गर्मी बढ़ते ही चरमराई शहर की बिजली व्यवस्था, बिजली विभाग के मुख्य अभियंता ने दिए सभी सवालों के जवाब
मेरठ में भीषण गर्मी के बीच बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है, जिससे लोग परेशान हैं। दैनिक जागरण के 'प्रश्न पहर' कार्यक्रम में मुख्य अभियंता रजनीकांत ...और पढ़ें

रजनीकांत मिश्र
HighLights
शहर में बिजली कटौती से लोग भीषण गर्मी में परेशान।
मुख्य अभियंता ने 'प्रश्न पहर' में समस्याओं का जवाब दिया।
ओवरलोडिंग और फाल्ट के स्थायी समाधान की योजनाएं बताईं।
जागरण संवाददाता, मेरठ। गर्मी का मौसम शुरू होने के साथ ही शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमराने लगी थी। गर्मी बढ़ने के साथ स्थिति और बदहाल होती गई। पूरे शहर में बिजली की व्यवस्था ध्वस्त है। कहीं केबल जल रहे हैं तो कहीं ट्रांसफार्मर, जिसके चलते संबंधित क्षेत्रों में लंबे बिजली कट लगते हैं। इससे परेशान लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।
माधवपुरम, ब्रह्मपुरी, टीपी नगर, मलियाना, प्रवेश विहार, रुड़की रोड, बिजली बंबा बाईपास समेत शहर के कई इलाकों में दिन में चार से छह घंटा बिजली भी नहीं मिल पा रही। बिजली के अभाव में पानी की सप्लाई भी बाधित हो जाती है। रविवार को ‘दैनिक जागरण’ के ‘प्रश्न पहर’ कार्यक्रम में पहुंचे मुख्य अभियंता जोन प्रथम रजनीकांत मिश्र ने बिजली व्यवस्था से जुड़े पाठकों के सवालों के जवाब दिए। भविष्य की कार्ययोजना के बारे में भी बताया। पेश है कुछ प्रमुख सवाल और उनके जवाब।
- क्षेत्र में 400 केवीए के दो ट्रांसफार्मर लगे थे, जिनमें से एक खराब हो गया है। एक ही ट्रांसफार्मर पर पूरा लोड डालने से लो वोल्टेज की समस्या रहती है। बिजली भी अक्सर गुल रहती है। -विकास कुमार, जाहिदपुर
मौके पर टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। अगर ट्रांसफार्मर खराब है तो इसे बदलवाया जाएगा।
- रात में आठ घंटे बिजली नहीं रही। बच्चे और बुजुर्ग परेशान हो रहे हैं। सप्ताह में चार-पांच दिन यही हाल रहता है। पीने का पानी भी बाहर से लाना पड़ता है। -मनीश कुमार, सोफीपुर
सोफीपुर उपकेंद्र के एक-दो फीडरों में ओवरलोड की समस्या है। इसके स्थायी समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं। फाल्ट होने पर प्राथमिकता से मरम्मत कार्य कराया जा रहा है।
खबरें और भी
- दिन में पांच घंटे और रात में छह-सात घंटे बिजली नहीं आती। सरकार का ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे आपूर्ति का दावा ध्वस्त है।-सतीश त्यागी, बजौट
आपके क्षेत्र की समस्या नोट कर ली गई है। यहां फाल्टों के कारणों का पता करके समाधान कराया जाएगा।
- हीरा पेंट्स के पीछे स्थित मकान के पास बिजली की लाइन गुजर रही है। इमारत खंडहर हो चुकी है, जो कभी भी गिर सकती है। -प्रवीन रस्तोगी, लाला का बाजार
जांच कराएंगे। अगर उचित कारण पाया गया तो लाइन शिफ्ट कराई जाएगी।
- मेरा मुहल्ला रामलीला मैदान उपकेंद्र से जुड़ा है। शनिवार रात एक बजे केबल में आग लग गई थी। एसडीओ और अधिशासी अभियंता को सूचित किया लेकिन टीम नहीं पहुंची है।- यूनूस, लिसाड़ी रोड
आपके यहां जल्द ही टीम पहुंचेगी और मरम्मत कार्य शुरू होगा।
- पुराना के ब्लाक शास्त्रीनगर में शाम के समय अक्सर केबल में आग लग जाती है, कई-कई घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रहती है।- महेश कौशिक, शास्त्रीनगर
पीक आवर्स में कई स्थानों पर ओवरलोड से केबल जलने की समस्या हो रही हैं। इनको प्राथमिकता के आधार पर बदलवाया जा रहा है। नए बिजनेस प्लान में इन समस्याओं का स्थायी निराकरण कराया जाएगा।
- स्थानीय अवर अभियंता को कई बार कुछ लोगों द्वारा की जा रही बिजली चोरी की शिकायत की। साक्ष्य के रूप में वीडियो भी भेजा लेकिन आज तक कार्रवाई नहीं की गई। -फूल सिंह, श्रद्धापुरी
आप यह वीडियो मुझे वाट्सएप पर भेजिए। स्थलीय निरीक्षण करा कर कार्रवाई की जाएगी। बिजली चोरी की शिकायत पोर्टल पर भी की जा सकती है।
- एक साल पहले कुछ संकरी गलियों में एरियल बंच केबल डलवाने की मांग की थी। यहां कंडक्टर बिछाए गए हैं, जिनसे करंट का खतरा रहता है। -पुष्पेंद्र, कंकरखेड़ा
आप इस संबंध में विक्टोरिया पार्क स्थित मेरे कार्यालय में प्रार्थना पत्र दे दीजिए। सितंबर में बिजनेस प्लान के कार्य शुरू होंगे, जिसमें इस काम को भी शामिल किया जाएगा।
यहां नई कॉलोनी विकसित हो रही है। बिजली की लाइन 50 वर्ग फीट के प्लांटों के ऊपर से गुजार दी गई है, जबकि पास में सड़क है। सड़क के किनारे से तारों को नहीं डाला गया है। -संतोष संघप्रिय गौतम, अम्हेड़ा
मौके पर जांच करा कर उचित कार्रवाई कराई जाएगी।
- मेरे पिताजी ने घर का कनेक्शन स्थायी रूप से कटवाया था। कनेक्शन तो काट दिया है लेकिन तार अभी खंभे से लटक रहा है। इससे करंट लगने का खतरा है। अभी तक पीडी का कोई पत्र जारी नहीं किया गया है। -मनोज रस्तोगी, ब्रह्मपुरी
आपको अब तक पीडी संबंधी पत्र जारी हो जाना चाहिए। आप अपना कनेक्शन संख्या और प्रार्थना-पत्र दे दीजिए। खंभे से लटक रहा तार हटवाया जाएगा।
- कॉलोनी में बिजली कट बहुत लगते हैं। क्या सोलर प्लांट लगवाना उचित रहेगा। -अजय सेठी, प्रहलाद नगर
सोलर प्लांट अच्छा विकल्प है, इससे बिजली का बिल भी काफी हद तक कम हो जाता है।
जागरण के 5 सवाल
- शहर में अघोषित बिजली कटौती की मुख्य वजह क्या है। क्या वितरण प्रणाली में भी कोई समस्या है?
शहर के अधिकांश इलाके में बिजली आपूर्ति सुचारु है। माधवपुरम, रामलीला मैदान, सोफीपुर उपकेंद्र के दो-तीन फीडर में दिक्कत है। एल ब्लाक शास्त्रीनगर और खड़ौली उपकेंद्र के एक-एक फीडर में ओवरलोड की समस्या है। बिजली चोरी के कारण ओवरलोड की स्थिति बन रही है। जल्द ही इन उपकेंद्रों की कमियां दूर की जाएंगी।
- एरियल बंच केबल में बार-बार आग लग रही है। लोग गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं?
एरियल बंच केबल मानक अनुरूप टेस्टिंग के बाद लगाए जाते हैं। इनकी कई अच्छाइयां हैं लेकिन कुछ कमियां भी हैं। इन्हें सघन इलाकों में आसानी से लगाया जा सकता है। करंट लगने और बिजली चोरी की संभावना कम रहती है। इसमें इंसुलेशन होता है, जो ज्यादा करंट होने के बाद पिघलकर जलने लगता है। कई बार ग्रिड वोल्टेज कम होने पर भी करंट का प्रवाह कई गुना बढ़ जाता है। इससे भी केबल जल जाता है।
- ओवरलोड ट्रांसफार्मर और बार-बार आने वाले तकनीकी फाल्ट की समस्या के स्थायी समाधान के लिए ऊर्जा निगम क्या कदम उठा रहा है। कितने ट्रांसफार्मर और फीडर अपग्रेड किए जा रहे हैं?
बिजनेस प्लान में 120 नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। अगले वर्ष मार्च तक काम पूरा हो जाएगा। जिन स्थानों पर 100 केवीए के ट्रांसफार्मर हैं, वहां 250 केवीए के ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। अब 600 और एक हजार केवीए के ट्रांसफार्मरों का प्रयोग कम से कम किया जाएगा। अधिकांश जगह 250 केवीए के ट्रांसफार्मर लगेंगे, ताकि फाल्ट होने पर बड़े क्षेत्र की बिजली आपूर्ति प्रभावित न हो।
- उपभोक्ताओं की सबसे बड़ी शिकायत यह है कि उपकेंद्र के अधिकारी एसडीओ और अवर अभियंता फोन नहीं उठाते। शिकायतों का निस्तारण समय पर नहीं होता है?
एसडीओ और अवर अभियंता को फोन उठाना चाहिए। जहां तक फाल्ट होने पर व्यस्तता का सवाल है तो उपकेंद्रवार वाटसएप ग्रुप बने हुए हैं। इनमें कम से कम 900 लोगों को जोड़ने के निर्देश हैं। मैं स्वयं इन ग्रुपों से जुड़कर मानिटरिंग करूंगा। 1912 पर शिकायत करने के अलावा शिकायत दर्ज कराने के लिए जोन स्तर पर एक कंट्रोल रूप बनाया है, जो 24 घंटे सक्रिय रहता है। इसका मोबाइल नंबर 9193338312 है।
- गर्मी और उमस के मौसम के लिए बिजली आपूर्ति सुदृढ़ करने की क्या कार्ययोजना बनाई है। बिजली संकट से कब तक मुक्ति मिलेगी?
12 मोबाइल ट्रांसफार्मर और तीन क्विक रिस्पांस टीम हैं। गर्मी के सीजन में इसके अलावा चार अतिरिक्त टीम लगाई गई हैं। बिजली संकट काफी हद तक एक दिन पूर्व दूर हो गया है। शनिवार को माधवपुरम क्षेत्र में खंभा टूटने से कुछ इलाकों में बिजली बाधित हुई थी। पर स्थानीय लोगों ने पूरा बिजली उपकेंद्र बंद करा दिया। इसी तरह की समस्या सोफीपुर में हुई। लोगों से अपील है कि वे धैर्य बनाए रखें।
प्रोफाइल
रजनीत कांत मिश्र
- पद : मुख्य अभियंता जोन प्रथम
- शिक्षा : वर्ष 1991 में कंप्यूटर साइंस में बीटेक, हरकोर्ट बटलर इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी कानपुर
- चयन : 1999 में विद्युत सेवा आयोग से अभियंता संवर्ग में चयनित
- पत्नी : कल्पना मिश्र
- पुत्री : अंशिका, आइआइआइटी रांची से बीटेक, एमएनसी में कार्यरत
- पुत्र : प्रखर आदित्य, वेल्लूर इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी से बीटेक चतुर्थ वर्ष