर बाद अंतिम संस्कार होगा और इकलौता पुत्र कुशल ही अंतिम संस्कार करेगा। कुशल अपनी आंखों में अश्रु व असाधारण धैर्य के साथ परीक्षा केंद्र पहुंचा और परीक्षा दी। दोपहर दो बजे वह अश्रुधारा लेकर घर पहुंचा, जिसके बाद पार्थिव शरीर को सूरजकुंड स्थित श्मशान घाट ले जाया गया। कुशल ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। समाज के लोगों ने कहा कि कुशल ने एक तरफ पढ़ाई की परीक्षा दी तो दूसरी तरफ पुत्र धर्म होने का दायित्व निभाया।