मेरठ में किसान नेता से मारपीट मामले में SHO समेत 8 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, सहारनपुर के DIG करेंगे जांच
मेरठ में किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव की पिटाई के आरोप के बाद एसएसपी ने सिविल लाइंस थाना प्रभारी समेत आठ पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है।
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किसान नेता से मारपीट मामले में SHO समेत 8 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर।
HighLights
किसान नेता की पिटाई के आरोप में 8 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर।
सिविल लाइंस थाना प्रभारी अखिलेश कुमार गौड़ भी शामिल।
सहारनपुर के डीआइजी अभिषेक सिंह कर रहे मामले की जांच।
जागरण संवाददाता, मेरठ। भारतीय किसान यूनियन (बीआर आंबेडकर) के अध्यक्ष डॉ. दिग्विजय भाटी और उनके साथी मोहित जाटव द्वारा एसएसपी और सिविल लाइंस थाना प्रभारी पर बर्बरतापूर्वक पिटाई करने के गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद ने एसएसपी ने सख्त रुख अपनाया है।
मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए नवागत एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने शुक्रवार देर रात सिविल लाइंस थाना प्रभारी अखिलेश कुमार गौड़ समेत आठ पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है।
मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर ने पूरे प्रकरण की जांच सहारनपुर के डीआइजी अभिषेक सिंह को सौंपी है। डीआइजी ने मेरठ पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
किसान नेता दिग्विजय भाटी और उनके साथी मोहित जाटव ने एसएसपी अविनाश पांडेय और सिविल लाइंस थाने के प्रभारी अखिलेश गौड़ पर एसएसपी और एसओजी कार्यालय में पिटाई करने का आरोप लगाया था।
दिग्विजय भाटी ने अपनी वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित की। दावा किया कि उसके बाद ही गुरुवार रात एसएसपी अविनाश पांडेय का तबादला हुआ।
वहीं, सिविल लाइंस थाने की जीडी में पुलिस ने स्कूटी फिसलने से हादसा होना बताया है, जिसमें दिग्विजय और मोहित को चोटें आई हैं। मूल रूप से संभल के दिग्विजय भाटी को जुलाई के अंत में अमरोहा पुलिस ने छह माह के लिए जिला बदर घोषित किया था।
मामला तूल पकड़ने के बाद सपा विधायक अतुल प्रधान ने प्रेसवार्ता में अविनाश पांडेय और अखिलेश गौड़ के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और इंस्पेक्टर को बर्खास्त करने की मांग की। दिग्विजय ने मीडिया के सामने पुलिस की बर्बरता बताई।
सपा विधायक के साथ एक प्रतिनिधिमंडल एडीजी भानु भास्कर से मिला और उचित कार्रवाई की मांग की। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. सोमेंद्र तोमर ने भी मामले में निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की बात कही है।
प्रेस वार्ता में दिग्विजय ने बताया कि वह बुधवार को साढ़े 11 बजे मोहित के साथ एसएसपी कार्यालय गए थे। वहां उन्होंने मोहित के खिलाफ भावनपुर थाने में दर्ज गैंग्सटर के मुकदमे में निष्पक्ष जांच की बात कही थी। उस समय वहां सीओ सौम्या और एसपी देहात अभिजीत मौजूद थे। कुछ देर बाद एसएसपी भी आ गए।
भाटी के मुताबिक, एसएसपी ने उनपर जनपद में तांडव मचाने और नेता बनकर घूमने की टिप्पणी की। इसके बाद दोनों को मारपीट करते हुए कार्यालय के एक कक्ष में ले जाया गया और वहां भी जूतों और बेल्टों से पिटाई की गई। उसके बाद इंस्पेक्टर अखिलेश एसओजी कार्यालय ले गए, वहां बर्बरता की गई। साथ ही भद्दे फिल्मी गीत पर डांस भी कराया गया।
