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    मेरठ में बाहरी क्षेत्रों में बनी अवैध कॉलोनियों पर चलेगा प्रशासन का बुलडोजर? सुप्रीम कोर्ट ने मांगी रिपोर्ट

    Updated: Fri, 17 Jul 2026 06:30 AM (GMT+05:30)

    सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ के बाहरी क्षेत्रों, खासकर उल्देपुर में अवैध कॉलोनियों पर सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है। ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक तस्वीर

    प्रतीकात्मक तस्वीर

    HighLights

    1. सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ की अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई का आदेश दिया।

    2. उल्देपुर गांव में विकसित अवैध कॉलोनियों का विशेष उल्लेख किया।

    3. आवास विकास प्रमुख सचिव से अवैध निर्माण पर रिपोर्ट मांगी गई।

    जागरण संवाददाता, मेरठ। कुकुरमुत्ते की तरह शहर के बाहर खेतों में उग रही अवैध कालोनियों पर मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) खानापूर्ति वाली कार्रवाई करता रहा है। कभी किसी की दीवार गिरा दी तो किसी की सड़क ध्वस्त कर दी, फाइलों में कार्रवाई भी हो गई और कॉलोनी का बचाव भी हो गया।

    एक तरफ मेडा की कार्रवाई प्रतिदिन दिखाई दे रही है और दूसरी तरफ अवैध कॉलोनियों भी तेजी से विकसित हो रही हैं। यही कारण है कि सुप्रीम कोर्ट ने अब शहर के बाहरी क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने लावड़ रोड पर उल्देपुर गांव में विकसित हुई कॉलोनियों का विशेष रूप से उल्लेख भी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने आवास विकास विभाग के प्रमुख सचिव पी. गुरुप्रसाद से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है।

    सुप्रीम कोर्ट ने आवास विकास परिषद की कॉलोनी शास्त्रीनगर से संबंधित प्रकरण की सुनवाई के दौरान उल्देपुर में अवैध रूप से विकसित हो रही कालाेनियाें और बन रहे मकानों का जिक्र किया है। आदेश में लिखा गया है कि 'परिषद के चेयरमैन गुरुप्रसाद से यह भी चाहते हैं कि वह पता लगाएं कि क्या मेरठ शहर के बाहरी इलाके में, खासकर उल्देपुर नाम की जगह पर, कोई रिहायशी या कच्चे घर गैर-कानूनी तरीके से बनाए गए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील भी इस मामले में जानकारी जुटाएंगे और हमारी मदद करेंगे। हमें इस बारे में भी एक रिपोर्ट चाहिए।'

    इसका मतलब है कि शहर के बाहरी क्षेत्रों में विकसित की जा रही अवैध कालोनियों को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती करने का आदेश दिया है। गौरतलब है कि शहर में बड़ी संख्या में कॉलोनियां हैं लेकिन मेडा के अभिलेख में सिर्फ 285 कॉलोनियां ही ऐसी हैं जिनका मानचित्र स्वीकृत है।

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    119वें कॉलोनियां हैं जो पुराने शहर में अवैध रूप विकसित हुईं लेकिन मेडा ने उसका नियमितीकरण करके वैध की श्रेणी में डाला है। अवैध कॉलोनियों में सिर्फ 386 कॉलोनियां ही दर्ज हैं।

    मेडा के उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए कार्रवाई की जाएगी। उन्हाेंने कहा कि लावड़ रोड पर उल्देपुर में भी अवैध कालोनियों पर कई बार लगातार कार्रवाई की गई है। कार्रवाई फिर जारी रहेगी।

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